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18 हाथियों के दल को ग्रामीणों ने घेरा, गुलेल मारकर भड़का रहे, भगाने के लिए जंगल में लगा दी आग

प्रतीकात्मक फोटो

जशपुरनगर (एजेंसी) | बादलखोल अभयारण्य से निकलकर 18 हाथियों का दल सोमवार की रात को साहीडांड़ गांव की ओर पहुंच गया। रात में गांव के लोगों ने इस दल को खदेड़कर मैना पहाड़ पर चढ़ा दिया। सुबह से हाथियों का यह दल ग्राम कलिया बस्ती के नजदीक से गुजरते हुए गायलूंगा गांव के पास डेरा जमाए हुए हैं। बाद में लोगो ने जांगले में आग लगा दी।

हाथियों के दल के आने से तीन गांव कलिया, बुटुंगा और गायलुंगा के लोग डरे हुए हैं। तीनों ही गांव के ग्रामीण हाथियों को जंगल में चारों तरफ से घेरे हुए है। गांव वाले इस कोशिश में लगे हैं कि हाथी इस जंगल से निकलकर उनके गांव की ओर ना बढ़ें। ऐसी स्थिति में हाथियों को गायलूंगा के जंगल से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है।

गांव वाले हाथियों को भड़का रहे

हाथियों को ग्रामीणों द्वारा चारों ओर से घेरे जाने के कारण वे मंगलवार दोपहर 12 बजे तक जंगल में ही बने हुए थे। ग्रामीण हाथियों के साथ खतरनाक खेल भी खेल रहे थे। इसकी सूचना पाकर वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच चुके हैं। हाथियों के पास ग्रामीणों की अधिक भीड़ को देखते हुए वन विभाग ने पुलिस की सहायता ली है। पुलिस के जवानों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल रखा है। पुलिस ग्रामीणों की भीड़ को हाथियों के पास जाने से रोक रही है। पर जंगल के बाहर से ग्रामीणों को हटाकर हाथियों के लिए रास्ता बनाना वन विभाग के लिए अभी भी कड़ी चुनौती बनी हुई है।

जंगल के चारों ओर बस्ती

दरअसल गायलूंगा एक ऐसा जंगल है जिसके चारों ओर ग्रामीण बस्तियां है। हाथी किसी भी दिशा में निकले तो किसी ना किसी बस्ती में घुसेगा या फिर बस्ती के नजदीक से निकलेगा। इसलिए ग्रामीण अपने जान माल की सुरक्षा को लेकर तैनात हो गए हैं।

जंगल में लगा दी है आग

ग्रामीणों ने हाथियों को खदेड़ने के लिए एक ओर से जंगल में आग लगा दी है। ऐसे में हाथी भड़क सकते हैं। अब ग्रामीणों की भीड़ को खदेड़ने के साथ वन विभाग के पास सबसे बड़ी चुनौती आग को बुझाना है। पर आग बुझाने के लिए कोई जंगल में घुसे भी तो कैसे क्योंकि इसी जंगल में हाथी भी हैं।

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