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खुदाई में मिली 2 हजार साल पुरानी कृष्ण-बलराम और लज्जा गाैरी मूर्ति

जमराव में की गई खुदाई में मिली कृष्ण-बलराम और भगवान शंकर की मूर्ति।

आरंग (एजेंसी) | शहर से महज 40 किलोमीटर के दायरे में दो जगहों पर हुई खुदाई में हजारों साल पुराने अवशेष मिले हैं। संस्कृति और पुरातत्व विभाग की ओर से शहर से 30 किलोमीटर दूर महादेव घाट के आगे जमराव गांव और 40 किलोमीटर दूर आरंग रोड में रीवां गांव में उत्खनन किया जा रहा है। जमराव में लज्जा गौरी की लगभग 2 हजार साल पुरानी मूर्ति मिली है।

पुरातत्वविदों के अनुसार ये खुदाई में मिली देश की पहली ऐसी मूर्ति है जिसमें माता गौरी के साथ दो शिवलिंग और एक नंदी भी हैं। इसमें माता गौरी भी एक विशिष्ट मुद्रा में हैं। यहां भगवान कृष्ण और बलराम की मूर्तियां, कई सिक्के और दीये जैसी सामग्री भी मिली है। संस्कृति विभाग के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आईं कोलकाता की पुरातत्वविद् डॉ. सुस्मिता बोस मजुमदार, दिल्ली के केके चक्रवर्ती और औरंगाबाद से आए शिवाकांत बाजपेयी ने जमराव और रीवां उत्खनन क्षेत्र में मिले अवशेषों का अध्ययन किया।

विशेषज्ञों ने दावा किया कि अवशेषों से पता चलता है कि जमराव 2 हजार साल पुराना स्थल है। तब यहां पर बस्ती नहीं थी, लेकिन लोग आते-जाते और ठहरते थे।

2 हजार साल पहले कुएं के ऊपरी हिस्से में लगाते थे मिट्‌टी से बनी गोल वस्तु

रीवां में चल रही खुदाई में मिट्टी से बनी ऐसी गोलाकार वस्तु मिली है जो लगभग 2 हजार साल पहले कुआें के ऊपरी हिस्से में लगाई जाती थी। पुरातत्वविद डॉ. एके शर्मा ने बताया कि जिस तरह वर्तमान में कुओं के ऊपरी हिस्से में सीमेंट से गोल घेरा बनाया जाता है, ठीक उसी तरह सालों पहले मिट्‌टी से बनी गोल वस्तु को कुएं पर रखा जाता था, ताकि मिट्टी नीचे न धंसे और पानी साफ रहे।

कुछ विशेषज्ञ इसे मिट्टी को कुएं में गिरने से बचाने के लिए बतौर फिल्टर यूज किए जाने वाली वस्तु मान रहे हैं। वहीं, कुछ इसे आज के समय के वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़कर भी देख रहे हैं।

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