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छत्तीसगढ के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा शुरू, छत्तीसगढ़ी व बस्तरिया व्यजंनो का स्वाद लेने का अवसर

छत्तीसगढ के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा शुरू, छत्तीसगढ़ी व बस्तरिया व्यजंनो का स्वाद लेने का अवसर

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स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में छत्तीसगढ़ी खानपान एवं व्यंजन विक्रय केंन्द्र गढ़ कलेवा का शुभारंभ हुआ। इस केन्द्र के खुलने से नागरिकों को सस्ते दर पर छत्तीसगढ़ी पकवान मिलेगा । इसके अलावा बड़े पैमाने पर मलिाओं को रोजगार मिलेगा । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य के सभी जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार, गौरवपथ, राज्यमार्गों राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप गढ़ कलेवा शुरू करने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री ने मुख्यसचिव को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने कहा था। राज्य शासन के निर्देशानुसार बस्तर जिला मुख्यालय के शहीद पार्क में गढ़कलेवा की शुरूआत 15 अगस्त को स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधियों के द्वारा किया गया। इस गढ़कलेवा में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित बस्तर की स्थानीय व्यंजनों का बिक्री की जा रही है। इस गढ़कलेवा को 15 सद...
छत्तीसगढ़ के कुरदर, सरोधा दादर और धनकुल रिसॉर्ट में जनजातीय संस्कृति से परिचित होंगे पर्यटक

छत्तीसगढ़ के कुरदर, सरोधा दादर और धनकुल रिसॉर्ट में जनजातीय संस्कृति से परिचित होंगे पर्यटक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना- ’’ट्राइबल टूरिज्म सर्किट’’ के तहत कुरदर, सरोधा दादर और धनकुल में रिसॉर्ट बनाए गए हैं। 28.91 करोड़ रूपए से निर्मित तीनों रिसॉर्ट का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा विगत 14 अगस्त को अपने रायपुर निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया है। यहां पर्यटकों को जनजातीय संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। कुरदर हिल ईको रिसॉर्ट का निर्माण 4 करोड़ 69 लाख 45 हजार रूपए से किया गया है। यह बैगा विलेज कुरदर बिलासपुर से 52 किलोमीटर एवं बेलगहना से 12 किलोमीटर की दूरी पर अचानकमार टाईगर रिजर्व से लगी पहाड़ी पर स्थित है। ईको डेस्टीनेशन के रूप में कुरदर को विकसित किया गया है। घनें वनों से अच्छादित छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता और प्रकृति हरियाली की चादर ओढ़े कुरदर हिल ईको रिसॉट पर्यटकों को आकर्षित करती है। ...
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : ट्राइबल टूरिज्म रिसार्ट में दिखेगी जनजातीय संस्कृति, कला और ग्रामीण परिवेश की झलक:

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : ट्राइबल टूरिज्म रिसार्ट में दिखेगी जनजातीय संस्कृति, कला और ग्रामीण परिवेश की झलक:

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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में ट्रायबल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नवनिर्मित तीन रिसार्ट बिलासपुर जिले के कुरदर हिल इको रिसॉर्ट, कबीरधाम जिले के सरोधा दादर बैगा एथनिक रिसॉर्ट और कोण्डागांव जिले में नवनिर्मित धनकुल एथनिक रिसॉर्ट का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ई-लोकार्पण किया। राज्य सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत इन रिसार्टों का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कुरदर, सरोधा दादर और धनकुल के इको-एथनिक रिसॉर्ट का किया ई-लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। आदिवासी कला, संस्कृति और इनके वैभव से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए ’’ट्राइबल टूरिज्म सर्किट’’ का व...
छत्तीसगढ़ की पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक है रामगढ़ : रामायणकाल के मिलते हैं प्रमाण

छत्तीसगढ़ की पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक है रामगढ़ : रामायणकाल के मिलते हैं प्रमाण

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अम्बिकापुर. सृष्टि निर्माता ने छत्तीसगढ़ को अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य से नवाजा है। दक्षिण कौशल का यह क्षेत्र रामायणकालीन संस्कृति का परिचायक रहा है। ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक महत्व की यह स्थली रामगढ़ की पहाड़ी के नाम से जाना जाता है। यह स्थल जिला मुख्यालय अम्बिकापुर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर उदयपुर विकासखण्ड के समीप स्थित है। समुद्र तल से इसकी ऊॅचाई लगभग 3 हजार 202 फीट है। महाकवि कालिदास की अनुपम रचना ‘‘ मेघदूतम’’ की रचना स्थली और विश्व की सर्वाधिक प्राचीनतम् शैल नाट्यशाला के रूप में विख्यात ‘‘रामगढ़’’ पर्वत के साये में इस ऐतिहासिक धरोहर को संजोए रखने और इसके संवर्धन के लिए हर साल आषाढ़ के पहले दिन यहां रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। रामगढ़ पर्वत के निचले शिखर पर स्थित ‘‘सीताबेंगरा’’ और ‘‘जोगीमारा’’ की गुफाएं प्राचीनतम शैल नाट्यशाला के रूप में सर्वाधिक महत्वपूर्ण ह...
वन मंत्री ने किया ’जंगली हाथी से सुरक्षा निर्देशिका’ का विमोचन

वन मंत्री ने किया ’जंगली हाथी से सुरक्षा निर्देशिका’ का विमोचन

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रायपुर. वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में ’जंगली हाथी से सुरक्षा निर्देशिका’ का विमोचन किया। उन्होंने हाथियों से सुरक्षा और जन जागरूकता के लिए इस निर्देशिका के प्रकाशन पर वन विभाग तथा वसुंधरा प्रकृति संरक्षण समिति के संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। वन मंत्री श्री अकबर ने इस अवसर पर कहा कि राजधानी रायपुर के वसुंधरा प्रकृति संरक्षण समिति द्वारा प्रकाशित यह सचित्र निर्देशिका निश्चित रूप से ’मानव-हाथी द्वन्द’ को कम करने में प्रभावी तथा कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान में जंगली हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जन जागरूकता कार्यक्रमों के तहत विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिससे जन- धन तथा फसल हानि को कम किया जा सके। इस सचित्र निर्देशिका में बताया गया है कि हाथी एक बहुत...
विशेष लेख : छत्तीसगढ़ में वाटर-एडवेंचर टूरिज्म की असीम संभावनाएं

विशेष लेख : छत्तीसगढ़ में वाटर-एडवेंचर टूरिज्म की असीम संभावनाएं

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छत्तीसगढ़ में पर्यटन की असीम संभावनाएं है। यहां जंगल, पहाड़, नदी, जलाशय और एतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के अनेक दर्शनीय स्थल है। प्रदेश में लोकल टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के कुशल नेतृत्व में कार्य-योजना तैयार की गयी है। कार्य योजना में छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए वेलनेस टूरिज्म, वाटर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म टूरिज्म को शामिल किया गया है। पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में निजी निवेश एवं ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नयी पर्यटन नीति तैयार की गयी है। छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ में आने वाले 75 स्थलों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में 9 स्थानों-सीतामढ़ी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनाराण...
रायपुर : राम वन गमन पथ के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए इसी महीने होगा काम शुरु

रायपुर : राम वन गमन पथ के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए इसी महीने होगा काम शुरु

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कोरिया से सुकमा तक निर्मित होने वाला राम वन गमन पथ कदम-कदम पर राम-मय होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसमें तीर्थ एवं पर्यटनों स्थलों के द्वार से लेकर लैंप-पोस्ट और बैंच तक के सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राम वन गमन पथ की यात्रा के दौरान पग-पग पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे। राम वन गमन पथ के मुख्य मार्ग सहित उप मार्गाें की कुल लम्बाई लगभग 2260 किलोमीटर है। इस मार्ग के किनारे जगह-जगह संकेतक तीर्थ स्थलों एवं पर्यटनों की जानकारी सहित भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी। वन गमन पथ के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण भी किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के दिलों दिमाग में प्रभु श्रीराम के वनवास का अहसास बना रहे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता वाली राम वन ग...
रायपुर : वनवास काल में माता सीता ने राजिम के संगम में की थी कुल देवता की पूजा-अर्चना

रायपुर : वनवास काल में माता सीता ने राजिम के संगम में की थी कुल देवता की पूजा-अर्चना

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राजिम को छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी के नाम से जाना जाता है। राजिम में महानदी के तट पर राजीव लोचन मंदिर परिसर से लगी सीताबाड़ी है। राजिम को धर्म नगरी और लोक कला संस्कृति का गढ़ कहा जाता है। राजिम में पैरी, सोंढूर और महानदी का पवित्र संगम स्थल त्रिवेणी है। इसी त्रिवेणी संगम स्थल पर कुलेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर है। कुलेश्वर महादेव के संबंध में किवदंती है कि 14 वर्ष के वनवास काल में माता सीता ने संगम स्थल में स्नान कर अपने कुल देवता की नदी के रेत से विग्रह बनाकर पूजा अर्चना की थी। इसी कारण उनका नाम कुलेश्वर महादेव है। राजिम छत्तीसगढ़ के लिए जन आस्था का केन्द्र है। यहां प्रतिवर्ष माघी पुन्नी मेला से महाशिवरात्रि तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यहां देश विदेश से साधु-संतों एवं दर्शनार्थियों का शुभागमन होता है। कुलेश्वर महादेव मंदिर के समीप लोमश ऋषि का आश्रम है। उसी के समीप एक माह त...
सुकमा : छत्तीसगढ़ के रामेश्वरम रामपाल को भी संवारेगी राज्य सरकार, पर्यटन एवं रोजगार की नयी संभावनाएं होंगी निर्मित

सुकमा : छत्तीसगढ़ के रामेश्वरम रामपाल को भी संवारेगी राज्य सरकार, पर्यटन एवं रोजगार की नयी संभावनाएं होंगी निर्मित

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सुकमा. लंका कूच से पहले जिस तरह रामेश्वरम् में भगवान श्रीराम ने शिवलिंग स्थापित कर पूजा-अर्चना की थी, उसी तरह उत्तर से दक्षिण भारत में प्रवेश से पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ के रामपाल नाम की जगह में भी शिवलिंग स्थापित कर आराधना की थी। रामपाल बस्तर जिले में स्थित है, जहां प्रभु राम द्वारा स्थापित शिवलिंग आज भी विद्यमान है। दक्षिण प्रवेश से पूर्व प्रभु राम ने रामपाल के बाद सुकमा जिले के रामाराम में भूदेवी की आराधना की थी। छत्तीसगढ़ शासन ने अब दोनों स्थानों को भी अपने नये पर्यटन सर्किट में शामिल कर उनके सौंदर्यीकरण और विकास की योजना तैयार कर ली है। छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन सर्किट बढ़िया सड़क मार्ग समेत तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ उन स्थानों को आपस में जोड़ेगा, जहां से प्रभु श्रीराम अपने वनवास के दौरान या तो गुजरे थे या फिर प्रवास किया था। प्रदेश में प्रभु श्रीराम के वन गमन पथ पर पड़ने वा...
रायपुर : परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा कवर्धा के 107 ई-रिक्शा चालकों को 5.35 लाख रूपए की राशि का वितरण

रायपुर : परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा कवर्धा के 107 ई-रिक्शा चालकों को 5.35 लाख रूपए की राशि का वितरण

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रायपुर. वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय से कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण और लॉकडाउन से प्रभावित लोगों को सीधी मदद पहुंचाते हुए कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 107 ई-रिक्शा चालकों को 5 लाख 35 हजार रूपए की राशि का चेक विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से वितरित किया। इनमें जनपद पंचायत कवर्धा में 90 और बोड़ला जनपद पंचायत में 17 ई-रिक्शा चालकों में से प्रत्येक को पांच-पांच हजार रूपए का चेक वितरण किया गया। वन मंत्री श्री अकबर द्वारा इससे पहले भी कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत 275 फुटकर (छोटे-छोटे) व्यापारियों को फिर से व्यापार अथवा काम-धंधा शुरू करने के लिए 13 लाख 75 हजार रूपए का चेक प्रदान कर लाभान्वित किया गया है। कोरोना संकट के इस दौर में मंत्री श्री अकबर द्वारा अपने स्वेच्छा अनुदान मद से अब तक 382 जरूरतमंद लोगों को 19 लाख ...