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बस्तर: पुलिस कैंप का विरोध फिर हुआ शुरू, दिल जीतने घायल किसान का जवानों ने इलाज किया

बस्तर: पुलिस कैंप का विरोध फिर हुआ शुरू, दिल जीतने घायल किसान का जवानों ने इलाज किया

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दंतेवाड़ा (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा के गांव पोटाली में एक बार फिर से सुरक्षा बल के कैंप का विरोध किया जा रहा है। शनिवार को सैकड़ो की संख्या में पोटाली बाजार स्थल में ग्रामीण जमा हुए और नारेबाजी की । ग्रामीणों ने दावा किया कि पोटाली की जिस जमीन पर कैम्प खोला गया है उस जमीन पर ग्रामीणों का अधिकार है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक कैंप नहीं हटेगा विरोध जारी रहेगा। सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी भी इस विरोध में शामिल होने पहुंची। इस विरोध को लेकर पुलिस का मत है कि क्षेत्र में नजूल भूमि पर कैंप बनाया गया है, यह विरोध नक्सलियों के इशारे पर हो रहा है। इसके अलावा दवाओं और जरूरी सामानों को ग्रामीणों में बांटकर फोर्स ग्रामीणों का दिल जीतने की कोशिश कर रही है। कोर्ट जाने की तैयारी कैंप का विरोध कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंची सोनी सोरी ने कहा यह विरोध जारी रहेगा। कैंप, बिना
दंतेवाड़ा : 28 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सरेंडर कर चुके साथी की अपील से हुए प्रभावित

दंतेवाड़ा : 28 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सरेंडर कर चुके साथी की अपील से हुए प्रभावित

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दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा में एक दो नहीं बल्कि पूरे 28 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें से कुछ नक्सलियों के ग्रामीणों के बीच रहकर मदद किया करते थे। कुछ काम पुलिस पर हमले की प्लानिंग करना था। सरेंडर करने वालों में 4 इनामी नक्सली भी शामिल हैं। इनकी पुलिस को लंबे अरसे से तलाश थी। इनमें दो लाख का इनामी मंगलू मड़कामी और एक-एक लाख इनाम वाले वामन कवासी, हांदा और  पोडियामी गंगी शामिल है। कटेकल्याण इलाके में ग्रामीणों को डराकर रखने वाले नक्सली  हड़मा मंडावी ने 4 दिन पहले सरेंडर किया था। सरेंडर के बाद वह ग्रामीणों के बीच गया। उसने बताया कि नक्सलियों को जीवन बेहद बद्तर है। वह किसी का भला नहीं करते। गांव में हड़मा ने गोंडी बोली में भाषण दिया , नक्सलवाद की सच्चाई व सरकार की नीतियां बताईं, आग्रह किया कि जो भी मुख्य धारा से भटकें हैं मेरी तरह लौट आएं। इसके बाद इस क्षेत्र म
छत्तीसगढ़: अनुच्छेद 370 हटाने के विरोध में नक्सलियों ने पर्चे फेंके, आरएसएस कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी

छत्तीसगढ़: अनुच्छेद 370 हटाने के विरोध में नक्सलियों ने पर्चे फेंके, आरएसएस कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी

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कांकेर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में मंगलवार देर रात नक्सलियों ने पूर्व सरपंच और आरएसएस कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी। नक्सलियों ने पहले संघ से जुड़े दादू राम कोरटिया (40) को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया और फिर गोली मार दी। घटना दुर्गुकोंदल के कोंडेगांव की है। एसपी कन्हैयालाल ध्रुव ने इसकी पुष्टि की है। संघ कार्यकर्ता को आदिवासी विरोधी बताया जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 10.30 बजे 20-25 हथियारबंद नक्सली दादू राम के घर आए। उन्होंने दादू राम को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया। बाहर निकलते ही उन पर पहले कुल्हाड़ी से वार किया और फिर गोली मार दी। इसके बाद नक्सली वहां पर पर्चा फेंककर चले गए। घटना के समय घर पर दादू राम की पत्नी मौजूद थीं। कश्मीर मुद्दे पर भाजपा, संघ को धमकी दी नक्सलियों ने पर्चे में कश्मीर मुद्दे पर भाजपा, आरएसएस को धमकी दी है। इसमें लिखा ह
जवानो के साथ मुठभेड़ के दौरान भाग निकले नक्सली, मौके पर मिले खून के धब्बे, भारी मात्रा में सामान छोड़ गए नक्सली

जवानो के साथ मुठभेड़ के दौरान भाग निकले नक्सली, मौके पर मिले खून के धब्बे, भारी मात्रा में सामान छोड़ गए नक्सली

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कवर्धा (एजेंसी) | जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य के ग्राम बकोदा के जंगलों में गुरुवार सुबह पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ हो गई। जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। जवानों को मौके से नक्सलियों द्वारा छोड़ा गया भारी मात्रा में गोला बारूद और अन्य सामान मिले है। वही घटनास्थल पर खून के धब्बे मिले हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कुछ नक्सली घायल भी हो सकते हैं। जवानों का सर्चिंग ऑपरेशन अभी जारी है। उनके लिए एक बैकअप टीम को रवाना किया गया है। दरअसल भोरमदेव अभ्यारण्य के बकोदा गांव के जंगल में एक घंटे तक जवानो और नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई। जब नक्सलियों पर जवान भरी पड़ने लगे तो नक्सली भारी मात्रा में अपना सामान छोड़कर भाग गए। जिसके बाद पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन जारी कर दिया है। एहतियात के तौर पर बैकअप टीम को भी रवाना किया गया है। एक घंटे तक दोनों ओर से होती रही रुक-रुक