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नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के दक्षिण वनांचल की आदि परंपरा में शामिल है सोशल डिस्टेंसिंग, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है

नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के दक्षिण वनांचल की आदि परंपरा में शामिल है सोशल डिस्टेंसिंग, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है

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नारायणपुर. पूरी दुनिया कोविड-19 की महामारी से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कर रही है। लेकिन तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उड़िसा एवं महाराष्ट्र की सरहदों से घिरा तथा लोक संस्कृतियों और सामाजिक परंपराओं का जीवन्त उदाहरण रहा छत्तीसगढ़ का दक्षिण वनांचल बस्तऱ क्षेत्र इस मामले में पुरातन काल से आगे रहा है। वनांचलों में प्रकृति के आँगन में दूर-दूर निवास का चलन आज भी प्रकृति के उपहारों से घिरा समूचे बस्तर क्षेत्र में उन्मुक्त प्राकृतिक परिवेश के बीच दूर-दूर घरों में निवास का चलन वनांचल क्षेत्र में पुरातन काल से चली आ रही परंपरा का अहम् हिस्सा है, जो वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) के वैश्विक संदेश का पुरातन संकेत दर्शा रहा है। इस परम्परा के तहत अबूझमाड़िया जनजाति बाहुल्य क्षेत्र नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में निवास करने वाले जनजाति वर्ग के परिवार प...
नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा अउ बाड़ी : ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियाँ शुरू

नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा अउ बाड़ी : ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियाँ शुरू

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नारायणपुर. छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बावजूद यहां के मूल निवासी एवं रहवासियों को विकास का वो लाभ नहीं मिल सका, जिनके वे असली हकदार थे। गिरता हुआ भू-जल स्तर, खेती में लागत की बढ़ोत्तरी, मवेशियों के लिए चारा संकट आदि ने स्थिति को और भयावह बना दिया। साल 2019 के अंतिम माह में नई सरकार के गठन के बाद से यह छत्तीसगढ़ इस कदर बदला है कि गांधी के सिद्धांतों पर चलने लगा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की बागडोर संभालते ही नारा दिया- छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा अउ बाड़ी एला बचाना हे संगवारी (छत्तीसगढ़ की पहचान के लिए चार चिन्ह हैं, नरवा (नाला), गरवा (पशु एवं गौठान), घुरवा (उर्वरक) एवं बाड़ी (बगीचा), इनका संरक्षण आवश्यक है। इस योजना के माध्यम से भूजल रिचार्ज, सिंचाई और आर्गेनिक खेती में मदद, किसान को दोहरी फसल लेने में आसानी हुई। पशुओं की उचित देखभाल सुनिश्चित हो सकी। परंपरागत कि...
नारायणपुर : गांव की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति में आएगी तेज़ी : पक्की सड़क बन कर तैयार

नारायणपुर : गांव की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति में आएगी तेज़ी : पक्की सड़क बन कर तैयार

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नारायणपुर. गांव की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति की कल्पना बिना अच्छी सड़कों के करना संभव नहीं है। इसलिये आवश्यक है कि प्रत्येक गांव को बारामासी सड़कों से जोड़ा जावे। नारायणपुर जिले के ग्राम बेडमाकोट से कोटूलपारा तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क का काम लगभग पूरा हो गया है। यह सडक़ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन कर तैयार हुई है। कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. राठौर ने जानकारी दी कि यह सड़क 1.4 किलोमीटर लम्बी है। इस पर लगभग 90 लाख रूपए की लागत आयी है। बता दें कि कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा ने भी इस सड़क का अभी हाल में ही अवलोकन किया था और जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। सड़क बन जाने से सबसे बड़ा फायदा गांवों को होगा। जहां छोटे किसान शहरों से सीधे जुड़ सकेंगे और अपनी फसल बेच पायेंगे। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में सड़कों को सही रखना यानि अगर किसी तरह से सड़क खराब होती है तो उसकी भी समय प...
नारायणपुर : बिजली कर्मवीरों को भी याद करने का समय : हम बैठे घरों में वह 24 घंटे पहुंचा रहे बिजली

नारायणपुर : बिजली कर्मवीरों को भी याद करने का समय : हम बैठे घरों में वह 24 घंटे पहुंचा रहे बिजली

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नारायणपुर। लॉकडाउन के दौरान नारायणपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शहरवासियों और ग्रामीणवासियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसलिए सभी जरूरत का ख्याल रखते हुए उन्हें आवश्यक सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है, ताकि जरूरी सेवाओं में किसी प्रकार की अड़चन न आये और जनता को किसी प्रकार कि दिक्कत या परेशानी न उठानी पड़े। आज के हालात में जब सब तरफ चिकित्सक, नर्सिग सेवा, पुलिस सेवाओं के लिए सराहा जा रहा है जो कि सही भी है और जरूरी भी है, लेकिन क्या कभी किसी ने या आपने सोचा है कि इस बीच एक अमलां/तबका ऐसा भी है जो हर प्राकृतिक आपदा या वर्तमान हालात में भी चुपचाप अपना काम बेहतर तरीके से कर रहा है और किसी को इसकी भनक भी नहीं है। हम जब घर में बैठे है तब क्या आपने सेचा है कि आपके घर में बिजली कैसे बराबर आ रही है, कौन लोग इसे सुचारू रूप से संचालित कर रहे है, जिससे अस्पताल, कार्यालय, इन्टरनेट और सब कुछ ठीक-ठाक त...
नारायणपुर : मानवता की दूत बनकर कार्य कर रही हैं बस्तर की महिलाएं बिना मुनाफे पर बेच रही फल और सब्जियां

नारायणपुर : मानवता की दूत बनकर कार्य कर रही हैं बस्तर की महिलाएं बिना मुनाफे पर बेच रही फल और सब्जियां

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नारायणपुर। पूरी दुनिया सहित भारत देश में जहां कोराना वायरस की रोकथाम व नियंत्रण के लिए लोग एक जुटता के साथ खड़े है। वहीं नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर की ग्रामीण महिलाओं के साथ ही संतोषी स्वसहायता समूह की ग्राम बेनूर की सुश्री आसमती और छोटेडोंगर की रोशनी महिला स्व सहायता समूह की सुश्री पूर्णे आदिवासी महिलाएं ‘‘नो प्रॉफिट नो लॉस‘‘ पर फल और सब्जियां बेच रही हैं। ये महिलायें मानवता के दूत की तरह कार्य कर रही हैं। लॉकडाउन के कारण स्थानीय हॉट-बाजार बंद होने से ग्रामीणों को फल-सब्जी आदि की दिक्कत हो रही थी। खासकर बुजुर्ग और अन्य रोग से पीड़ित व्यक्तियों को। नारायणपुर सहित बस्तर के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में जरूरी समान खरीदने का एक मात्र स्थान होता है। केवल साप्ताहिक हॉट-बाजार, जो कि अभी बंद है। इसके लिए स्थानीय स्वसहायता समूह की आदिवासी ग्रामीण महिलाएं आगे आयी। लोगों की रोजमर्रा की जरूरत की...
नारायणपुर : जरूरतमंदो की मदद के लिए बढ़ रहे हाथ : समाजसेवी संस्था साथी आयी आगे, सौंपी हरी सब्ज़ी

नारायणपुर : जरूरतमंदो की मदद के लिए बढ़ रहे हाथ : समाजसेवी संस्था साथी आयी आगे, सौंपी हरी सब्ज़ी

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नारायणपुर. लॉकडाउन के कारण कलेक्टर श्री पी एस एल्मा द्वारा आम नागरिक एवं संस्थाओ से जिले में दिहाड़ी मजदूरों तथा जरूरतमंद लोगों की आगे आकर मदद की अपील की गई है। इस कार्य में ज़िले के व्यावसायियों, नागरिकों और समाजसेवी संस्थाओं का पूरा सहयोग मिला है। समाजसेवी संस्था साथी के सहयोग से इस ज़िले के किसानो के साथ पड़ोसी ज़िले के किसान भी जरूरतमंदो की मदद कर रहे है। आज कोंडागाँव कुम्हारपारा के किसानों ने लगभग 12 क्विंटल हरी सब्ज़ी सौंपी. जिसमें, लौकी, डोड़का, टिंडा, करेला, बरबट्टी, बैंगन और मिर्च, टमाटर भी थे। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। उन जरूरतमंद लोगों के लिए भी राशन की व्यवस्था हर ग्राम पंचायत में दो क्विंटल चावल और दाल उपलब्ध कराई गई है। जिसका वितरण ज़रूरतमंद गाँववासियो को किया जा रहा है । जिला प्रशासन द्वारा जिले में निवासरत दिहाड़ी मजदूरों तथा जरूरतमंद लोगों तक...
नारायणपुर : सौर सुजला योजना से लाभान्वित हो रहे नारायणपुर के किसान

नारायणपुर : सौर सुजला योजना से लाभान्वित हो रहे नारायणपुर के किसान

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नारायणपुर. वर्तमान समय में बढ़ते तापमान एवं परम्परागत संसाधनों की कमियों को दूर करने एवं किसानों को गैर परम्परागत संसाधनों की ओर बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण उपाय सौर सुजला योजना के अंतर्गत दिया जाने वाला सोलर पंप है। जिसमें सौर उर्जा के माध्यम से किसानों द्वारा सिंचाई कार्य किया जा रहा है। जिले के बिजली विहीन क्षेत्रों के लिए सौर ऊर्जा वरदान बनी हुई है। जिले के ग्राम बेनूर निवासी आदिवासी किसान श्री पांडूराम के खेत में बिजली हो या न हो, उसको कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उसके खेत में सिंचाई सौर ऊर्जा से चलित सोलर पंप से हो रही है। श्री पांडूराम के पास 3 एकड़ जमीन है। सिंचाई के लिए उसके खेत में अन्य साधन नही है। पहले अन्य कई हिस्सों की तरह इस क्षेत्र में भी बिजली नहीं थी। इसलिए वह परम्परागत किंतु अधिक मेहनत वाले साधन से सिंचाई करता था, जिस पर बहुत ज्यादा खर्च भी होता था और मेहनत भी लगता था। वह सिर...
पोषण पखवाड़ा: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव, घर-घर जाकर पोषण का दे रही संदेश, विविध कार्यक्रमों के जरिए लोगों को किया जा रहा जागरूक

पोषण पखवाड़ा: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव, घर-घर जाकर पोषण का दे रही संदेश, विविध कार्यक्रमों के जरिए लोगों को किया जा रहा जागरूक

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नारायणपुर | नारायणपुर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बीती 8 तारीख से बच्चों में कुपोषण की कमी लाने के लिए पोषण पखवाड़े की शुरूआत हो गई है। इस कार्यक्रम के तहत आगंनबाड़ी कार्यकताओं द्वारा ग्राम खोड़गांव, बखरूपारा, केरलापाल आदि ग्रामों में घर-घर जाकर महिला और पुरूषों से मिली और उन्हें बच्चों को सुपोषित आहार देने की समझाईश दी। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के वजन लेने और बच्चों को साफ-सफाई के साथ रहने सहित हाथ धोकर भोजन-आहार लेने को कहा। इस दौरान टीकाकरण दिवस भी मनाया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन के द्वारा उपस्थित बच्चों का वजन लिया गया। जागरूकता के लिए दीवारों पर नारे भी लिखे गए। पोषण पखवाड़ा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से किया जा रहा है, यह कार्यक्रम 8 मार्च से 22 मार्च तक चलेगा। इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं के साथ-साथ पुरूषों को भी विशेष रूप से सुपोषण क...
नारायणपुर : बच्चों को मिले सही पोषण, हम सबकी जिम्मेदारी

नारायणपुर : बच्चों को मिले सही पोषण, हम सबकी जिम्मेदारी

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नारायणपुर. आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में नन्ने-मुन्ने बच्चों से हंसी-ठिठोली कर स्नेह से बच्चों का दिल जीता जा रहा है। कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा ने ऐसी अभिनव पहल की है, जिससे बच्चें भी खुलकर कलेक्टर से बात कर रहे है। समय-समय पर उनके हाथों से मिले उपहार से तो वे खुशी से फूले नहीं समाते। कई बार ऐसा मौका भी आया है जब उन्होंने बच्चों से कविता सुनी और प्रोत्साहन स्वरूप उन्होंने किताबे और फल दिए। जिले में सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की पूरे विधि-विधान से गोदभराई रस्म की जाती है। इसके बाद छह माह की आयु पूरे कर चुके बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राषन भी कराया जाता है। इस आत्मीयता से महिलाएं और बच्चें मंत्रगुग्ध है। यह कहने या बताने की बात नहीं, हम सब जानते है कि बच्चें देश का भविष्य होते हैं। उन्हें सही पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा मिले, ये सुनश्चिित करना हम सभी की जिम्मेद...
नारायणपुर : नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड, एक जवान घायल, दंतेवाड़ा में भी फायरिंग

नारायणपुर : नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड, एक जवान घायल, दंतेवाड़ा में भी फायरिंग

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दंतेवाड़ा. जिले के बैलाडीला पहाड़ के पीछे बासागुड़ा और गंगालूर के जंगलों में सुबह से गोलियों की आवाजों से स्थानीय ग्रामीण डरे हुए हैं। यहां पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है । फिल्हाल आई जानकारी के मुताबिक मशहूर नक्सली लीडर पापाराव की टीम के साथ यह मुठभेड़ हो रही है। पिछले दो दिनों से इस इलाके में पुलिस और माओवादियों के बीच  झड़प चल रही है। इस क्षेत्र में दंतेवाड़ा और बीजापुर पुलिस संयुक्त एन्टी नक्सल ऑपरेशन चला रही है । स्पाइक होल का जाल  एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि नक्सल ऑपरेशन में दन्तेवाड़ा जिले के 500 जवान व बीजपुर के जवानों द्वारा सयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा है। दूसरी तरफ जिले के कुआकोंडा ब्लॉक के अरनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पोटाली कैम्प के आस-पास जवानों ने नक्सलियों के लगाए स्पाईक होल्स भी बरामद किए हैं। इनमें नक्सली जवानों की आवाजाही वाले रास्ते में गड्‌ढे बनाकर उसमें...