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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल – ISRO द्वारा वर्ष 2020 के पहले मिशन संचार उपग्रह GSAT-30 के सफलता पूर्वक प्रक्षेपण पर वैज्ञानिकों को बधाई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल – ISRO द्वारा वर्ष 2020 के पहले मिशन संचार उपग्रह GSAT-30 के सफलता पूर्वक प्रक्षेपण पर वैज्ञानिकों को बधाई

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसरो (आईएसआरओ) द्वारा वर्ष 2020 के पहले मिशन संचार उपग्रह जीसैट-30 के सफलता पूर्वक प्रक्षेपण पर वैज्ञानिकों एवं उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं दी है। यह सैटेलाइट टेलीविजन अपलिंकिंग, डिजिटल सैटेलाइट खबर संग्रहण (डीएसएनजी), डीटीएच सैटेलाइट टीवी प्रसारण तथा टेली कम्युनिकेशन के क्षेत्र में विभिन्न कार्य करेगी । संचार उपग्रह जीसैट-30 को इसरो द्वारा शुक्रवार सुबह 2.35 बजे फ्रेंच गुआना के कौरू स्थित स्पेस सेन्टर युरोपियन रॉकेट एरियन 5-वीटी 252 से लॉन्च किया गया। ISRO द्वारा वर्ष 2020 के पहले मिशन संचार उपग्रह #GSAT-30 के सफलता पूर्वक प्रक्षेपण पर वैज्ञानिकों एवं उनकी पूरी टीम को ढेरों शुभकामनाएं एवं बधाई।🇮🇳 https://t.co/gIkmSeaDlf — Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) January 17, 2020 ...
इसरो(ISRO) : अगले साल तक लॉन्च होगा चंद्रयान-3, गगनयान के लिए चुने गए 4 अंतरिक्ष यात्री – के. सिवन, इसरो चीफ

इसरो(ISRO) : अगले साल तक लॉन्च होगा चंद्रयान-3, गगनयान के लिए चुने गए 4 अंतरिक्ष यात्री – के. सिवन, इसरो चीफ

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बेंगलुरु: ISRO ने बुधवार को ऐलान किया कि चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग अगले साल हो सकती है। साथ ही, महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम के लिए भी भारतीय वायुसेना से 4 अंतरिक्ष यात्रियों को चयनित किया गया है और जल्द ही रूस में उनकी ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। हालांकि, एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि भारत 2020 में चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण करेगा। इसरो प्रमुख के. सिवन ने कहा है कि तीसरे चंद्रयान मिशन को सरकार की मंजूरी मिल गई है और इससे संबंधित सभी गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही हैं। ‘चंद्रयान-3 मिशन पर खर्च होंगे 250 करोड़ रुपये’ सिवन ने कहा कि इसमें पहले की तरह लैंडर, रोवर और एक ‘प्रोपल्शन मॉड्यूल’ होगा। सिवन ने कहा कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण अगले साल तक जा सकता है। इसरो चीफ ने कहा कि चंद्रयान-3 और मिशन गगनयान, दोनों का काम एक साथ चल रहा है। गगनयान मानव को अंतरिक्ष में ले...
चंद्रयान-2: आज रात इस तरह उतरेगा चांद पर चंद्रयान, दक्षिणी ध्रुव की सतह पर यान उतारने वाला भारत बनेगा पहला देश

चंद्रयान-2: आज रात इस तरह उतरेगा चांद पर चंद्रयान, दक्षिणी ध्रुव की सतह पर यान उतारने वाला भारत बनेगा पहला देश

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नई दिल्ली (एजेंसी) | चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 1.30 से 2.30 बजे के बीच चांद के दक्षिण ध्रुव पर उतरेगा। विक्रम में से रोवर प्रज्ञान सुबह 5.30 से 6.30 के बीच बाहर आएगा। प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर एक लूनर डे (चांद का एक दिन) में ही कई प्रयोग करेगा। चांद का एक दिन धरती के 14 दिन के बराबर होता है। हालांकि, चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगा रहा ऑर्बिटर एक साल तक मिशन पर काम करता रहेगा। अगर लैंडर विक्रम चंद्रमा की ऐसी सतह पर उतरता है जहां 12 डिग्री से ज्यादा का ढलान है तो उसके पलटने का खतरा रहेगा। चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के उतरने की घटना का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसरो मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। मोदी के साथ स्पेस क्विज जीतने वाले देशभर के 60 बच्चे और उनके माता-पिता को भी इसरो ने आमंत्रित किया है। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस के यान...
Chandrayaan-2 Launching: चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक हुआ लॉन्च, PM मोदी ने दी बधाई

Chandrayaan-2 Launching: चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक हुआ लॉन्च, PM मोदी ने दी बधाई

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चेन्नई (एजेंसी) | भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इतिहास रचते हुए अंतरिक्ष में एक बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। इसरो का "बाहुबली" रॉकेट GSLV Mk-III अपने साथ चंद्रयान-2 को लेकर उड़ान भर चुका है। इसका प्रक्षेपण 2 बजकर 43 मिनट पर हुआ। चंद्रयान 2 की सफल लॉन्चिंग के बाद देश दुनिया से इसरो को बधाई मिल रही है। लोकसभा में भी स्पीकर ओम बिरला ने भी सदन में इस सफल लॉन्च की घोषणा करते हुए वैज्ञानिकों को बधाई दी। #ISRO#GSLVMkIII-M1 lifts-off from Sriharikota carrying #Chandrayaan2 Our updates will continue. pic.twitter.com/oNQo3LB38S — ISRO (@isro) July 22, 2019 इसरो के इस सफल मिशन के लिए राष्ट्रपति कोविंद, प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश मुख्यमंत्री बघेल समेत कईं बड़े नेताओं ने इसरो और देश को इस सफल लॉन्च पर बधाई दी है। इसरो प्रमुख के सीवान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि यह चांद और इसके दक...
अंतरिक्ष से भी दिखाई देती है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, अमेरिकी सैटेलाइट ने जारी की तस्वीर

अंतरिक्ष से भी दिखाई देती है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, अमेरिकी सैटेलाइट ने जारी की तस्वीर

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नेशनल न्यूज़ (एजेंसी) | गुजरात के अहमदाबाद में नर्मदा नदी के किनारे बनी दुनिया की सबसे ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अंतरिक्ष से भी साफ दिखाई देती है। अमेरिका के कमर्शियल सैटेलाइट नेटवर्क- प्लैनेट ने शुक्रवार को 182 मीटर (597 फीट) ऊंची प्रतिमा की अंतरिक्ष से ली गई एक फोटो ट्वीट की। तस्वीर 15 नवंबर को खींची गई थी। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की फोटो जारी करने वाली अमेरिकी कंपनी स्काईलैब है। 2017 में इसरो ने एक साथ 104 सैटेलाइट लॉन्च करने का कीर्तिमान बनाया था। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इसी के साथ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी उन कुछ मानव निर्मित संरचनाओं में से है, जो पृथ्वी के ऊपर से भी दिखाई देते हैं। दुबई के तट पर बना पाम आइलैंड, मिस्र का ग्रेट पिरामिड ऑफ गीजा समेत दो अन्य मानव निर्मित संरचनाएं हैं जो अंतरिक्ष से दिखाई देती हैं। इसरो से सैटेलाइट लॉन्च करवा चु...