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जनता कांग्रेस का सरकार पर आरोप- अपने दल को फायदा पहुंचाने जनता के पैसे का कर रहे दुरुपयोग

जनता कांग्रेस का सरकार पर आरोप- अपने दल को फायदा पहुंचाने जनता के पैसे का कर रहे दुरुपयोग

politics
रायपुर (एजेंसी) | जनता कांग्रेस ने सुकमा एसपी के स्थानांतरण के खिलाफ जनता कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। जनता कांग्रेस सुप्रीमो अजीत जोगी ने जहां अफसरों के बार-बार के ट्रांसफर को उद्योग की संज्ञा देते हुए सरकार की प्रशासनिक दक्षता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस एक्ट और प्रकाश सिंह मुकदमे के फैसले के अनुसार सामान्यतया दो साल के पहले पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए। राज्य शासन और पुलिस प्रशासन को इसका कड़ाई से पालन करना चाहिए। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है। अमित जोगी ने अपने पत्र में लिखा है कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी कांग्रेस की प्रदेश सरकार इसका उल्लंघन कर रही है। आचार संहिता के सभी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक मंत्री के दबाव में राज्य सरकार ने अति-संवेदनशील सुकमा जिले के पुलिस अ
आईपीएस जीतेंद्र शुक्ला ने अपने तबादले को अवांछित और अप्रत्याशित बताते हुए सोशल मीडिया में कहा, गुड बाय सुकमा कहने का समय आ गया है।”

आईपीएस जीतेंद्र शुक्ला ने अपने तबादले को अवांछित और अप्रत्याशित बताते हुए सोशल मीडिया में कहा, गुड बाय सुकमा कहने का समय आ गया है।”

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रायपुर (एजेंसी) | आईपीएस अफसर जितेंद्र शुक्ला ने खुद को एसपी सुकमा के पद से हटाए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली है। शुक्ला ने पोस्ट में अपने ट्रांसफर की ओर इशारा करते हुए भूपेश सरकार के फैसले को अप्रत्याशित और अवांछित बताते हुए लिखा है कि अलविदा सुकमा। रविवार को किए गए इस पोस्ट में शुक्ला ने बस्तर पोस्टिंग और वहां मिली चुनौतियों का जिक्र किया है। सूत्रों के अमुसार प्रभारी मंत्री कवासी लखमा के कहने पर तत्कालीन सुकमा एसपी जितेंद्र शुक्ला ने एक टीआई का ट्रांसफर नहीं किया था। इसकी परिणति में शुक्ला का ट्रांसफर हो गया। प्रदेश में नई सरकार आने के बाद हुए तबादलों में यह पहला मौका है जिसमें किसी आईपीएस अफसर ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार के फैसले का विरोध किया है। शुक्ला ने ये लिखा अपनी पोस्ट में अवांछित और अप्रत्याशित... लेकिन अब ये कहने का समय आ गया है... अलविदा बस्त