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सरकार के साथ बैठक में शामिल नहीं होगी भाजपा, भाजपा प्रवक्ता ने कहा- नहीं मिला कोई आमंत्रण

सरकार के साथ बैठक में शामिल नहीं होगी भाजपा, भाजपा प्रवक्ता ने कहा- नहीं मिला कोई आमंत्रण

chhattisgarh, News
रायपुर (एजेंसी) | धान खरीदी के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन से पहले सीएम भूपेश बघेल ने बड़ा दांव खेलते हुए 5 नवंबर को होने वाली बैठक के लिए बीजेपी व सांसदों को भी बुलाया। दूसरी तरफ बीजेपी सांसदों का दावा है कि इस बारे में हमें कोई सूचना या आमंत्रण नहीं मिला है। इसे जहां कांग्रेस ने बीजेपी का किसान विरोधी रवैया कहा है, वहीं सांसद सुनील सोनी ने नसीहत दी है कि कांग्रेस सरकार राजनीति छोड़कर केंद्र के साथ बेहतर रिश्ते रखे। इससे पहले दिल्ली रवाना होने से पहले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सांसदों को बैठक की जानकारी ही नहीं है। कहां और किस विषय पर बैठक होगी, यह भी नहीं पता है। दरअसल, राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर 2500 रु. प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी और चावल लेने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने ज्यादा चावल लेने से इंकार कर दि
कृषि विभाग ने तैयार किया गेहूं खरीदी का प्लान, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदेगी प्रदेश सरकार

कृषि विभाग ने तैयार किया गेहूं खरीदी का प्लान, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदेगी प्रदेश सरकार

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रायपुर (एजेंसी) | प्रदेश सरकार अब समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी करेगी। इसके साथ ही एक लाख हेक्टेयर में गेहूं की पैदावार बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल 1.96 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल ली जा रही है। इसमें सरगुजा व बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा गेहूं होता है। पैदावार बढ़ाने के लिए समूह में गेहूं उत्पादन के लिए योजना तैयार किया जा रहा है। कांग्रेस की सरकार बनते ही 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी की गई। इससे बड़ी संख्या में किसान गेहूं या दलहन-तिलहन के बजाय धान की खेती में आ गए हैं। सरकार की मंशा है कि किसान धान के साथ-साथ दूसरी फसल भी लें। यही वजह है कि गेहूं की खेती को प्रमोट करने के लिए समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की तैयारी है। राज्य में सरगुजा-बस्तर संभाग के साथ-साथ बिलासपुर के गौरेला-पेंड्रा, रायगढ़ और कोरबा के कुछ क्षेत्र में गेहूं की खेती होती है। साथ ही, धमतरी और कवर्धा
वन टाइम सेटलमेंट के माध्यम से किसानों को ऋण माफी का मिलेगा लाभ, 65 लाख परिवारों को राशनकार्ड भी दिए जाएंगे

वन टाइम सेटलमेंट के माध्यम से किसानों को ऋण माफी का मिलेगा लाभ, 65 लाख परिवारों को राशनकार्ड भी दिए जाएंगे

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रायपुर (एजेंसी) | सरकार द्वारा फूड फॉर ऑल के तहत राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को राशनकार्ड भी दिए जाएंगे। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी मीडिया को दी। प्रदेशवासियों को फूड फॉर आल स्कीम के तहत राशन कार्ड के दायरे में लाया जाएगा। इसके तहत सभी 65 लाख परिवारों के राशन कार्ड बनेंगे। अभी 58 लाख परिवारों के राशन कार्ड हैं। बाकी 7 लाख नए परिवारों के भी राशन कार्ड बनाए जाएंगे। सामान्य श्रेणी के लोगों को सामान्य श्रेणी (आयकरदाता) और सामान्य श्रेणी (गैर आयकरदाता) का राशन कार्ड जारी होगा। आज महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस दौरान अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय आप सब के साथ साझा कर रहा हूँ। "गढ़बो नवा छत्तीसगढ़" pic.twitter.com/FoNE6ImmVE — Bhupesh Baghel (
पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र ने किसानों की सूची मांगी

पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र ने किसानों की सूची मांगी

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रायपुर (एजेंसी) | किसान सम्मान निधि को लेकर छत्तीसगढ़ के साथ टकराव को देखते हुए केंद्रीय कृषि विभाग ने मुख्य सचिव से हकदार किसानों की सूची पोर्टल पर मांगी है। इस योजना के दायरे में प्रदेश के करीब साढ़े 16 लाख किसान आ रहे हैं। इस साल 24 फरवरी से लागू योजना को राज्य की कांग्रेस सरकार सहमत नहीं है। पहले यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए थी। वह अपने यहां नई योजना लागू करने की बात कहती रही है। इस वजह से राज्य के किसानों को इस केंद्रीय योजना का लाभ नहीं मिल पाया है अब तक। राज्य ने तो पहली योजना का लाभ दिलाने किसानों की सूची भी नहीं भेजी थी। अब मोदी सरकार से किसानों की केटेगरी खत्म कर दी है। अब सभी किसानों को देने की योजना है। इसके बाद केंद्रीय कृषि विभाग ने राज्यों के मान-मनौव्वल के बजाए सीधे अपने पोर्टल पर ही सूची अपलोड करने कहा है ताकि उस आधार पर राशि सीधे किसानों के खाते में जमा की ज
सरकार ने बैंकों को नहीं दिए रुपए, 26,616 किसानों को खेती के लिए नहीं मिल रहा कर्ज

सरकार ने बैंकों को नहीं दिए रुपए, 26,616 किसानों को खेती के लिए नहीं मिल रहा कर्ज

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बिलासपुर (एजेंसी) | खरीफ की खेती शुरू होने वाली है पर किसानों को कर्ज नहीं मिल पर रहा है। जिले में 21 राष्ट्रीयकृत, 9 प्राइवेट और ग्रामीण बैंक हैं जहां 26616 किसानों के लोन अटके हुए हैं। इन्होंने बैंकों से 339.65 करोड़ रुपए कर्ज लिया था। सरकार कर्जमाफी की घोषणा की लेकिन अब तक इन बैंकों को पैसा नहीं दिया। बैंकों ने कर्ज देना तो दूर इन किसानों को डिफाल्टर सूची में डाल दिया है। ऐसे में अब भविष्य में भी किसानों को लोन लेने के रास्ते बंद हो गए हैं। सरकार ने सहकारी बैंक को 436 करोड़, ग्रामीण बैंक को 20 फीसदी रकम ही दी, राष्ट्रीयकृत बैंकों को कुछ नहीं मिला पिछले खरीफ सीजन से पहले जिले के 1 लाख 74 हजार 616 किसानों ने खेती करने के लिए सभी तरह के बैंकों से 820.68 करोड़ रुपए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लिया। इसमें 1 लाख 48 हजार किसानों ने जिला सहकारी एवं केंद्रीय बैंक से 481 करोड़ 3 लाख रुप
क़र्ज़ माफ़ी योजना: अफसरों का दावा, ’63 हजार किसानों के 159 करोड़ रुपए माफ’, जबकि हकीकत में न प्रमाण पत्र मिले और न बैंक खातों में एंट्री

क़र्ज़ माफ़ी योजना: अफसरों का दावा, ’63 हजार किसानों के 159 करोड़ रुपए माफ’, जबकि हकीकत में न प्रमाण पत्र मिले और न बैंक खातों में एंट्री

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रायपुर (एजेंसी) | भूपेश सरकार की किसान क़र्ज़ माफ़ी योजना की जमीनी हकीकत नजर आने लगी है। जहाँ एक और अफसर दावा कर रहे हैं कि चुनाव के पहले जिले के 63 हजार किसानों का 159 करोड़ रुपए का कर्जा माफ कर दिया गया है। वही हकीकत यह है कि किसानों को अभी न तो के ऋण माफी के प्रमाण पत्र बांटे गए हैं और न ही किसानों के बैंक खाते में ऋण माफी वाली राशि की एंट्री की गई है। इससे किसानों को अब बैंकों से लोन लेने में दिक्कत हो रही है। इधर, अफसरों का कहना है कि ऋण माफी के प्रमाण पत्र बांटे जा रहे हैं जिन किसानों को नहीं मिला है, मिल जाएगा पर कब तक मिलेगा, इसका जवाब नहीं है। इसलिए भी किसानों की नाराजगी 7 से 10 दिनों बाद जिले में खरीफ सीजन में बुआई के लिए तैयारी होने लगेगी। किसानों को खाद और बीज की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा खेती किसानी करने के लिए बैंकों से केसीसी लोने की आवश्यकता होगी। यदि इस वक्त तक सोसायटियों क
रात एक बजे तक किया गया ऑडिट 12 हजार किसान ब्लैक लिस्ट से हटे

रात एक बजे तक किया गया ऑडिट 12 हजार किसान ब्लैक लिस्ट से हटे

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रायपुर (एजेंसी) | ऋण अदायगी के बाद भी जिले के हजारों किसानों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया था। इसकी जब पड़ताल हुई तब ऑडिट के बाद इन्हें राहत देते हुए कर्ज माफी के दायरे में लाया गया। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में तीन दिन से ऑडिट के मिलान की प्रक्रिया चल रही थी। पहले दौर में 49 हजार किसानों को पात्र माना गया और दूसरे चरण में 12 हजार से ज्यादा किसान फिर से कर्ज माफी की सूची में शामिल हो गए हैं। इस तरह अब कुल 1 लाख 37 हजार 704 किसानों की कर्ज माफी हो पाई है। 49, 352 किसानों को सोमवार से कृषि ऋण वितरण भी शुरू हो जाएगा। ब्लैक लिस्ट में नाम होने की वजह से किसानो को कृषि ऋण नहीं मिल रहा था  पहले चरण में केवल 88 हजार 350 किसानों की ही कर्ज माफी की गई थी। वहीं हजारों किसानों को इसलिए खरीफ के लिए कृषि ऋण नहीं दिया जा रहा था कि इनका नाम ब्लैक लिस्ट में शामिल था। इस चक्कर में किसान रोज सोसाइटियो