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Tag: danteshwari mata

#Temple दंतेवाड़ा की माँ दंतेश्वरी, जगदलपुर

#Temple दंतेवाड़ा की माँ दंतेश्वरी, जगदलपुर

tourism
दन्तेश्वरी मंदिर जगदलपुर शहर से लगभग 84 किमी (52 मील) स्थित है। माता दंतेश्वरी का यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध एवं पवित्र मंदिर है, यह माँ शक्ति का अवतार है। माना जाता है कि इस मंदिर में कई दिव्य शक्तियां हैं। दशहरा के दौरान हर साल देवी की आराधना करने के लिए आसपास के गांवों और जंगलों से हजारों आदिवासी आते हैं। यह मंदिर जगदलपुर के दक्षिण-पश्चिम में दंतेवाड़ा में स्थित है और यह पवित्र नदियां शंकिणी और डंकिनी के संगम पर स्थित है, यह छह सौ वर्ष पुराना मंदिर भारत की प्राचीन विरासत स्थलों में से एक है और यह मंदिर बस्तर क्षेत्र का सांस्कृतिक-धार्मिक-सामाजिक का प्रतिनिधित्व है। आज का विशाल मंदिर परिसर इतिहास और परंपरा की सदियों से वास्तव में खड़ा स्मारक है। इसके समृद्ध वास्तुशिल्प और मूर्तिकला और इसके जीवंत उत्सव परंपराओं का प्रमाण है। दंतेश्वरी माई मंदिर इस क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण
सीएम बघेल ने दंतेश्वरी माता के दर्शन से नए साल की शुरुवात, कार्यकर्ताओं ने धान से तौला

सीएम बघेल ने दंतेश्वरी माता के दर्शन से नए साल की शुरुवात, कार्यकर्ताओं ने धान से तौला

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जगदलपुर (एजेंसी) | जगदलपुर एयरपोर्ट में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओंं ने सीएम बघेल का स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें मुख्य द्वार के पास धान से तौला। एयरपोर्ट से निकलने के बाद सीएम बघेल खुली जीप में निकले और लोगों का अभिवादन किया। जहाँ शहर के चौराहों पर अलग-अलग सामाजिक संगठनों ने उनका स्वागत किया। https://www.youtube.com/watch?v=tzIeoNRBk-M मुख्यमंत्री का काफिला प्रमुख सड़कों से होते हुए दंतेश्वरी मंदिर पहुंचा। उन्होंने माता दंतेश्वरी का दर्शन करके नए साल के लिए आशीर्वाद लिया। उसके बाद सीएम ने लोगों को संबोधित किया और कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); सीएम बघेल  को कार्यकर्ताओं ने धान से तौला पूर्व सीएम डा.रमन को लड्‌डुओं से तौला था जगदलपुर एयरपोर्ट में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओंं ने सीएम बघेल का स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने उन
#culture 600 वर्ष पुराना बस्तर दशहरा विश्व का सबसे लम्बा चलने वाला पर्व है, 75 दिनों तक मनाया जाता है

#culture 600 वर्ष पुराना बस्तर दशहरा विश्व का सबसे लम्बा चलने वाला पर्व है, 75 दिनों तक मनाया जाता है

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बस्तर का दशहरा अपनी अभूतपूर्व परंपरा व संस्कृति की वजह से विश्व प्रसिद्ध है। यह कोई आम पर्व नहीं है यह विश्व का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला पर्व है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में मनाया जाने वाला दशहरा 75 दिन तक मनाया जाता है। बस्तरवासी वगभग 600 साल से यह पर्व मनाते आ रहे हैं। बस्तर ही एकमात्र जगह है जहां दशहरे पर रावण का पुतला दहन नहीं किया जाता। यह पर्व बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की आराधना से जुड़ा हुआ है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); बस्तर के आदिवासियों की अभूतपूर्व भागीदारी का ही प्रतिफल है कि बस्तर दशहरा की राष्ट्रीय पहचान स्थापित हुई। प्रतिवर्ष दशहरा पर्व के लिए परगनिया माझी अपने अपने परगनों से सामग्री जुटाने का प्रयत्न करते थे। सामग्री जुटाने का काम दो तीन महीने पहले से होने लगता था। इसके लिए प्रत्येक तहसील का तहसीलदार सर्वप्रथम बिसाहा पैसा बाँट देता था,