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Tag: chhattisgarh government

लोकसभा चुनाव से पहले आईएएस अफसरों के प्रभार में बदलाव, भीम सिंह बने मनरेगा के आयुक्त

लोकसभा चुनाव से पहले आईएएस अफसरों के प्रभार में बदलाव, भीम सिंह बने मनरेगा के आयुक्त

politics
रायपुर (एजेंसी) | भूपेश बघेल की राज्य सरकार ने चार आईएएस अफसरों के देर शाम प्रभार बदल दिये हैं। जिन आईएएस अधिकारियों के प्रभार बदल दिए गये हैं। उनमें 2003 बैच के निरंजन दास अब सिर्फ प्रबंध संचालक राज्य नागरिक आपूर्ति निगम बने रहेंगे। उन्हें नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन और प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। 2006 बैच के आईएएस भुवनेश यादव को प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस काॅरपोरेशन का एडिशनल चार्ज दिया गया है। भुवनेश के पास अभी स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव और आयुक्त का प्रभार था। 2008 बैच के आईएएस भीम सिंह को मनरेगा का आयुक्त बनाया गया है। साथ ही उन्हें संचालक कृषि विभाग एवं गन्ना आयुक्त का एडिशनल चार्ज दिया गया है। वहीं रीता शांडिल्य को महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त पद से मुक्त कर दिया गया है। 2008 बैच के आईएएस सत्य
डीजीपी का फरमान: अफसरों ने अगर सरकार की आलोचना की तो होगी कार्रवाई

डीजीपी का फरमान: अफसरों ने अगर सरकार की आलोचना की तो होगी कार्रवाई

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रायपुर (एजेंसी) | सुकमा जिला के पूर्व एसपी जितेंद्र शुक्ला के ट्रांसफर विवाद के बाद डीजीपी ने आईपीएस अफसरों को सरकार की नीतियों की आलोचना न करने का कड़े निर्देश जारी किए है। साथ ही इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। पिछले छह दिनों से हो रहे अफसरों की तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए डीजीपी ने यह फरमान सुनाया है। सुकमा के एसपी जितेंद्र शुक्ला को ट्रांसफर करने के बाद से सरकार और अफसरों के बीच तनातनी इस मामले में सरकार पहले ही कड़ा रुख अपना चुकी है। ट्रांसफर को मंत्री कवासी लखमा के साथ जवाबी पत्राचार करने वाले सुकमा के एसपी जितेंद्र शुक्ला का ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके बाद शुक्ला ने सोशल मीडिया में अपने ट्रांसफर को लेकर हैरानी जताई थी। इस मामले को भी राज्य सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो टूक कहा था कि मंत्री को पत्र लिखने का अधिकार किसी ए
पिछली सरकार ने जिन्हें जबरदस्ती नौकरी से निकाला, उन केस का रिव्यू करेगी सरकार

पिछली सरकार ने जिन्हें जबरदस्ती नौकरी से निकाला, उन केस का रिव्यू करेगी सरकार

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रायपुर (एजेंसी) | पिछली सरकार ने जिन लोगों को जबरदस्ती नौकरी से निकाल दिया था, उन मामलों का सरकार रिव्यू करेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव को इन मामलों का रिव्यू करने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस विधायकों ने अनिवार्य सेवानिवृत किए गए अफसरों और कर्मचारियों की बहाली के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा और अमरजीत भगत ने मुख्यमंत्री से अनिवार्य सेवानिवृत्त किए गए अफसर-कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की थी। अब सरकार सभी मामलों का रिव्यू करने जा रही है। बता दें कि भाजपा सरकार के समय में 50 साल की आयु या फिर 20 साल की सेवा पूरी करने वाले करीब 100 अफसरों व कर्मचारियों को सरकार ने जबरदस्ती नौकरी से निकाल दिया था। इसमें से एक मामले में तो चतुर्थ श्रेणी में अनुकंपा नियुक्ति पर पदस्थ महिला को भी रिटायर कर दिया गया था। इस सदमे के कारण भृत्य के पद पर पदस्थ स्
11 आईएएस और 6 आईपीएस अफसरों का तबादला, वीके सिंह और आईजी के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा

11 आईएएस और 6 आईपीएस अफसरों का तबादला, वीके सिंह और आईजी के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा

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रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक विभाग में एक बार फिर 11 आईएएस और 6 आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया है। आईपीएस अफसर ओपी पाल लगभग साढ़े 3 साल तक अपर परिवहन आयुक्त थे। उन्हें पुलिस मुख्यालय लाया गया है। जीपी सिंह अब तक पुलिस मुख्यालय में बिना विभाग के आईजी थे। ईओडब्ल्यू में कल्लूरी की नियुक्ति भी चर्चा में थी और वहां से ट्रांसपोर्ट में जाने पर भी पुलिस मुख्यालय के गलियारों में हैरानी है। जीपी सिंह की ईओडब्लू-एसीबी में पोस्टिंग के साथ उनका कद बढ़ाया गया है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें दुर्ग आईजी के पद से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया गया था। हालांकि कुछ ही दिनों बाद उन्हें अंतागढ़ टेपकांड की जांच कर रही एसआईटी की मॉनीटरिंग का जिम्मा सौंपकर मुख्यधारा में लाने के संकेत दे दिए गए थे। अब उन्हें ईओडब्लू और एसीबी में पोस्टिंग दी गई, जहां नान और ई-टेंडरिंग जैसे सरकार से जुड़े
भूपेश सरकार के 30 दिन पुरे हुए, 30 दिन में लिए 15 बड़े फैसले

भूपेश सरकार के 30 दिन पुरे हुए, 30 दिन में लिए 15 बड़े फैसले

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रायपुर (एजेंसी) | आज 17 जनवरी 2019 को भूपेश सरकार के एक माह पूरे होने पर खुद मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के नाम एक पत्र लिख सबका आभार जताया है। वहीं विपक्ष सरकार के एक माह पूरे होने पर कटाक्ष कर रहा है। छत्तीसगढ़ में 15 सालों बाद सत्ता में आई कांग्रेस पार्टी की सरकार ने 30 दिनों में 15 बड़े फैसले कर सबको बताने की कोशिश की है कि वो किस गति से चलने वाली सरकार है। बता दे आज ही के दिन एक माह पहले यानि 17 दिसम्बर को छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल ने शपथ ली थी। आज उनके कार्यकाल को 30 दिन पुरे हो चुके है। इस दौरान उन्होंने तमाम 15 बड़े निर्णय भूपेश सरकार ने अपने 30 दिनों के कार्यकाल में लिए हैं। सरकार के इन्हीं कार्यों के दम पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस इसे गांव-गरीब और आमजनों की सरकार कह रही है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); वहीं विपक्षीय दल सरकार के
सीएम भूपेश की बड़ी घोषणा, छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से आउटसोर्सिंग होगी बंद 

सीएम भूपेश की बड़ी घोषणा, छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से आउटसोर्सिंग होगी बंद 

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रायपुर (एजेंसी) | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साफ कर दिया है कि अब प्रदेश में आउट सोर्सिंग के माध्यम से किसी भी तरह की कोई नियुक्ति नहीं होगी। भाजपा की रमन सिंह की सरकार ने अमूमन सभी विभागों में प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से आउट सोर्सिंग करके दूसरे राज्यों के युवाओं को रोजगार दिलाया। लेकिन कांग्रेस की सरकार में अब आउट सोर्सिंग बिलकुल नहीं होगी। किसी भी विभाग में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); सीएम बघेल ने कांग्रेस भवन में मीडिया से कहा कि प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से आउट सोर्सिंग का फायदा बिचौलियों ने उठाया है। बीच में बैठे हुए लोगों ने कमिशन खोरी करके करोड़ों रुपए का वारा न्यारा किया है। इसका फायदा भी बाहरी राज्य के लोगों को हुआ। रमन सिंह की सरकार में उच्च पद से लेकर निचले पद तक में आउट सोर्सिंग हुई। दू
छत्तीसगढ़ में सीबीआई बैन; आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार ने वापस ली सहमति

छत्तीसगढ़ में सीबीआई बैन; आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार ने वापस ली सहमति

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रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने सीबीआई को बैन कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर गृह विभाग ने गुरुवार को केंद्रीय कार्मिक, जनशिकायत एवं पेंशन मामले तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर कहा है कि प्रदेश का गृह विभाग सीबीआई के संबंध में वर्ष 2001 में केंद्र को दी गई सहमति वापस लेता है, जिसके तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सीबीआई को छत्तीसगढ़ में प्रकरणों की जांच के लिए अधिकृत करने की अधिसूचना जारी की गई थी। इससे पहले आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने-अपने राज्य में सीबीआई की एंट्री बैन कर दी थी। Chhattisgarh govt requests central govt that 'the CBI be instructed not to exercise jurisdiction for investigation of any fresh matter' in the state. The Home Department of the state govt has withdrawn its consent given to the centre, in 2001. pic.twitter.co
जोगी कांग्रेस के विधायक धर्मजीत ने कहा, ‘झीरम मामले की निष्पक्ष जांच होने तक एक मंत्री को हटाएं’

जोगी कांग्रेस के विधायक धर्मजीत ने कहा, ‘झीरम मामले की निष्पक्ष जांच होने तक एक मंत्री को हटाएं’

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जगदलपुर (एजेंसी) | विधानसभा में बुधवार को जोगी कांग्रेस के विधायक धर्मजीत सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान झीरम हत्याकांड का उल्लेख करते हुए सरकार के एक मंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा जघन्य हत्याकांड नहीं हुआ है। एसआईटी जांच से इसकी परतें उधड़ेंगी। लेकिन कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष नंद कुमार पटेल की हत्या के पांच मिनट पहले जो चश्मदीद व्यक्ति वहां था, वह अब भूपेश बघेल के मंत्रिमंडल का सदस्य है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); यदि एसआईटी से निष्पक्ष जांच करवाना है तो जांच पूरी होने तक उससे इस्तीफा लिया जाए। सिंह ने कहा कि जांच की शुरूआत तो इसी व्यक्ति से होनी चाहिए। नंद कुमार पटेल से नक्सलियों ने क्या बात की। किस भाषा में की। वो क्यों मरे। वो क्यों बचे। यदि उसे मंत्री पद से नहीं हटाया जाता तो क्या एसआईटी में शामिल किसी भी अफसर मे
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधानसभा में हंगामा, मंगलवार तक के लिए स्थगित

राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधानसभा में हंगामा, मंगलवार तक के लिए स्थगित

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रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ की पांचवीं विधानसभा के पहले सत्र का दूसर दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद हंगामा होने से विधानसभा मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले 10 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट पास हुआ। कार्यवाही शुरू होने से पहले ये उम्मीद जताई जा रही थी कि विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा की जाएगी। विपक्ष पहले चाहता था, अध्यक्ष बोले पहले नेता को बाेलने दें दरअसल, राज्यपाल के 13 मिनट के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस सरकार के शराबंदी के वादों का जिक्र नहीं था। ऐसे में विपक्ष ने सरकार से वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने धारा 144 लागू होने पर भी कांग्रेसियों के प्रदर्शन पर आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि कांग्रेस ने सरकार में आते ही गलत परंपरा शुरू कर दी है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); सदन में विपक्ष के
पांचवी विधानसभा के पहले सत्र का दूसरा चरण आज से होगा शुरू, 11 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेंगे मुख्यमंत्री

पांचवी विधानसभा के पहले सत्र का दूसरा चरण आज से होगा शुरू, 11 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेंगे मुख्यमंत्री

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रायपुर (एजेंसी) | पांचवी विधानसभा के पहले सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू होने जा रहा है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से इसकी शुरुआत होगी। अभिभाषण में राज्य सरकार के घोषणा पत्र के बिंदुओं काे भी शामिल किया गया है। अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव के बाद मंत्रिमंडल का परिचय कराया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगभग 11 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इस दौरान भाजपा, जोगी कांग्रेस व बसपा विधायक अभिभाषण में संशोधन प्रस्ताव के साथ ही अनुपूरक बजट में कटाैती प्रस्ताव देकर हंगामा मचाने की तैयारी में हैं। बताया गया है कि विपक्षी सदस्यों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); सोमवार को सदन हंगामेदार रहने के आसार हैं। मुख्यमंत्री अपने बजट में किसानों की कर्जमाफी के लिए 65 सौ करोड़, धान बोनस के लिए लगभग 3000 करोड़ और शिक्षाकर्मियों के