chhattisgarh news media & rojgar logo

Tag: chhattisgarh assembly election 2018

शीत सत्र: रमन बाेले-ऑटोमोबाइल ठेकेदार को गुड़ का ठेका, क्या डीजल डालकर बेचेगा, मंत्री का जवाब- केंद्र की एजेंसी से ले रहे; हंगामा

शीत सत्र: रमन बाेले-ऑटोमोबाइल ठेकेदार को गुड़ का ठेका, क्या डीजल डालकर बेचेगा, मंत्री का जवाब- केंद्र की एजेंसी से ले रहे; हंगामा

chhattisgarh, Govt Schemes, News
रायपुर (एजेंसी) | पीडीएस के तहत गुड़ खरीदी पर बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। बस्तर के आदिवासियों को बांटे जाने वाले गुड़ी की सप्लाई एक ऑटोमोबाइल कंपनी के संचालक को दिए जाने को लेकर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताते हुए ठेका निरस्त करने की मांग की। खाद्य मंत्री ने ठेका प्रक्रिया नाफेड से कराने की बात कही। मंत्री ने कहा कि पहले भी केन्द्र की एजेंसी से खरीदी होती रही है। हम ठेका कैसे रद्द कर सकते हैं। इस पर जमकर हंगामा करने के बाद भाजपा विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण के जरिए कहा कि मधुर योजना के  तहत प्रदेश के बाहर से गुड़ मंगाए जाने पर राज्य के उत्पादकाें को नुकसान उठाना पड़ेगा। नाफेड से गुड़ खरीदे जाने पर राज्य सरकार को 106 करोड़ का नुकसान होगा। उन्होंने इस टेंडर को रद्द कर राज्य के उत्पादकों से गुड़ खरीदे
चुनाव खर्च का हिसाब नहीं देने वाले 132 प्रत्याशियों को नोटिस

चुनाव खर्च का हिसाब नहीं देने वाले 132 प्रत्याशियों को नोटिस

politics
रायपुर (एजेंसी) | विधानसभा चुनाव के खर्च का ब्योरा नहीं देने पर आयोग ने 123 प्रत्याशियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालय की तरफ से ये नोटिस जारी किए गए हैं। प्रत्याशियों से 10 जनवरी तक खर्च का हिसाब किताब मांगा गया था, लेकिन ये सभी प्रत्याशी तय समय पर ब्योरा नहीं दे पाए। प्रदेश के 27 जिलों में से केवल 10 जिलों में सभी उम्मीदवारों ने तय समय पर अपने खर्च का हिसाब दे दिया। 17 जिलों में नोटिस जारी किए गए हैं। उम्मीदवारों को नोटिस मिलने के 20 दिन के अंदर जवाब देना होगा। अगर प्रत्याशी हिसाब नहीं देने की सही वजह नहीं बता पाए तो उनको तीन साल तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
निर्विरोध चुने गए चरणदास महंत, बने पांचवी विधानसभा के स्पीकर

निर्विरोध चुने गए चरणदास महंत, बने पांचवी विधानसभा के स्पीकर

politics
रायपुर (एजेंसी) | पूर्व केंद्रीय मंत्री और सक्ती विधायक डॉ. चरणदास महंत को 5वीं विधानसभा का स्पीकर चुना गया। शुक्रवार को पहली विधानसभा में महंत को निविर्रोध स्पीकर चुना गया। महंत के नाम का कांग्रेस, भाजपा और जोगी कांग्रेस ने भी समर्थन किया। सदन में सभी विधायकों का एकतरफा बहुमत होने से चुने गए स्पीकर महंत ने गुरुवार को नामांकन भरा था। 5वीं विधानसभा का पहला सत्र शुक्रवार से ही शुरू हो गया। भाजपा की ओर से पूर्व सीएम रमन सिंह और जोगी कांग्रेस से धर्मजीत सिंह और डॉ. रेणु जोगी महंत के प्रस्तावक बने। सदन में सभी विधायकों का एकतरफा बहुमत होने से महंत का चुना स्पीकर चुन लिया गया। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); रविंद्र चौबे ने विपक्ष से मांगा था समर्थन इससे पहले बुधवार को ही संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने विपक्ष के सभी लोगों से समर्थन मांगा था। महंत द्वारा दाखिल नाम
ओपी चौधरी की जीत पर BJP नेता ने लगाया था दांव, अब मुंडवानी होगी मूंछ

ओपी चौधरी की जीत पर BJP नेता ने लगाया था दांव, अब मुंडवानी होगी मूंछ

politics
रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान जिस सीट की सबसे अधिक चर्चा थी वह थी, रायगढ़ जिले की खरसिया विधानसभा सीट। दरअसल, खरसिया विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता नंदकुमार पटेल का राज रहा था, तो वहीं 2013 के विधानसभा चुनाव में उनकी जगह उनके बेटे ने खरसिया में परचम लहराया था। ऐसे में अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उमेश पटेल ने एक बार फिर इस सीट पर बड़े मतों के अंतर से जीत दर्ज कराई है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); वहीं उमेश पटेल की जीत और ओपी चौधरी की हार से अलग एक बीजेपी नेता ऐसा है जिसे इस समय अपनी मूंछों का डर सता रहा है। दरअसल, बीजेपी नेता श्रवण तिवारी को ओपी चौधरी की जीत पर इतना विश्वास था कि उन्होंने यहां तक ऐलान कर दिया था कि अगर ओपी चौधरी चुनाव हारते हैं तो वह अपनी मूंछ मुंडवा लेंगे। बता दें खरसिया से बीजेपी प्रत्याशी रहे ओपी चौधरी कल
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम 2018: 68 सीटों के साथ बनेगी कांग्रेस की सरकार, भाजपा साफ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम 2018: 68 सीटों के साथ बनेगी कांग्रेस की सरकार, भाजपा साफ़

politics
रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणाम ने इस बार सबको चौंका दिया। कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटें जीतकर चुनावी भूचाल ला दिया। 15 साल बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बन रही है। 65 प्लस सीटें जीतने का दावा करने वाली भाजपा केवल 15 सीटों पर सिमट गई। किसानों की कर्जमाफी और बिजली बिल हॉफ का वादा कर कांग्रेस ने बड़े वर्ग का समर्थन हासिल किया। भाजपा सरकार विरोधी लहर को भांप नहीं पाई। छत्तीसगढ़ में अब तक हुए चार विधानसभा चुनावों में इस बार सबसे चौंकाने वाला परिणाम आया है। भाजपा को सबसे बड़ी हार मिली है। इधर गठबंधन को 7 सीटें मिलीं। सत्ता विरोधी लहर ही थी कि ‘चाउर वाले बाबा’ नाम से चर्चित रमन सिंह का जादू इस बार नहीं चला। न 65 प्लस का दावा चला, न विकास के दावे...। मतगणना के बाद हालात ऐसे बने कि रमन मंत्रिमंडल के 12 में से 8 मंत्री भी अपनी सीट नहीं बचा सके। रमशीला साहू की टिकट पहले ही कट गई थी
काम आया कांग्रेस का ‘कर्ज़ा माफ़, बिजली बिल हाफ’ का नारा, आउटसोर्सिंग और जीत का दम्भ ले डूबा भाजपा को, हार-जीत के ये थे कारण

काम आया कांग्रेस का ‘कर्ज़ा माफ़, बिजली बिल हाफ’ का नारा, आउटसोर्सिंग और जीत का दम्भ ले डूबा भाजपा को, हार-जीत के ये थे कारण

politics
रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणाम ने इस बार सबको चौंका दिया। कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटें जीतकर चुनावी भूचाल ला दिया। 15 साल बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बन रही है। 65 प्लस सीटें जीतने का दावा करने वाली भाजपा केवल 15 सीटों पर सिमट गई। किसानों की कर्जमाफी और बिजली बिल हॉफ का वादा कर कांग्रेस ने बड़े वर्ग का समर्थन हासिल किया। "कर्जा माफ.. बिजली बिल हाफ" का नारा काम आया, आंदोलन और एकजुटता ने जीत तय की। जबकि भाजपा जीत के दंभ, प्रशासनिक आतंकवाद और सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी से हारी। वही दूसरी ओर कांग्रेस की कर्जमाफी की घोषणा और भाजपा की चुप्पी ने 30 लाख किसान परिवारों पर असर किया। कांग्रेस ने रमन सरकार के खिलाफ लगातार पांच साल तक आक्रामक अभियान चलाया। कांग्रेस क्यों जीती? 1. कर्जमाफी का वादा कांग्रेस की कर्जमाफी की घोषणा और भाजपा की चुप्पी ने 30 लाख किसान परिवारों पर क
कांग्रेस जीता क्योंकि किसानों ने साथ दिया, भाजपा हारी क्योंकि महिलाओं को नहीं भाया सरकार का शराब बेचना

कांग्रेस जीता क्योंकि किसानों ने साथ दिया, भाजपा हारी क्योंकि महिलाओं को नहीं भाया सरकार का शराब बेचना

politics
रायपुर (एजेंसी) | 15 साल तक छत्तीसगढ़ में सत्ता पर काबिज होने के बाद आखिर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस का वनवास खत्म हुआ। कांग्रेस की कर्जमाफी की घोषणा और भाजपा की चुप्पी ने 30 लाख किसान परिवारों पर असर किया। प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी का वायदा। इसके साथ ही कांग्रेस ने रमन सरकार के खिलाफ लगातार पांच साल तक आक्रामक अभियान चलाया। कांग्रेस के लिए कर्जमाफी बनी सत्ता की सीढ़ी साहू, कुर्मी और आदिवासी साधकर जातीय संतुलन बैठाया। वही भाजपा की न चावल काम आए न मोबाइल किसान बहुल राज्य में घोषणा पत्र में उन्हीं को भूल गए। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); टारगेट भाजपा का था, कांग्रेस ले आई 65+ भाजपा की हार का आलम ये है कि आदिवासी बहुल सरगुजा और बस्तर में तो पार्टी खाता तक नहीं खोल सकी। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने अलग पार्टी बना ली थी, ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा था
15 साल बाद सत्ता में कांग्रेस की वापसी, मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते है यह चार नाम

15 साल बाद सत्ता में कांग्रेस की वापसी, मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते है यह चार नाम

politics
रायपुर (एजेंसी) | पिछले 15 सालों से सत्ता सुख से वंचित कांग्रेस के हाथ में  जनता ने 'सरकार' की चाबी सौंप दी। राज्य में कांग्रेस ने चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री के लिए चेहरा घोषित नहीं किया था। इस पर तंज कसते हुए भाजपा ने कांग्रेस को बिना दूल्हे की बारात कहा था। अब जनता ने अपना जनादेश सुना दिया है। एेसे में अब राज्य में मुख्यमंत्री किसे बनाया जाएगा, इसे लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है। गौरतलब है कि किसकी होगी ताजपोशी यह तय करने  वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खगड़े गुरुवार को रायपुर आएंगे। राज्य में कांग्रेस के पास तीन बड़े चेहरे हैं। पीसीसी चीफ भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री चरण दास महंत। इसके अलावा ताम्रध्वज साहू का भी एक दावेदार हो सकते है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का ताज इन्हीं में से किसी के सिर पर सजेगा। 1. भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
डॉ. रमन सिंह ने ली हार की नैतिक जिम्मेदारी, राज्यपाल को दे दिया इस्तीफा

डॉ. रमन सिंह ने ली हार की नैतिक जिम्मेदारी, राज्यपाल को दे दिया इस्तीफा

politics
रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पक्ष में जनादेश आता देख मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह शाम करीब साढ़े पांच बजे एकात्म परिसर पहुंचे। वहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप कर आ गए हैंं। डॉ. रमन ने इस हार की जिम्मेदारी खुद ली। इधर राजीव भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल पत्रकारों से रूबरू हुए। https://www.youtube.com/watch?v=Hh2kesqU5-4 बघेल ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता चट्‌टान की तरह खड़े रहे। उन्होंने अमित शाह और रमन सिंह की टीम को धूल चटाने का काम किया है। भाजपा शासन में आपात स्थिति से बदतर स्थिति रही है। उसके बाद भी मीडिया ने काम किया। अभी सेमी फाइनल जीते हैं। फाइनल भी जीतेंगे। जोगी-बसपा नापाक गठबंधन के रूप में सामने अाए एक चीज और एक्सपोज हो गई। बसपा, जोगी ने मिलकर भजपा के लिए खेल खेला था। ये
भूपेश बघेल बोले, ‘हर वर्ग के साथ लगातार खड़े होने के कारण मिली कांग्रेस को जीत’

भूपेश बघेल बोले, ‘हर वर्ग के साथ लगातार खड़े होने के कारण मिली कांग्रेस को जीत’

politics
रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस लगातार प्रत्येक वर्ग के साथ खड़ी रही इसलिए उसे जनता का साथ मिला है. बघेल ने कहा कि हाईकमान जो भी तय करेगा आगे वह वही काम करेंगे। बघेल ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि राज्य में विधानसभा का चुनाव संगठन मिलकर लड़ेगा। इस बार कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर चट्टान की तरह खड़े रहे। साथ ही प्रदेश और जिला स्तर के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने समन्वित प्रयास किया। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); उन्होंने कहा,'राज्य में प्रभारी नेताओं ने पूरा समय छत्तीसगढ़ को दिया. वहीं यह बड़ी जीत जो कांग्रेस की होने जा रही है इसका पूरा श्रेय राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को जाता है। उन्होंने पूरा समय छत्तीसगढ़ को दिया और लगातार मार्ग दर्शन करते रहे. इस तरह इस जीत के लिए बूथ स्तर के कार्यकर