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जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों के रिहाई के लिए आज किया गया आंदोलन, हजारो आदिवासी जुटे

जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों के रिहाई के लिए आज किया गया आंदोलन, हजारो आदिवासी जुटे

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बस्तर (एजेंसी) | बस्तर की जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई के लिए आज एक दिवसीय आंदोलन किया गया। सामजिक कार्यकर्ता और आप नेत्री सोनी सोरी ने इलाके के एक दर्जन सरपंचों के साथ दंतेवाड़ा पहुंचकर एसडीएम से आंदोलन किया। एसडीएम ने 9 अक्टूबर को कुआकोंडा में पांच से 6 हजार लोगों की भीड़ के साथ सिर्फ एक दिन आंदोलन करने की अनुमति दे दी थी। इससे पहले सभी अनिश्चितकालीन आंदोलन करने की मांग कर रहे थे। अब एक दिन की अनुमति के बाद भी आंदोलन जारी रखने की बात कही जा रही है। https://youtu.be/QyKMSoVSJhU मिली जानकारी के अनुसार 5 अक्टूबर से दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के आदिवासी बस्तर की अलग-अलग जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर पालनार में डटे हुए हैं। आदिवासियों को कुआकोंडा से अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत करनी थी लेकिन आंदोलन के लिए वैधानिक अनुमति नहीं मिलने के कारण
नवरात्रि विशेष: जानिए बस्तर की कुलदेवी माँ दंतेश्वरी के बारे में

नवरात्रि विशेष: जानिए बस्तर की कुलदेवी माँ दंतेश्वरी के बारे में

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दन्तेश्वरी मंदिर जगदलपुर शहर से लगभग 84 किमी (52 मील) स्थित है। माता दंतेश्वरी का यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध एवं पवित्र मंदिर है, यह माँ शक्ति का अवतार है। माना जाता है कि इस मंदिर में कई दिव्य शक्तियां हैं। दशहरा के दौरान हर साल देवी की आराधना करने के लिए आसपास के गांवों और जंगलों से हजारों आदिवासी आते हैं। यह मंदिर जगदलपुर के दक्षिण-पश्चिम में दंतेवाड़ा में स्थित है और यह पवित्र नदियां शंकिणी और डंकिनी के संगम पर स्थित है, यह छह सौ वर्ष पुराना मंदिर भारत की प्राचीन विरासत स्थलों में से एक है और यह मंदिर बस्तर क्षेत्र का सांस्कृतिक-धार्मिक-सामाजिक का प्रतिनिधित्व है। आज का विशाल मंदिर परिसर इतिहास और परंपरा की सदियों से वास्तव में खड़ा स्मारक है। इसके समृद्ध वास्तुशिल्प और मूर्तिकला और इसके जीवंत उत्सव परंपराओं का प्रमाण है। दंतेश्वरी माई मंदिर इस क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण
दंतेवाड़ा उपचुनाव: गांवों में लोगों के सवाल-4 महीना पहले तो वोट डाले थे, अब फिर क्यों! अंदरूनी गांवों में चुनाव को लेकर ज्यादातर मतदाताओं को कोई जानकारी नहीं

दंतेवाड़ा उपचुनाव: गांवों में लोगों के सवाल-4 महीना पहले तो वोट डाले थे, अब फिर क्यों! अंदरूनी गांवों में चुनाव को लेकर ज्यादातर मतदाताओं को कोई जानकारी नहीं

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दंतेवाड़ा (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दल जोर-आजमाइश में लगे हैं, लेकिन मुख्य सड़क छोड़ दें तो अंदरूनी गांवों में चुनाव को लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है। मतदाता या तो मुद्दों को लेकर मौन हैं या उदासीन बने हैं। दंतेवाड़ा से 20 किमी दूर जिस मेटापाल में चार दिन पहले 16 सितंबर को सीएम भूपेश बघेल सभा लेकर लौटे और उसी जगह पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सभा को अनुमति नहीं मिली, वहीं साप्ताहिक बाजार में खास चुनावी उत्सुकता नहीं दिखी। बाजार के बाहर तोरण और पोस्टर, लेकिन मतदान की जानकारी नहीं दंतेवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए शनिवार को प्रचार का अंतिम दिन है। यहां पर 23 सितंबर को मतदान होना है। भास्कर ने वोटरों का मन टटोलने इस बाजार का जायजा लिया। बाजार के बाहर चुनावी चिह्न वाले तोरण और पोस्टर लगे थे। बाजार में कावड़गांव, मेंडोली, जारम, लखापाल, मुस्केल, तो
छत्तीसगढ़: गीदम में ढाई घंटे के रोड-शो में बोले भूपेश विकास रुका पर भाजपा के ठेकेदारों का

छत्तीसगढ़: गीदम में ढाई घंटे के रोड-शो में बोले भूपेश विकास रुका पर भाजपा के ठेकेदारों का

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दंतेवाड़ा (एजेंसी) | गीदम में गुरुवार को पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के रोड शो के अगले दिन शुक्रवार को सीएम भूपेश बघेल ने करीब ढाई घंटे रोड-शो किया। इससे पहले दो दिनों तक दंतेवाड़ा में ओजस्वी मंडावी के समर्थन में डेरा डालने व सभाएं लेने के बाद डॉ. रमन सिंह गुरुवार की शाम वापस चले गए। प्रचार के आखिरी के दो दिन सीएम भूपेश बघेल ने खुद प्रचार की कमान संभाली है। शनिवार को पनेड़ा चौक से खुली गाड़ी में बैठे सीएम शहर के लोगों का अभिवादन करते हुए हारम चौक तक पहुंचे। यहां नुक्कड़ सभा में 12 मिनट लोगों को सं‍बोधित किया। सीएम ने कांग्रेस सरकार की ओर से किसानों के लिए की गई कर्जमाफी, धान खरीदी, हाट बाजारों के हेल्थ कैम्प, सुपोषण अभियान से लेकर तमाम काम गिनाए। उन्होंने कहा कि सालभर पहले भाजपा की सरकार में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कार्यकर्ताओं को कहा था 1 साल कमीशनखोरी बंद कर दो 30 साल तक राज करेंगे। लेकिन
बस्तर: जैन मंदिर से 15 हजार से भरी दानपेटी पार, भगवान श्री पार्श्वनाथ की मूर्ति नहीं ले जा पाए चोर

बस्तर: जैन मंदिर से 15 हजार से भरी दानपेटी पार, भगवान श्री पार्श्वनाथ की मूर्ति नहीं ले जा पाए चोर

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बस्तर (एजेंसी) | बीती रात चोरों ने ताला तोडक़र दानपेटी पार कर दी। चोरों ने भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा को ले जाने की भी कोशिश की, किंतु वे अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं हो पाए। घटना बस्तर के सोनरपाल गांव की है जहाँ चोरी के ये वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। हालांकि कैमरा धुंधला होने की वजह से चोर का हुलिया साफ़ नज़र नहीं आ रहा है। पुलिस ने चोर को जल्दी पकड़ लेने का दावा किया है। https://www.youtube.com/watch?v=RYlCPMJkY8s जैन समाज सोनारपाल के अध्यक्ष कैलाश जैन ने बताया कि उक्त घटना की पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी गयी है। उन्होंने बताया कि पिछले 3 साल से लगातार चोर इस मंदिर की दानपेटी चुराकर ले जा रहे हैं, जिसके आरोपी आज तक नहीं पकड़े गए हैं। कैलाश जैन ने बताया कि दानपेटी में लगभग 12-15 हजार रूपए होंगे। उन्होंने बताया चोरों ने भगवान महावीर स्वामी और पार्श्वनाथ भगवान की पी
उफनती इंद्रावती नदी के बीच फंसी यात्रियों से भरी मोटर बोट; पांच घंटे के बाद बचाया गया

उफनती इंद्रावती नदी के बीच फंसी यात्रियों से भरी मोटर बोट; पांच घंटे के बाद बचाया गया

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दंतेवाड़ा (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सोमवार दोपहर उफनती इंद्रावती नदी में यात्रियों से भरी मोटरबोट खराब हो गई। इसके चलते करीब एक दर्जन से ज्यादा यात्री बीच धार में फंस गए। यह सभी यात्री मोटरबोट से नदी पार कर रहे थे। सूचना मिलने पर कलेक्टर और एसपी सहित रेस्क्यू टीम करीब चार घंटे बाद मौके पर पहुंचे। इसके बाद करीब ढाई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी केा बचा लिया गया है। बीच नदी में चट्‌टान के सहारे हैं यात्री, पांच को बचाया गया https://youtu.be/x5Q0QjsShqM जानकारी के मुताबिक, बारसूर थाना क्षेत्र के मुचनार घाट से सोमवार दोपहर करीब 12.15 बजे तीन बच्चों सहित 24 ग्रामीण मोटरबोट पर नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान बीच नदी में अचानक मोटरबोट खराब हो गई। जिसके चलते सब वहीं फंस गए। बोट में फंसे ग्रामीणों ने किसी नदी के बीच में निकली चट्‌टान का सहारा लेकर खुद को बचाए रखा है। सूचना मिलने के
आदिवासियों की जमीन अदला-बदली की प्रक्रिया को हरी झंडी

आदिवासियों की जमीन अदला-बदली की प्रक्रिया को हरी झंडी

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जगदलपुर (एजेंसी) | सलवा जुडूम के दौरान हिंसक वारदातों और घरों को जलाने की घटनाओं के बाद बस्तर छोड़ चुके आदिवासियों को जमीनी हक दिलाने के लिए चल रही लड़ाई के बीच दिल्ली से एक बड़ी खबर आई है। मंगलवार को पांच राज्यों, गृह मंत्रालय, ट्राइबल मिनिस्ट्री के अफसरों की एक बैठक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव लेने वाले थे। इसके लिए सुबह 11 बजे का टाईम निर्धारित किया गया था, लेकिन एन वक्त पर गृह मंत्रालय के अफसरों ने किसी कारणवश बैठक में शामिल नहीं होने पाने की सूचना भिजवाई  तो बैठक को स्थगित करने प्लानिंग में काम शुरू हुआ लेकिन इस बीच छत्तीसगढ़ के अफसरों के अलावा सेंट्रल ट्राइबल मिनिस्ट्री के अफसर यहां पहुंच चुके थे। ऐसे में बैठक को स्थगित नहीं किया गया और बैठक जारी रखी गई। बैठक में ट्राइबल मिनिस्ट्री के ज्वाइंट सेक्रेटरी केएस कोनर जो अभी एफआरए के विभाग प्रमुख भी हैं ने
नक्सलियों ने सपा नेता को घर से किया अगवा, हत्या कर शव सड़क पर फेंका

नक्सलियों ने सपा नेता को घर से किया अगवा, हत्या कर शव सड़क पर फेंका

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बीजापुर (एजेंसी) | सपा नेता संतोष पुनेमा की नक्सलियों ने घर से अगवाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सड़क पर फेंक दिया। घटना मंगलवार देर शाम की है। संतोष पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजापुर सीट से लड़े थे और हार गए थे। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों के चलते संतोष नक्सलियों के निशाने पर थे। अभी तक पुलिस शव हासिल नहीं कर पाई बीजापुर एसपी दिव्यांग पटेल ने बताया कि मंगलवार को संतोष अपने पैतृक गांव मरिमल्ला गए थे। देर शाम हथियारबंद नक्सली उनके घर पहुंचे और उन्हें अगवा कर लिया। बुधवार सुबह संतोष का शव सड़क पर फेंक दिया। हालांकि, अभी तक पुलिस और परिजनों को शव नहीं मिल पाया है, क्योंकि जिस जगह यह शव पड़ा है वह दूर-दराज का नक्सल प्रभावित इलाका है। लोकसभा चुनाव से पहले की गई थी मंडावी की हत्या लोकसभा चुनाव से पहले 9 अप्रैल को बस्तर से एकमात्र भाजपा विधायक भीमा मंडावी की
‘नंदराज’ को बचाने के लिए आंदोलन: तीर-धनुष जैसे परंपरागत हथियारों के साथ 200 से ज्यादा गांवों के हजारों आदिवासी तीसरे दिन भी डटे रहे

‘नंदराज’ को बचाने के लिए आंदोलन: तीर-धनुष जैसे परंपरागत हथियारों के साथ 200 से ज्यादा गांवों के हजारों आदिवासी तीसरे दिन भी डटे रहे

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दंतेवाड़ा (एजेंसी) | नंदराज पहाड़ को बचाने के लिए दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के करीब 200 गांव से आए तीन हजार से ज्यादा आदिवासियों का आंदोलन बैलाडीला में रविवार को तीसरे दिन भी शांतिपूर्वक जारी रहा। ये आदिवासी अपने परंपरागत हथियारों और वाद्ययंत्रों के साथ पहुंचे हैं और चेकपोस्ट को घेरकर नाच-गाने के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। आदिवासी देवताओं का पहाड़ मानकर ‘नंदराज’ की पूजा करते हैं। खनन से पहले काटे जाएंगे 25 हजार पेड़ खनन से पहले काटे जाएंगे 25 हजार पेड़ बैलाडीला की 13 नंबर की खदान नंदराज पहाड़ पर है। पहाड़ तक पहुंचने और खनन शुरू करने के लिए 50 मीटर चौड़ी और छह किमी लंबी सड़क बनेगी। इसके लिए 25,400 पेड़ काटे जाएंगे। राजनेताओं का भी समर्थन मिल रहा है  पूर्व सीएम अजीत जोगी ने आदिवासियों के समर्थन में नंदराज पहाड़ पर पिट्‌टे मेटा  (पिटोड़ रानी) की पूजा की। बस्तर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम शाह
वोटर सिर्फ 4 और वोटिंग कराने वाले 10, 3 वोटर एक ही परिवार से, चौथा वन विभाग का स्टाफ

वोटर सिर्फ 4 और वोटिंग कराने वाले 10, 3 वोटर एक ही परिवार से, चौथा वन विभाग का स्टाफ

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रायपुर (एजेंसी) | पेड़ के पत्तों की झोपड़ी और पंडाल... यह किसी शादी-ब्याह का मंडप नहीं बल्कि कोरिया जिले के सुदूर सेराडांड का मतदान केंद्र है। बूथ की तस्वीर से भी रोचक है यहां की कहानी। दरअसल, इस बूथ में केवल चार मतदाता हैं। कोई मतदाता न छूटे, इसलिए यहां भी बूथ बनाया गया। खास तो यह है कि यहां मतदाताओं से दुगुने यानी करीब 10 लोगों की ड्यूटी लगाई गई है वोटिंग कराने के लिए। 4 मतदानकर्मी और 6 सुरक्षाकर्मी। राज्य की सीमा यानी बलरामपुर के करीब यह गांव भरतपुर-सोनहत विधानसभा का हिस्सा है। यहां केवल एक ही परिवार रहता है। यह प्रदेश का सबसे कम वोटरों वाला बूथ है। शत-प्रतिशत वोटिंग के लिए चुनाव आयोग की कोशिशों का अंदाजा इस बूथ की तैयारियों को देखकर लगाया जा सकता है। दरअसल, सेराडांड में रहने वाले चार वोटरों में से तीन लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं। देवराज चेरवा, रामप्रसाद चेरवा, सिंगारो बाई चेरवा। चौथ