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वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप आज से शुरू होगा स्विट्ज़रलैंड में, भारत का 19 सदस्यीय दल टूर्नामेंट में उतरेगा

स्पोर्ट्स डेस्क (एजेंसी) | वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2019 (world badminton championship 2019) आज यानि सोमवार से बासेल (स्विट्जरलैंड) में शुरू हो रही है। यह चैम्पियनशिप का 25वां सीजन है। 1995 के बाद पहली बार चैम्पियनशिप स्विट्जरलैंड में हो रही है। इस प्रतियोगिता में 45 देशों के 357 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। भारत का 19 सदस्यीय दल चैम्पियनशिप में हिस्सा ले रहा है।

सिंगल्स में भारत के 6 खिलाड़ी, डबल्स में 8 जोड़ियां उतर रही हैं। महिला सिंगल्स में पीवी सिंधु, साइना नेहवाल भारतीय चुनौती संभालेंगी। पुरुष सिंगल्स में किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रणय, बीसाई प्रणीत और समीर वर्मा उतरेंगे। अगर सिंधु और साइना अपने-अपने शुरुआती मैच जीत जाती हैं तो सेमीफाइनल में दोनों का सामना हो सकता है।

हाल ही में थाईलैंड ओपन जीतने वाली भारत की पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रैंकीरेड्‌डी और चिराग शेट्‌टी ने चोट के कारण टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया है।

साइना और सिंधु को पहले राउंड में बाई मिली है। दोनों दूसरे राउंड से कोर्ट पर उतरेंगी। वहीं पुरुष सिंगल्स में श्रीकांत, समीर और प्रणय कोर्ट में उतरेंगे। पुरुष डबल्स में मनु अत्री-बी सुमित रेड्डी, एम आर अर्जुन-रामचंद्रन श्लोक और अरूण जार्ज-संयम शुक्ला, जबकि महिला डबल्स में जे मेघना-पूर्विशा एस राम, अश्विनी पोनप्पा-एन सिक्की रेड्डी और पूजा डांडू-संजना संतोष अपनी चुनौती रखेंगे।

भारत को अब तक 8 मेडल, इसमें सिंधु के 4

भारत टूर्नामेंट में 8 मेडल (3 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज) जीत चुका है। प्रकाश पादुकाेण ने सबसे पहले 1983 में पुरुष सिंगल्स में ब्रॉन्ज जीता। फिर ज्वाला गुट्‌टा-अश्विनी पोनप्पा ने 2011 में महिला डबल्स में ब्रॉन्ज जीता। साइना ने 2015 में सिल्वर और 2017 में ब्रॉन्ज जीता। सिंधु ने 4 मेडल (2013, 14 में ब्रॉन्ज और 2017, 18 में सिल्वर) जीते हैं।

टूर्नामेंट में कोई प्राइज मनी नहीं

वर्ल्ड चैम्पियनशिप बैडमिंटन का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। लेकिन इसमें कोई प्राइज मनी नहीं होती। बल्कि सिर्फ मेडल और ट्रॉफी दी जाती है। यह बैडमिंटन का सबसे ज्यादा रैंकिंग पॉइंट देने वाला टूर्नामेंट है।

ओलिंपिक ईयर में चैम्पियनशिप नहीं होती

वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप सबसे पहले 1977 में हुई। इसके शुरुआती तीन सीजन हर तीन-तीन साल में होते थे। इसके बाद 2005 तक यह हर दो साल में होने लगी। 2006 से यह ओलिंपिक ईयर छोड़कर हर साल होने लगी। चैम्पियनशिप में एक देश से सिंगल्स में अधिकतम 4-4 और डबल्स में अधिकतम 4-4 जोड़ियां हिस्सा ले सकती हैं। इस बार पुरुष सिंगल्स में 64, महिला सिंगल्स में 48 और तीनों डबल्स (महिला, पुरुष, मिक्स्ड) में 48-48 जोड़ियां हिस्सा ले रही हैं।

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