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Google’s 20th Anniversary: अपने 20वे जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल, वीडियो में दिखाया पिछले 20 वर्षों का सफर

Google’s 20th Anniversary: अपने 20वे जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल, वीडियो में दिखाया पिछले 20 वर्षों का सफर

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Google का बनाया हुआ आज का डूडल थोड़ा सा अलग है। Google आज अपना 20 वां जन्मदिन मना रहा है, इसलिए उसने आज G20GLE डूडल बनाया है। साथ ही गूगल ने एक वीडियो बनाया है, जिसमे पिछले 20 सालो का पूरा सफर प्रदर्शित किया है। इस वीडियो में कई भाषाओं किये गए सर्च को दिखाया हैं। Google ने ब्लॉग पोस्ट में उल्लेख किया है, "आज के डूडल में हमने पिछले दो दशकों में दुनिया भर में किए गए लोकप्रिय खोजों को मिलाकर वीडियो बनाया  हैं। गूगल की शुरुआत दो स्टूडेंट्स ने अपने कॉलेज के प्रोजेक्ट के तौर पर किया था, जिसे आज हम गूगल के नाम से जानते हैं। वे दो स्टूडेंट्स थे लैरी पेज और सर्जी बिन। दोनों 1995 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रहे थे। उन्होंने Google.stanford.edu एड्रेस पर एक इंटरनेट सर्च इंजन बनाया। पहले इसका नाम BackRub रखा गया, जिसे बाद में बदलकर GOOGLE रखा गया। (adsbygoogle = window.adsbygoogle
पितृ पक्ष 2018: आज से शुरू हो है पितृपक्ष, जानिए कैसे करे श्राद्ध पूजन

पितृ पक्ष 2018: आज से शुरू हो है पितृपक्ष, जानिए कैसे करे श्राद्ध पूजन

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हमारे देश में हर तीज त्योहार का अपना समय और महत्व होता है, वैसे ही पितृपक्ष का भी अपना एक अलग ही खास महत्व होता है। पितृपक्ष यानी पितरों का दिन। पितरों की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए पितृपक्ष के 15 दिन बहुत खास होते हैं। पिंडदान, तर्पण और मार्जन के जरिए पितरों को प्रसन्न किया जाता है। यही नहीं पितृदोष से मुक्ति के लिए इन दिनों किया गया पूजन पाठ और श्राद्ध कर्म बहुत लाभकारी होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद महीने के पूर्णिमा तिथि से लेकर आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक पितृपक्ष रहता है। इस बार पितृपक्ष 24 सितंबर से शुरू होकर 8 अक्टूबर (पितृ अमावस्या) तक रहेगा। जिस दिन पितृपक्ष समाप्त होता है उसके एक दिन बाद से नवरात्रि की शुरूआत होती है। इस बार पितृ पक्ष 16 दिनों तक रहेगा। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); किस तिथि में करें श्राद्ध पितृपक्ष को ल
राजा प्रवीर चंद्र भंज देव: छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का वो मसीहा जो राजनीति की भेट चढ़ गया – I

राजा प्रवीर चंद्र भंज देव: छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का वो मसीहा जो राजनीति की भेट चढ़ गया – I

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रियासत काल के प्रथम उड़िया और अंतिम काकतिया शासक प्रवीर चन्द्र भंजदेव आधुनिक बस्तर को दिशा प्रदान करने वाले पहले युगपुरुषों में से एक हैं। सन 1947 में भारत की आज़ादी के बाद मध्यप्रदेश के बस्तर क्षेत्र में (उस समय बस्तर मध्यप्रदेश का हिस्सा थी।) राजा प्रवीर चंद्र भंज देव के नेतृत्व में आदिवासी आंदोलन कांग्रेस के लिए चुनौती बनता जा रहा था। वे बस्तर के जनजातीय लोगों के अधिकारों के लिए लड़े। बाद में वे 1957 के आम चुनाव जीतकर अविभाजित मध्य प्रदेश विधान सभा के जगदलपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वे अपने लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय थे, क्योंकि उन्होंने स्थानीय जनजातीय का मुद्दा उठाया और इस क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों के शोषण के खिलाफ राजनीतिक नेतृत्व प्रदान किया। भूमि सुधारों में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाया और इस प्रकार वे तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस के लोगों द्वारा खतरा म
विश्वकर्मा जयंती 2018: जानिए पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व

विश्वकर्मा जयंती 2018: जानिए पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व

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शिल्प, कलाधिपति और तकनीक के ज्ञाता भगवान श्री विश्वकर्मा की आज (17 सितम्बर) जयंती है। धार्मिक मान्यताओं के अुनसार 17 सितंबर उनके जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के रचयिता ब्रम्हा के सातवें धर्म पुत्र हैं इसीलिए इनकी पूजा ब्रम्हपुत्र के रूप में भी की जाती है। उन्हें शिव का भी अवतार माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि सतयुग में स्वर्गलोक, त्रेतायुग में लंका, द्वापर में द्वारका, कलयुग में जगन्नाथ मंदिर का निर्माण और समस्त देवी-देवताओं और भगवानों के महलों और अस्त्र-शस्त्र का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था। यही कारण है कि भगवान विश्वकर्मा को शिल्पी भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा पूरे ब्रम्हाण्ड के पहले इंजीनियर थे। कार्यालय, फैक्ट्री में मशीनों और शस्त्रों की पूजा भगवान विश्वकर्मा की जयंती के दिन आज लोग अपने-अपने कार्यालय, फ
Engineer’s day 2018: Google ने डूडल बनाकर किया महान विश्वेश्वरैया को किया याद

Engineer’s day 2018: Google ने डूडल बनाकर किया महान विश्वेश्वरैया को किया याद

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हमारे देश भारत में हर साल 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देश के महान इंजीनियर और सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से विभूषित एम. विश्वेश्वरैया का जन्मदिन है। और उन्हीं की याद में इस दिन को इंजीनियर्स दिवस के तौर पर मनाया जाता है। एम. विश्वेश्वरैया की 157वीं जयंती पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है। सर एम. विश्वेश्वरैया एक उम्दा इंजीनियर थे। उनका जन्म आज ही के दिन मैसूर (कर्नाटक) के कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर तालुक में 15 सितंबर 1861 को एक तेलुगु परिवार में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा उनके गांव से ही हुई। उसके बाद इंजीनिरिंग की पढ़ाई के लिए उन्होंने बेंगलुरु के सेंट्रल कॉलेज में प्रवेश लिया। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यों जैसे नदियों के बांध, ब्रिज और पीने के पानी की स्कीम आदि‍ को कामयाब बनाने
Ganesh Chaturthi 2018: जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और प्रतिष्ठापना विधि

Ganesh Chaturthi 2018: जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और प्रतिष्ठापना विधि

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आज पुरे देश में गणेश चतुर्थी बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। तीज के दूसरे दिन यानि कि भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दर्शी तक यह उत्सव मनाया जाता है। मान्यता है कि इन 10 दिनों में गणपति बप्पा अपने भक्तों के घर आते हैं और उनके दुख हरकर ले जाते हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें अपने घर में विराजमान करते हैं। 10 दिन बाद उनका विसर्जन किया जाता है। श्रीगणेश स्थापना मुहूर्त श्रीगणेश प्रतिमा स्थापना अभिजीत मुहूर्त में सुबह 10.40 से दोपहर 12.40 के बीच कर सकते हैं। अन्य मुहूर्त सुबह 6.16 से 7.46 शुभ 10.46 से दोपहर 12.16 चंचल दोपहर 12.16 से 1.46 लाभ दोपहर 1.46 से 3.16 अमृत प्रतिमा स्थापना सूर्यास्त के बाद नहीं की जानी चाहिए। 13 सितंबर मध्याह्न गणेश पूजा का समय - 11:03 से 13:30 बजे तक 13 सितंबर को चन्द्रमा को नहीं देखने का समय - 09:31 से 21:12 बजे तक चतुर्थी तिथि समाप्त - 13 सितम्बर 2018 को 14:51
Teachers Day: शिक्षक दिवस पर Google ने डूडल के साथ किया सेलिब्रेट

Teachers Day: शिक्षक दिवस पर Google ने डूडल के साथ किया सेलिब्रेट

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रायपुर | Google एनिमेटेड डूडल के साथ दुनिया भर के हर शिक्षक को समर्पित किया है। डूडल एक घूमने वाले ग्लोब का है जो चश्मा पहने हुए है और कई विषयों से घिरा हुआ है। किताबो के साथ साथ खेल, संगीत, खगोल विज्ञान और रसायन शास्त्र के इमेज बने है जिसका मतलब है केवल किताबी ज्ञान ही ज्ञान नहीं है। 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है जबकि यूनेस्को द्वारा नामित विश्व शिक्षक दिवस हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। हम 5 सितंबर को भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के रूप में शिक्षक दिवस मनाते हैं जो एक अनुकरणीय शिक्षक थे। वह एक दार्शनिक, विद्वान और राजनेता भी थे और देश के युवाओं को शिक्षा देने के लिए समर्पित थे। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); शिक्षकों दिवस का जश्न मनाने की परंपरा 1962 से शुरू हुई। स्कूल और कॉलेज में इस दिन अपने शिक्षकों को ज्ञा
घोर नक्सल प्रभावित जिला सुकमा की ये बेटी अब बनेगी डॉक्टर

घोर नक्सल प्रभावित जिला सुकमा की ये बेटी अब बनेगी डॉक्टर

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सुकमा (एजेंसी) | सुकमा जिले के दोरनापाल गांव एक ऐसा इलाका जो चारों ओर से नक्सलियों से घिरा है। इस इलाके में जहाँ एक ओर मूलभूत सुविधाएं नहीं है, वहाँ की बेटी माया कश्यप ने अभावो के बीच रहकर मेडिकल एंट्रेंस का एग्जाम क्लियर किया है। और अब वह एमबीबीएस की पढ़ाई करेंगी। माया कश्यप ने अपने मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य पाने की इच्छा हो तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नही है। लेकिन सरकार ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए यहां के करीब 3 हजार बच्चों को हॉस्टलों में रखकर शिक्षा दे रही है. यहां का माहौल ऐसा रहा है कि कोई नौकरी करने वाला भी आने से कतराता है. वहां की बेटी माया कश्यप दोरनापाल की पहली डॉक्टर बनने जा रही है। उसको एमबीबीएस में दाखिला मिल चुका है, जो आने वाले कुछ वर्षों में अपनी पढ़ाई पूरी कर के डॉक्टर बन जाएगी। ये इसलिए भी बड़ी बात है क्योंकि जहां कभी खुद डॉक्टर भी आने से डरते
रक्षाबंधन विशेष: गोंडवाना एक्सप्रेस की ओर से शुभ रक्षाबंधन

रक्षाबंधन विशेष: गोंडवाना एक्सप्रेस की ओर से शुभ रक्षाबंधन

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गोंडवाना एक्सप्रेस परिवार की ओर देश के सभी भाइयों एवं बहनो को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभ कामनाऐ। रायपुर | पूरा देश आज रक्षाबंधन के त्योहार को बड़े ही उत्साह के साथ मना रहा है। भाई-बहन के लिए आज का दिन बेहद खास है। रक्षाबंधन के दिन सभी बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती हैं। गोंडवाना एक्सप्रेस परिवार की ओर देश के सभी भाइयों एवं बहनो को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभ कामनाऐ। रक्षाबंधन पर एक लधु कथा जरूर पढ़े और शेयर करे: मम्मी कल रक्षाबंधन है, भैया कब आएंगे? छः वर्षीय नन्ही ने बड़े लाड़-मनुहार से पूछा। मां की आंखों में आंसू आ गए। मां ने बरबस ही दांतों के नीचे होंठ दबा लिए, बड़ी मुश्किल से आवाज निकली, 'कैसे आ सकेगा बेटा! हमारे देश की सीमा पर पहरा दे रहा है वह।' नन्ही- 'तो क्या मैं इस बार भैया को राखी नहीं बांधूगी?' मां बोली, 'बांधोगी बेटा जरूर बांधोगी।' मां ने नन्ही को एक लिफाफा थमाया और कहा- 'इस
आज का इतिहास: 110 साल पहले बम धमाके में खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी

आज का इतिहास: 110 साल पहले बम धमाके में खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी

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आज का इतिहास: 110 साल पहले बम धमाके में खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी, वे उस समय मात्र 18 साल के थे । जज ने उनसे हंसने की वजह पूछी, तो बोस ने कहा- 'अगर मेरे पास मौका होता, तो मैं आपको बम बनाने का तरीका बताता।' सन 1908- आज ही के दिन खुदीराम बोस को फांसी दे दी गई थी। उस समय वे मात्र साढ़े 18 साल के थे। बोस को बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में किए गए एक बम हमले का अपराधी माना गया और मौत की सजा सुनाई गई थी। मिदनापुर में 1889 में पैदा हुए बोस स्वतंत्रता संग्राम में सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में शामिल थे। बोस को कोर्ट ने जब फांसी की सजा सुनाई, तो वे हंसने लगे। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); जज ने समझा की कम उम्र के बोस सजा की गंभीरता नहीं समझ पा रहे हैं। जज ने उनसे हंसने की वजह पूछी, तो बोस ने कहा- 'अगर मेरे पास मौका होता, तो मैं आपको बम बनाने का तरीका बताता।' उनकी फां