chhattisgarh rojgar logo
Space for Advertisement : +91 8817459893

telegram group   Chhattisgarh Rojgar Facebook Page  Chhattisgarh Rojgar twitter  Chhattisgarh Rojgar Youtube Channel

special

व्यक्ति विशेष: सुभाषिनी मिस्त्री, पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है सुभाषिनी देवी, सब्जी की दुकान से पद्मश्री तक का सफर…

व्यक्ति विशेष: सुभाषिनी मिस्त्री, पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है सुभाषिनी देवी, सब्जी की दुकान से पद्मश्री तक का सफर…

special
ये एक ऐसे शख्स की कहानी है जिन्होंने जिंदगी के सारी चुनौतियों का डटकर सामना किया और अपनी मंजिल पाकर राष्ट्रपति भवन पहुंचीं। यह कहानी शुरू हुई 1943 से जब बंगाल में अकाल का भीषण पड़ा था। एक बड़ी संख्या में लोग इसमें अपनी जान गवां चुके थे। इसी बीच एक नन्हीं लड़की ने अपनी आंखें खोलीं। अकाल जैसी आपदा के बीच वह जैसे-तैसे बड़ी होती है। वह महज 12 साल की रही होगी, जब उसकी शादी कर दी जाती है। शादी के बाद उसने एक बेहतर जिंदगी बितानी शुरू ही की थी कि 23 की उम्र में उसके पति का देहांत हो जाता है। कारण था ग़रीबी! असल में उसके पास इतना धन नहीं था कि वह अपने पति का इलाज करा पाती। पति का साथ छूट जाने के बाद अमूमन महिलाएं परिवार के दूसरों लोगों पर निर्भर हो जाती है, किन्तु उस लड़की ने दूसरा रास्ता चुना। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); यह दूसरा रास्ता था, आत्मनिर्भर बनने का! इसके
व्यक्ति विशेष: कोई भी सीएम हो पहले लक्ष्मीनारायण चखेंगे उसके बाद ही मुख्यमंत्री खाएंगे, 15 सालों से करते आ रहे यही काम

व्यक्ति विशेष: कोई भी सीएम हो पहले लक्ष्मीनारायण चखेंगे उसके बाद ही मुख्यमंत्री खाएंगे, 15 सालों से करते आ रहे यही काम

special
मिलिए सामान्य से दिखने वाले व्यक्ति लक्ष्मीनारायण तिवारी से। ये छत्तीसगढ़ सरकार की एक मेडिकल टीम के मेंबर है और इनकी एक खासियत इन्हें दूसरों से जुदा बनाती है। दरअसल, इनपर मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई भी हो, उन्हें खिलाने-पिलाने के लिए लाई गई कोई भी सामग्री पहले लक्ष्मीनारायण को चखाया जाता है। उनसे ओके मिलने के बाद ही यह सामग्री मुख्यमंत्री तक पहुंचती है। वे ये काम पिछले 15 सालो से कर रहे है। सुरक्षा के लिए जरुरी है लिबरी टेस्ट लक्ष्मीनारायण यह काम पिछले 15 सालों से कर रहे हैं। अब तक डॉ. रमन सिंह के लिए और अब भूपेश बघेल के लिए। इस पूरी प्रक्रिया को लिबरी टेस्ट कहा जाता है। बुधवार को राजीव भवन में महिला कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान किया। इसी दौरान महिला कांग्रेस ने उनसे केक भी कटवाया। यह केक पहले लक्ष्मीनारायण को चखाया, फ
व्यक्ति विशेष: भूपेश बघेल, 5वीं पास करते ही पिता ने थमा दी थी किसानी

व्यक्ति विशेष: भूपेश बघेल, 5वीं पास करते ही पिता ने थमा दी थी किसानी

special
रायपुर (एजेंसी) | राज्य के नए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को इंडोर स्टेडियम में शपथ ली। इनके साथ टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू ने भी मंत्री पद की शपथ ली। बघेल दुर्ग जिले से दूसरे और दुर्ग संभाग से तीसरे मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले 13 मार्च 1985 से 13 फरवरी 1988 और 25 जनवरी 1989 से 8 दिसंबर 1989 तक मोतीलाल वोरा अविभाजित मप्र की कमान संभाल चुके हैं। सीएम बनने के घोषणा के बाद देर रात अपने भिलाई स्थित आवास पर पहुंचे बघेल रायपुर में मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान होने के बाद बघेल राजभावन जाकर विधायक दल का समर्थन और सरकार बनाने का दावा करने के बाद पहुंना गेस्ट हाउस पहुंचे। जब तक सीएम आवास खाली नहीं होगा नए सीएम पहुना में ही रहेंगे। यहां से देर रात वे अपने भिलाई-3 स्थित आवास पहुंचे जहां लोगों ने गर्मजोशी से अपने नए सीएम का स्वागत किया। उन्होंने सभी को संबोधित किया और आभार जताया। पत्नी ब
नहीं रहीं दुनिया की सबसे बुजुर्ग यूट्यूबर107 साल की मस्‍तानम्‍मा, रातोंरात दुनियाभर में हुईं थी मशहूर, इंडिया से ही नहीं वि‍देश से भी हैं लाखों चाहने वाले

नहीं रहीं दुनिया की सबसे बुजुर्ग यूट्यूबर107 साल की मस्‍तानम्‍मा, रातोंरात दुनियाभर में हुईं थी मशहूर, इंडिया से ही नहीं वि‍देश से भी हैं लाखों चाहने वाले

special
हैदराबाद एजेंसी) | आंध्र प्रदेश की 107 वर्ष की मस्‍तानम्‍मा पोपली मुस्कान के साथ खुले धान के खेत के बीच मुंह में पानी ला देनी वाली डिशेज बनाती हुई यूट्यूब की दुनिया में हलचल मचा दी थी। मस्‍तानम्‍मा बीच-बीच में अपनी जिंदगी के कई किस्से भी सुनाती हैं जैसे उन्होंने बाताया एक बार गांव के दो लड़कों ने उन्हें चिढ़ाने की कोशिश की तो उन्होंने उसमें से एक को ऐसा धक्का मारा की वो जाकर नहर में गिरा। उसके साथ आए लड़के ने जब मिन्नतें की तो फिर मस्तम्मा ने उस गुस्ताख लड़के की जान भी बचाई। उनकी आंखों की चमक तब बढ़ जाती है जब वे कहती हैं, ‘उस दिन के बाद मुझे कभी किसी ने नहीं छेड़ा।’   कहते है कि प्रतिभाएं कभी किसी की मोहताज नहीं होती हैं। वह अपना रास्‍ता, अपनी पहचान खुद ब खुद अपनी सोच से बना लेती हैं। यही वजह है कि हुनरमंदों के लिए उम्र भी आड़े नहीं आती है। ऐसी ही एक हुनरबाज आंध्रप्रदेश की 107 सा
Guru Nanak Jayanti 2018: गुरू नानक जयंती आज, जानें कौन थे गुरू नानक देव, क्यों मनाया जाता है यह पर्व?

Guru Nanak Jayanti 2018: गुरू नानक जयंती आज, जानें कौन थे गुरू नानक देव, क्यों मनाया जाता है यह पर्व?

special
आज 23 नवंबर को देश भर में  गुरू नानक जयंती मनाई जा रही है। जिस दिन गुरू नानक देव जी का जन्म हुआ उस दिन कार्तिक महीने की पूर्णिमा थी, इसीलिए हर साल कार्तिक महीने की पूर्णिमा को गुरू नानक जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सिख समुदाय के लोग प्रकाशोत्सव के रूप में मनाते हैं। कहा जाता है कि गुरु नानक देव जी ने ही सिख धर्म की स्थापना की थी और इसलिए गुरु नानक सिखों के आदिगुरु कहलाए। समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने के लिए गुरू नानक देव जी ने कई दौरे किए और जहां पर भी वो गए अपने उपदेशों को फैलाया। उनके उपदेश आज भी प्रासंगिक नज़र आते हैं। गुरू नानक जयंती सिख धर्म के संस्थापक और सिखों के पहले गुरू नानक देव के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। गुरू नानक का जन्म संवत् 1526 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था, जिसके चलते आज के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। हालांकि उनके जन्म को लेकर आज ध
#ViralPhoto सोशल मीडिया पर वायरल हुई दिवाली की रात की ये तस्वीर, ग्राहक के इंतजार में सड़क किनारे दो बच्चो के साथ ही सो गया शख्स

#ViralPhoto सोशल मीडिया पर वायरल हुई दिवाली की रात की ये तस्वीर, ग्राहक के इंतजार में सड़क किनारे दो बच्चो के साथ ही सो गया शख्स

special
दिवाली की इस तस्वीर के पीछे की कहानी आपको कर देगी भावुक-हर किसी के नसीब मेंनहीं होती खुशियां... रोशनी का पर्व दीपावली पिछले दिनों पूरे देश में धूमधाम से मनाया गया, दिवाली की खुमारी अभी भी लोगों पर बनी हुई, लेकिन इस बीच एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की गई है, जो दिलों-दिमाग को झकझोर कर रख देगी। इसे इंदौर में रहने वाले ईश्वर शर्मा नाम के यूजर ने फेसबुक पर शेयर किया है। तस्वीर इंदौर की ही बताई जा रही है, हालांकि तस्वीर इंदौर की ना भी हो तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा, ये भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, दिल्ली, कोलकाता या चेन्नई की भी हो सकती है, क्योंकि कमोवेश हालात हर शहर एक जैसे ही है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); तस्वीर में क्या है? तस्वीर में एक शख्स इत्मिनान से सड़क किनारे सोता हुआ दिखाई दे रहा है, उसके साथ उसके दो बच्चे भी हैं जो गंदा सा कंबल ओढ़े हुए दिखाई दे रहे हैं।
#ViralPhoto सोशल मीडिया में वायरल हो रहे इस फोटो की कहानी जानकर भावुक हो जाएंगे आप

#ViralPhoto सोशल मीडिया में वायरल हो रहे इस फोटो की कहानी जानकर भावुक हो जाएंगे आप

special
आमतौर पर पुलिस को लेकर लोगों राय बहुत अच्छी नहीं रहती, अगर बात यूपी पुलिस की हो तो पिछले कुछ महीनों की घटनाएं सोच को और पुख्ता कर देती हैं लेकिन यूपी के अमरोहा में ऐसा वाक्या सामने आया है कि पुलिसवालों को सैल्यूट करने का मन करेगा। इस वाक्ये से जुड़ी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में दो छोटे-छोटे बच्चे बैठ कर मिट्टी के दीये बेचते हुए दिखाई दे रहे हैं वहीं उनके सामने पुलिस वाले खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट एक यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा- 'बेहद मासूम। सुबह से बैठे हैं। उम्मीद है दीए बिकेंगे। जिन बच्चों को त्योहार पर उछल कूद करनी चाहिए वो बाज़ार में बैठे हैं। मजबूरी है, गरीबी की। बेबसी की। चार पैसे आ जाएं तो खुश हो जाएं, मगर बच्चों की लाचारी देखिए दीये नहीं बिक रहे। लोग बाज़ार आ रहे हैं तो लाइट खरीद रहे हैं। झालर खरीद रहे हैं। महंगे आइटम खरीद
जानिए कौन था बस्तर का रियल मोगली के नाम से दुनियाभर में प्रसिद्ध “चेंदरू द टाईगर बाय”

जानिए कौन था बस्तर का रियल मोगली के नाम से दुनियाभर में प्रसिद्ध “चेंदरू द टाईगर बाय”

special
शकुंतला दुष्यंत के पुत्र भरत बाल्यकाल में शेरों के साथ खेला करते थे वैसे ही बस्तर का यह लड़का शेरों के साथ खेलता था। इस लड़के का नाम था चेंदरू। चेंदरू द टायगर बाय के नाम से मशहुर चेंदरू पुरी दुनिया के लिये किसी अजुबे से कम नही था। बस्तर मोगली नाम से चर्चित चेंदरू पुरी दुनिया में 60 के दशक में बेहद ही मशहुर था। चेंदरू के जीवन का दिलचस्प पहलू था उसकी टाइगर से दोस्ती, वह भी रियल जंगल के। दोस्ती भी ऐसी कि दोनों हमेशा साथ ही रहते थे, खाना, खेलना, सोना सब साथ-साथ। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); बस्तर का रियल मोगली कहलाने वाले चेंदरू ने 2013 में दुनिया को अलविदा कहा था। साठ साल पहले चेंदरु ने दुनिया भर का ध्यान खींचा था। फ्रांस, स्वीडन, ब्रिटेन और दुनिया के कोने-कोने से लोग सिर्फ उसकी एक झलक देखने को, उसकी एक तस्वीर अपने कैमरे में कैद करने को बस्तर पहुंचते थे। बस्तर की मा
क्या है सबरीमाला विवाद? पढ़िए भगवान अयप्पा के बारे में वो सब जो आप जानना चाहते है

क्या है सबरीमाला विवाद? पढ़िए भगवान अयप्पा के बारे में वो सब जो आप जानना चाहते है

special
सबरीमाला मंदिर महिला प्रवेश को लेकर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने महिला प्रवेश पर प्रतिबंध को हटाए जाने का फैसला सुनाया तब से कई हिंदूवादी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं आइए समझते हैं यह विवाद क्या है? क्यों इसका विरोध हो रहा है? भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है विश्‍व प्रसिद्ध सबरीमाला का मंदिर। यहां हर दिन लाखों लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। करीब 800 साल पुराने इस मंदिर में ये मान्यता पिछले काफी समय से चल रही थी कि महिलाओं को मंदिर में प्रवेश ना करने दिया जाए। कौन है भगवान अयप्पा भगवान अयप्पा विष्णु और शिव के पुत्र हैं. यह किस्सा उनके अंदर की शक्तियों के मिलन को दिखाता है न कि दोनों के शारीरिक मिलन को। इनसे सस्तव नामक पुत्र का जन्म का हुआ जिन्हें दक्षिण भारत
कौन है स्मिता तांडी जिन्हे नवरात्री पर सीएम ने ट्वीट कर कहा, “महतारी तोला प्रणाम”

कौन है स्मिता तांडी जिन्हे नवरात्री पर सीएम ने ट्वीट कर कहा, “महतारी तोला प्रणाम”

special
नवरात्री के पवित्र नौ दिन चल रहे है। पुरे देश में नारी शक्ति रूपी दुर्गा माँ की आराधना की जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने #महतारी_तोला_प्रमाण का ट्वीट किया। नारी शक्ति के प्रतीक स्वरुप राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्मिता तांडी का फोटो शेयर करते हुए कहा, "यदि निस्वार्थ सेवा का भाव हो तो हर राह स्वयं ही सहज हो जाती है। इस बात का साक्षात उदाहरण है प्रदेश की रोल-मॉडल बन चुकी महिला कांस्टेबल स्मिता तांडी। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मैं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्मिता तांडी की नेक भावना को प्रणाम करता हूँ। #महतारी_तोला_प्रणाम" यदि निस्वार्थ सेवा का भाव हो तो हर राह स्वयं ही सहज हो जाती है। इस बात का साक्षात उदाहरण है प्रदेश की रोल-मॉडल बन चुकी महिला कांस्टेबल स्मिता तांडी। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मैं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्मिता तांडी की नेक भावना क