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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ भवन में बिलासा हैंडलूम का किया शुभारंभ : छत्तीसगढ़ के कारीगरों का दिल्ली में नजर आएगा हुनर

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ भवन में बिलासा हैंडलूम का किया शुभारंभ : छत्तीसगढ़ के कारीगरों का दिल्ली में नजर आएगा हुनर

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नई दिल्ली. अब दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प की झलक और कारीगरों का हुनर नजर आएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में बिलासा हैंडलूम का शुभारंभ किया। बिलासा हैंडलूम में छत्तीसगढ़ के कुशल कारीगरों की कला-कृतियों का प्रदर्शन किया जाएगा। बिलासा हैंडलूम के माध्यम से दिल्लीवासियों को छत्तीसगढ़ के हैंडलूम उत्पाद अब आसानी से उपलब्ध हो पाएगा। छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों की मांग को देखते हुये देश की राजधानी में हस्तशिल्प कला एम्पोरियम खोलने की काफी समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से छत्तीसगढ़ की कला को उपयुक्त प्लेटफार्म मिलेगा और छत्तीसगढ़ के हैंडलूम उत्पादों का बेहतर मार्केटिंग और प्रचार प्रसार हो सकेगा। बिलासा हैंडलूम के खुलने से अब लोगों को सारे हैंडलूम उत्पाद एक जगह ही मिल सकेंगे। शुभारंभ अवसर पर मौजूद मोतीबाग के कम
नवरात्रि विशेष : मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़, राजनांदगाव के बारे में जानिए

नवरात्रि विशेष : मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़, राजनांदगाव के बारे में जानिए

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छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में स्थित है मां बम्लेश्वरी का भव्य मंदिर। पहाड़ों से घिरे होने के कारण इसे पहले डोंगरी और अब डोंगरगढ़ के नाम से जाना जाता है। यहां ऊंची चोटी पर विराजित बगलामुखी मां बम्लेश्वरी देवी का मंदिर। छत्तीसगढ़ ही नहीं देश भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केन्द्र बना हुआ है। हजार से ज्यादा सीढिय़ां चढ़कर हर दिन मां के दर्शन के लिए वैसे तो देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आते हैं लेकिन नवरात्रि के दौरान अलग ही दृश्य होता है। जो ऊपर नहीं चढ़ पाते उनके लिए मां का एक मंदिर पहाड़ी के नीचे भी है जिसे छोटी बम्लेश्वरी मां के रूप में पूजा जाता है। अब मां के मंदिर में जाने के लिए रोप वे भी लगाया गया है। मंदिर का इतिहास  लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व इसे कामाख्या नगरी के नाम से जाना जाता था। यहाँ राजा वीरसेन का शासन था। वे नि:संतान थे। संतान की कामना के ल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का UNGA में अद्भुत भाषण, उभरते हुए भारत की तस्वीर रखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का UNGA में अद्भुत भाषण, उभरते हुए भारत की तस्वीर रखी

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विश्व को युद्ध नहीं बुद्ध के शांति संदेश की जरूरत की बात कहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खतरे के प्रति विश्व समुदाय को चेताया है. उन्होंने गौतम बुद्ध के मार्ग पर चलते हुए आतंकवाद के विरूद्ध विश्व समुदाय से एकजुट होने की अपील की है. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को हिंदी में संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘आतंक के नाम पर बंटी दुनिया उन सिद्धांतों को ठेस पहुंचाती है, जिनके आधार पर संयुक्त राष्ट्र का जन्म हुआ था. मैं समझता हूं कि आतंकवाद के खिलाफ पूरे विश्व का एकजुट होना अनिवार्य है. https://www.youtube.com/watch?v=XfN-6sw0ZXM स्वामी विवेकानंद के 125 साल पहले शिकागो में धर्म संसद में दिए संदेश का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का आज भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए शांति और सौहार्द ही,
“छत्तीसगढ़ में साकार हो रहा गांधी जी के सुराजी गांव का सपना”: श्री अशोक गहलोत, राजस्थान मुख्यमंत्री

“छत्तीसगढ़ में साकार हो रहा गांधी जी के सुराजी गांव का सपना”: श्री अशोक गहलोत, राजस्थान मुख्यमंत्री

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राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत अपने मंत्रीमंडल के सहयोगियों और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ आदर्श गौठान बनचरौदा देखने पहुंचे। श्री गहलोत और उनके साथ आए मंत्रीगणों ने महुएं पेड़ के छांव तले गौठान में एक साथ मौजूद सैकड़ों गायों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गौठान के गोबर से बनाये पूजन सामग्री, सौंदर्य प्रसाधन, जैविक खाद, औषधि, कुटीर उद्योग के माध्यम से दोना-पत्तल तैयार करने के साथ आत्म निर्भरता की ओर ग्रामीण महिलाओं के बढ़ते कदम को देखकर सराहना की। रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में सुराजी गांव योजना के तहत बनाए गए इस आदर्श गौठान के अवलोकन के दौरान राजस्थान के कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया, गौ-पालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया एवं विधायक श्री रोहित वोहरा भी उनके साथ थे। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर नरवा, गरूवा, घुरवा एवं
’छत्तीसगढ़ में बापू के पदचिन्ह‘ वीडियो सोशल मीडिया में हो रहा जमकर वायरल : मात्र 12 घण्टे में 17 हजार से अधिक लोगों ने इसे देखा

’छत्तीसगढ़ में बापू के पदचिन्ह‘ वीडियो सोशल मीडिया में हो रहा जमकर वायरल : मात्र 12 घण्टे में 17 हजार से अधिक लोगों ने इसे देखा

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https://www.youtube.com/watch?v=8FYoDAG11m8 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए बनाया गया वीडियो ‘‘छत्तीसगढ़ में बापू के पदचिन्ह‘‘ सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। मात्र 12 घण्टे में ही 17 हजार से अधिक लोगों ने इसे cmo छत्तीसगढ़ के ऑफीशियल फेसबुक पेज में देख लिया है और देखने वालों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। प्रसिद्ध मानव वैज्ञानिक, संस्कृति और संग्रहालय में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले श्री अशोक तिवारी ने इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में गांधी जी को लेकर जिस खूबसूरती और गरिमामय तरीके से इसे दिखाया गया है जो काबिले तारीफ है इसके लिए मैं बधाई देता हॅू। इस वीडियो में दुलर्भ फोटोग्राफों को बहुत ही अच्छी तरह से दर्शाया गया है, वाइस और फिल्म की एडीटिंग बहुत सुन्दर तरीके से की गई है। सभी ल
विशेष: देश में बेरोजगारी चरम पर, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का युवाओं को अयोग्य कहना शर्मनाक

विशेष: देश में बेरोजगारी चरम पर, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का युवाओं को अयोग्य कहना शर्मनाक

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विगत महीनों से देश में नई सरकारी भर्तियां कम प्रकाशित हो रही. देश स्तर में आई आर्थिक मंदी इसकी प्रमुख वजह हो सकती नए संस्थान जैसे बैंकिंग, फाइनेंस, इन्शुरन्स इत्यादि भी अपना विस्तार जमीनी स्तर पर नहीं कर रहे है. भारत सरकार भी रोजगार हेतु चल रहे कार्यकर्मो में इतनी रूचि नहीं दिखा रही है. आखिर सरकारी रोजगार भर्ती सूचनाएं चुनावी साल में ही क्यों जारी होती है, जारी भी होती है तो सरकार बदल जाने पर निरस्त कर दी जाती है, अथवा सिलेक्शन परिणाम को काफी दिनों तक विलम्बित कर दिया जाता है. राजनीतिक पार्टियों की महत्वाकांक्षा में आज के बेरोजगार युवा पिछड़ रहे है. भारत सरकार द्वारा संचालित तमाम स्वरोजगार एवं प्रशिक्षण योजनाएं युवाओं को वो मुकाम नहीं दे पा रही, उल्टा उनपे बैंक से  लिए क़र्ज़ का भोझ डाल रही है. गौर करने वाली बात है, एक युवा को आप किसी भी ट्रेंड में प्रशिक्षण दे सकते है, पर एक दूकान
शिक्षक दिवस विशेष: 85 साल की पुष्पा 22 साल से गरीब बच्चों को निशुल्क दे रहीं हैं शिक्षा, ताकि उनकी पढ़ाई न रुके

शिक्षक दिवस विशेष: 85 साल की पुष्पा 22 साल से गरीब बच्चों को निशुल्क दे रहीं हैं शिक्षा, ताकि उनकी पढ़ाई न रुके

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बिलासपुर (एजेंसी) | रिटायरमेंट के बाद अमूमन लोग अपनी बची हुई उम्र घर परिवार के मोह में समर्पित करते हैं। कुछ ऐसे हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं। इनमें से एक हैं बिलासपुर की पुष्पा मेहता। 63 साल तक बच्चों को पढ़ाने के बाद भी इनकी पढ़ाने की भूख समाप्त नहीं हुई। इस समय राष्ट्रीय पाठशाला में प्रबंध संचालक हैं। साथ में बच्चों को हिंदी का पाठ भी पढ़ा रही हैं। वे ऐसा इसलिए कर रही हैं कि उनके जीते जी गरीब बच्चे पढ़ाई से वंचित न होने पाएं। वेतन नाममात्र का, इसलिए शिक्षकों को यहां पढ़ाना पसंद नहीं विद्या नगर में रहने वाली पुष्पा 85 साल की हैं। 30 अप्रैल 1997 को वे रिटायर हुईं थीं। इसके बाद भी वे 22 साल से गरीब बच्चों के बीच पांच घंटे रहती हैं। कम सुनाई देता है बावजूद इसके वे बच्चों के मन को सुन लेती हैं। बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का उद्देश्य है कि गरीब बच्चों की पढ़ाई न रुके। क्योंकि राष्ट्रीय
व्यक्ति विशेष: छत्तीसगढ़ की बेटी ने देश का किया नाम रोशन, वर्ल्ड योग फ़ेस्टिवल में जीते मेडल

व्यक्ति विशेष: छत्तीसगढ़ की बेटी ने देश का किया नाम रोशन, वर्ल्ड योग फ़ेस्टिवल में जीते मेडल

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कहते है ना कि पूत के पांव पालने में ही दिखने लगते है। एक मजदुर पिता ने अपनी बेटी की प्रतिभा को न सिर्फ पहचाना बल्कि उसे आगे उड़ने के लिए पंख भी दिए। छत्तीसगढ़ प्रदेश के योग की ब्रांड एम्बेसडर दामनी साहू ने बुल्गारिया में आयोजित वर्ल्ड योग फ़ेस्टिवल में दो सिल्वर मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। 16 देशो के खिलाड़ियों ने लिया था भाग  हाल ही में 28 से 30 जून के बीच बुल्गारिया में संपन्न हुए विश्व योग समारोह में योग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमे हिस्सा लेने दामिनी यहां पहुंची थी। 7 कैटेगिरी में हुई इस प्रतियोगिता में चीन, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड सहित 16 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।भारत से 19 खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। जिसमे छत्तीसगढ़ से तीन खिलाड़ी शामिल हुए थे। कोच संतोष आनंद राजपूत के मार्गदर्शन में इन सभी खिलाड़ियों ने विदेशों में नाम रोशन
व्यक्ति विशेष: हीरारतन थवाईत, जिन्होंने अकेले ही नदी तट पर 7 एकड़ बंजर जमीन को 5 सौ पौधे रोप कर बना दिया हराभरा

व्यक्ति विशेष: हीरारतन थवाईत, जिन्होंने अकेले ही नदी तट पर 7 एकड़ बंजर जमीन को 5 सौ पौधे रोप कर बना दिया हराभरा

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कसडोल (एजेंसी) | मैं दुनिया बदल सकता हूं मुहावरे को ग्राम कटगी में एक गरीब किसान ने चरितार्थ कर दिया है। उन्होंने गांव में हरियाली ही हरियाली ला दी है। उन्होंने नदी तक के डुबान क्षेत्र में बंजर पड़ी 7 एकड़ जमीन पर लगाए हैं 5 सौ पौधे, जिसमें 20 दिन से 20 साल उम्र के पेड़ शामिल हैं। पर्यावरण तो शुद्ध हुआ ही है। इस एरिया को देखने में मन बाग-बाग हो जाता है। उस व्यक्ति की जितनी प्रंशसा की जाए कम है। कसडोल से गिधौरी मुख्य मार्ग में 12 किमी दूरी पर जोक नदीं के तट पर बसा ग्राम कटगी है, जिसकी आबादी लगभग 4 हजार है। इसी गांव गरीब किसान 64 साल के हीरारतन थवाईत 20-25 सालों से लगातार पौधरोपण कर रहे हैं। उन्होंने जोक नदी एवं कटगी बस्ती के बीच बाढ़ आने पर डुबान क्षेत्र नदी किनारे पौधरोपण कर हरियाली ला दी है, जिसे देखकर मन आनंदित हो उठता है। 25 सालों में 500 पौधे रोपे शुरुआत में कुछ बबूल के बीज छिड़क
व्यक्ति विशेष: जेल में रह रही 6 साल की मासूम का स्कूल में दाखिला कराकर, कलेक्टर ने पेश की इंसानियत की मिसाल

व्यक्ति विशेष: जेल में रह रही 6 साल की मासूम का स्कूल में दाखिला कराकर, कलेक्टर ने पेश की इंसानियत की मिसाल

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बिलासपुर (एजेंसी) | बिलासपुर के जिला कलेक्टर डॉ. संजय कुमार अलंग ने 6 वर्षीय ख़ुशी (बदला हुआ नाम) का स्कूल में दाखिला कराकर उसे नई जिंदगी दी और इंसानियत की एक मिसाल पेश की। बीते दिनों, जब बिलासपुर के कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने जेल का दौरा किया, तो उनकी मुलाक़ात इस बच्ची से हुई। ख़ुशी ने उन्हें बताया कि वह जेल की चारदीवारी से बाहर निकलकर पढ़ना चाहती है। बाकी बच्चों की तरह बाहर के स्कूल में जाना चाहती है। शिक्षा के प्रति इस बच्ची का लगाव देखकर, आईएएस अफ़सर डॉ. संजय अलंग ने इस बारे में कुछ करने की ठानी। उन्होंने जेल के अधिकारियों से बात करके शहर के किसी अच्छे स्कूल में ख़ुशी का दाखिला करवाने का फ़ैसला किया। महज छह साल की ख़ुशी जेल की सलाखों के पीछे रहने के लिए इसलिए मजबूर है क्यूँकि उसके पिता यहाँ पर सजा काट रहे हैं। ख़ुशी की माँ का देहांत उसके जन्म के कुछ समय बाद ही हो गया था। घर में कोई और नहीं