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विधानसभा चुनाव 2018: बघेल के लिए बेल नहीं, जेल फायदेमंद; क्या कांग्रेस के लिए गेम चेंजर होगा ये मुद्दा?

रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ में सेक्स, सीडी और सियासत की डर्टी पॉलिटिक्स। आखिरकार इस पोलिटिकल ड्रामे को पीसीसी चीफ भूपेश बघेल की गिरफ्तारी ने हाईवोल्टेज दे दिया है। बिलासपुर में कांग्रेसियों पर हालिया लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे को आड़े हाथो लिया है। खबर तो ये भी है कि, यह सब भूपेश की गिरफ्तारी के बाद नहीं, बल्कि पहले ही तय हो गया था।

तो क्या पहले से तय था जमानत नहीं लेंगे भूपेश बघेल

दरअसल, रविवार की सुबह अश्लील सीडी कांड मामले में भूपेश बघेल को सीबीआई का समंस मिलते ही सारे आला नेताओं ने आपस में बात कर अगले दिन की रणनीति पहले ही बना ली थी। रणनीति थी यही कि भूपेश जमानत नहीं लेंगे, भले ही उन्हें जेल भेज दिया जाए। और यही हुआ भी। प्रदेश प्रभारी पुनिया को भी रविवार रात से ही इस रणनीति की खबर थी।




इसके बाद डॉ. चरणदास महंत, रविंद्र चौबे, सत्यनारायण शर्मा समेत अन्य दिग्गज नेताआें को सोमवार की सुबह राजधानी बुलाया गया। कोर्ट शुरू होने से पहले कांग्रेसी अपनी रणनीति के तहत सक्रिय हो गए। इसकी पूरी कमान बघेल के साथ महंत, चौबे और सत्यनारायण शर्मा ने संभाल ली थी।

कांग्रेस का कहना है कि सीबीआई को कोर्ट की फटकार के बाद चालान आनन-फानन में बना है। कार्रवाई टलने के बाद बघेल समेत दूसरे बड़े नेता राजीव भवन पहुंचे और रात में बनाई गई रणनीति को अंतिम रूप दिया कि बघेल दोषी हैं ही नहीं तो जमानत क्यों मांगना? कोर्ट जो फैसला दे। बघेल ने पैरवी के लिए वकील भी नहीं रखा। यह सब पार्टी हाईकमान से बात कर तय हुआ। फिर भूपेश ने खुद कार ड्राइव की और महंत, चौबे व धनेद्र के साथ एक ही कार में राजीव भवन से कोर्ट पहुंचे। तब तक कांग्रेस की रणनीति की जानकारी सबको हो चुकी थी।

अब इस मुद्दे पर प्रदेशभर में जेल भरो आंदोलन आज से हो गया है। इसके लिए पुनिया खुद आए और पुलिस ने उनको और बाकि सब विरोध कर रहे नेताओ को जेल में डाल दिया है। अब पूरा संगठन सारे मुद्दे भुलकर इस मामले को राजनीतिक रूप से भुनाने के लिए एकजुट हो गया है। वही मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि भूपेश ने बहुत ही गन्दी राजनीति की है। इसकी सजा तो मिलनी ही थी।

इस पखवाड़े राजनीति में क्या क्या हुआ

20 सितंबर: बिलासपुर में भाजपा मंत्री अमर अग्रवाल के बंगले में कचरा फेंकने के बाद पुलिस ने कांग्रेसियों को कांग्रेस भवन में घुसकर लाठियों से पीटा।

21 सितंबर: इसके दूसरे ही दिन जगदलपुर में भी ऐसी ही घटना हुई। यहां भी कांग्रेसियों को पुलिस ने कांग्रेस भवन में घुसकर गिरफ्तार किया।

22 सितंबर: लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस ने पीएम मोदी राजनांदगाव में को काला झंडा दिखाने की कोशिश की। इसके पहले ही कांग्रेस नेता गिरफ्तार कर लिए गए।

24 सितंबर: अश्लील सीडी कांड में भूपेश बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। उन्होंने जमानतलेने से इंकार कर दिया था।

25 सितम्बर: रायपुर में कांग्रेस का भरो आंदोलन। जिसके बाद प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, मोहम्मद अकबर, रविंद्र चौबे, महापौर प्रमोद दुबे सहित कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी सेंट्रल जेल की ओर रवाना हुए जहाँ सभी नेताओ को गिरफ्तार कर लिया गया।



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