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कर्नाटक में किसानों के खिलाफ कर्ज न चुका पाने के कारण वारंट जारी हो रहे हैं -स्मृति ईरानी

रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ में चुनावी घमासान चरम पर है। भाजपा के स्टार प्रचारकों की फौज रोज विधानसभा क्षेत्रों में जाकर प्रचार कर रही है। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने छत्तीसगढ़ में आमसभा ली। उन्होंने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए पूछा कि उनका सेनापति कौन है, किसके  नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है।

केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रारंभ से ही कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले ये बताये कि उनका नेता कौन है? भाजपा जनता के सहयोग व आशीर्वाद से अपने घोषित सेनापति के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस पार्टी अब तक अपना नेता नहीं चुन पाई, वो जनता के सामने किस आधार पर, किसके नेतृत्व पर विश्वास जतलाने की बात कर सकती है। कांग्रेस ये कह सकती है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है।




स्मृति ने आगे कहा कि अगर बात राहुल के नेतृत्व की है, तो उनके नेतृत्व में कितनी कमी है, इसका उनसे बड़ा प्रमाण कोई और नहींं है। उन्होंने 2014 में अमेठी लोकसभा से चुनाव लडऩे का जिक्र किया। कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी छग में अपनी घोषणापत्र की चर्चा कर रही है। उसमें अधिकांश वादे राहुल गांधी अपने लोकसभा क्षेत्र अमेठी में कर चुके हैं, अपने ही लोकसभा क्षेत्र में लोगों को धोखा दे चुके हैं, वचनपूर्ति नहीं कर पाए हैं और अब छग में सपने दिखाने आए हैं।

छग के खाद्य सुरक्षा गारंटी स्कीम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यहां हर गरीब परिवार को कम से कम 7 किलो प्रति व्यक्ति अनाज महीने में मिलता है।पहले केंद्र और उप्र में सरकार रहते हुए भी अमेठी में सबसे ज्यादा कुपोषण के शिकार रहे हैं, जहां राहुल गांधी स्वयं सांसद हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जहां से 10 साल से सांसद हैं, वहां पर लोग आज भी एक-एक अन्न जुटाने को तरस रहे हैं। जो एक लोकसभा क्षेत्र का विकास नहीं कर पाया वो एक प्रदेश की कमान क्या संभालेगा। स्मृति ईरानी ने राहुल पर प्रहार करते हुए कहा कि घोषणा पत्र जारी करते समय राहुल गांधी बार-बार कर्नाटक में हुए कथित कर्ज मांफी का जिक्र कर रहे थे, जबकि सच यह है कि वहां लगातार किसानों के खिलाफ कर्ज न पटा पाने के कारण गिरफ्तारी वारंट निकल रहे हैं। इस तरह कांग्रेस लगातार झूठ बोल-बोलकर किसानों और छत्तीसगढ़ की जनता को ठगने की कोशिश कर रहे हैं।

लोकतंत्र जीवित रहे इसलिए दे रहे पहरा

उन्होंने सोमवार को हो रहे पहले चरण के मतदान का उल्लेख करते हुए कहा कि न सली हिंसा से ग्रस्त इलाकों में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं ताकि उनके संरक्षण में लोकतंत्र फल-फूल सके। अंत में स्मृति ने कहा कि छग में चुनाव दो ऐसी पार्टियों के बीच है जिनमें एक पार्टी के नेता अपने पुरुषार्थ से देश का प्रधानमंत्री बने। वहीं दूसरी पार्टी के नेता ऐसे जिन्होंने बड़े परिवार में जन्म लेने के कारण देश को बपौती समझा है। एक नेता वो है जो दीवाली पर अपने घर में दीया नहीं जलाते, बल्कि सेना के जवानों के साथ रहते है। दूसरा नेता ऐसा जो भारत के टुकड़े करने वालों का साथ देता है।

राज बब्बर के बयान पर प्रहार 

कुछ दिनों पहले ही रायपुर में कांग्रेस नेता राजब बर की न सलियों को क्रांतिकारी कहने की टिप्पणी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि वे लोग जो छग के बेगुनाहों का खून बहाते हैं, जो छग में सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां चलाते हैं, वे लोग जो मीडिया के साथियों को मौत के घाट उतारते हैं, कांग्रेस पार्टी के लिए क्रांतिकारी की तरह पूजे जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे कांग्रेस पार्टी की सरकार में छग की जनता सुरक्षित रह पाएगी।



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