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भाजपा का ऐलान, प्रदेश में किसी सांसद को नहीं मिलेगा टिकट, विधानसभा में करारी शिकस्त के बाद लोकसभा में बड़ी हार का अंदेशा इसलिए लिया फैसला

नई दिल्ली (एजेंसी) | आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक हुई जिसमे छत्तीसगढ़ में सभी 10 भाजपा सांसदों का टिकट काटने का फैसला लिया गया। भाजपा के प्रभारी महासचिव डॉ. अनिल जैन ने कहा कि राज्य में सभी भाजपा सांसदों के टिकट काट दिए गए हैं। पार्टी नए चेहरों के साथ लोकसभा चुनाव में उतरेगी।

पार्टी के इस फैसले का कुछ सांसदों ने विरोध किया है तो कुछ सांसदों ने पार्टी के फैसले को शिरोधार्य किया।वही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा किइससे भाजपा कोई फायदा नहीं होने वाला है। विधानसभा चुनाव में इसी फार्मूले की वजह से उसकी हार हुई थी।

हारे विधायकों और उनके परिवार के सदस्यों को भी नहीं मिलेगा टिकट

छत्तीसगढ़ के लिए बने नए मापदंड में मौजूदा सांसदों व उनके परिवार के सदस्य और हारे विधायकों को भी टिकट नहीं मिलेगा। छत्तीसगढ़ से भेजे पैनल में ज्यादातर पुराने चेहरे थे। जिसके बाद रविवार को हुई कोर ग्रुप की बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश के नेताओं से पूछा था, “क्या इस तरह के फॉर्मूले पर विचार किया जा सकता है।”

उन्होंने निर्देश दिया था कि इस फॉर्मूले के आधार पर नाम लाया जाए। लेकिन मंगलवार को सीईसी के सामने जब पैनल आया, तो उसमें फिर कुछ पुराने नाम थे। इस पर शाह ने नाराजगी जताई।

सूत्रों के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उसी फॉर्मूले पर सहमति दी जिसका जिक्र शाह ने कोर ग्रुप बैठक में किया था। शीर्ष नेतृत्व के तल्ख तेवर के बाद पार्टी ने सीईसी की ओर से लिस्ट जारी करने की बजाए अनिल जैन को जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया। देर रात जैन ने यह एलान किया, “छत्तीसगढ़ में भाजपा के किसी भी मौजूदा सांसद को टिकट नहीं मिलेगा।”

फ़ैसले की वजह, “मिशन 65+ की दुर्गति, सांसदों के खिलाफ भी एंटी इनकंबेंसी”

सरगुजा, कांकेर और बस्तर (दंतेवाड़ा छोड़) संसदीय क्षेत्र में शामिल विधानसभा की सभी सीटों पर हार। विधानसभा चुनाव के नतीजों से पार्टी ने सबक लिया। पार्टी के संचालकों की रिपोर्ट के अनुसार एंटी इनकंबेंसी न सिर्फ विधायकों के खिलाफ थी बल्कि सांसदों के खिलाफ भी है। विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ता घर बैठ गए थे, नतीजा मिशन 65+ फेल हो गया।

लोकसभा में भी अगर चेहरे नहीं बदले तो वे फिर मैदान में नहीं निकलेंगे। पीएम मोदी और शाह द्वारा कराए गए सर्वे में सांसदों का पिछड़ना। सासंदों की निष्क्रियता के कारण जोगी कांग्रेस-बसपा का आधार बढ़ा।

इस फैसले का प्रदेश भाजपा की राजनीति में असर

इस फॉर्मूले के आधार पर राजनांदगांव सीट रमन सिंह परिवार के हाथ छिन जाएगी। उनके बेटे अभिषेक सिंह को टिकट नहीं मिलेगा और पिता होने के नाते वे भी इस सीट से नहीं लड़ पाएंगे। जबकि रायपुर से बृजमोहन अग्रवाल, बिलासपुर से अमर अग्रवाल और दुर्ग से प्रेम प्रकाश पांडे का नाम तेजी से चल रहा है।

वर्तमान सांसद

बस्तर- दिनेश कश्यप, कांकेर- विक्रम उसेंडी, राजनांदगांव- अभिषेक सिंह, रायपुर- रमेश बैस, महासमुंद- चंदूलाल साहू, बिलासपुर- लखनलाल साहू, कोरबा- बंसीलाल महतो, जांजगीर- कमला पाटले, रायगढ़- विष्णु साय, सरगुजा- कमलभान सिंह।

RO-11243/71

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