chhattisgarh news media & rojgar logo

रिक्शाचालक पिता के साथ प्रीति सागर पहुँची निर्दलीय नामांकन भरने, पहली बार नागा साधु भी मैदान में

रायपुर (एजेंसी) | दूसरे दौर के नामांकन के आखिरी दिन उम्मीदवारों के कई रंग देखने को मिले। राजधानी की पश्चिम सीट से निर्दलीय उम्मीदवार प्रीति सागर अपने पिता के रिक्शे में पर्चा दाखिल करने पहुंची। ढोल बजाने वाले उनके चाचा भी इस मौके पर थे।




नामांकन के आखरी दिन शुक्रवार को था। आज सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि एक नागा बाबा ने भी चुनाव लड़ने पर्चा भर दिया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पहली बार नागा साधु भी चुनावी अखाड़े में दांव अजमाने के लिए उतरे। बाबा का नाम है कमल जयपुरी वे पश्चिम विधानसभा से भाजपा के राजेश मूणत व कांग्रेस प्रत्याशी विकास उपाध्याय के खिलाफ ताल ठोकेंगे।

गुरुवार को जूना अखाड़े के नागा साधु दिगंबर जनकपुरी महाराज रायपुर पश्चिम से नामांकन दाखिल करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके साथ साधुओं की टोली थी। वे भगवान के नाम की जयकारा लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।

मीडिया से बातचीत में नागा बाबा ने बताया कि वे किसी काम से मंत्री मूणत के घर गए थे, लेकिन उन्होंने उन्हें बेइज्जत कर निकाल दिया था। तब से उन्होंने प्रण कर रखा था कि वे उनके खिलाफ मैदान में उतरेंगे। यह भी पता चला है कि देवभोग के संचर आश्रम के बाबा उदय नाथ बिंद्रानवागढ़ सीट से मैदान में उतरना चाहते थे। उन्होंने भाजपा नेताओं से संपर्क भी किया था। उनकी उस इलाके में अच्छी पैठ है। जरुरत पड़ने पर ये मोटरसाइकल पर चलते हैं। खुद को टिकट न मिलती देख उन्होंने भाजपा संगठन को विकल्प दिया था कि किसी पढ़े-लिखे इंसान को प्रत्याशी बना दें। मालूम हो कि विधानसभा लड़ने के इच्छुक संतो, तांत्रिकों व बाबाओं की कमी नहीं है। जांजगीर -चांपा जिले से तांत्रिक रामलाल कश्यप भी भाजपा की टिकट मांग रहे थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। जोगी कांग्रेस के सुप्रीमो अजीत जोगी ने उन्हें अपनी पार्टी से लड़ने का आफर दिया था, लेकिन वे नहीं माने।

नागा साधु रायपुर पश्चिम से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इस सीट पर भाजपा से परिवहन मंत्री राजेश मूणत, कांग्रेस से विकास उपाध्याय, जनता कांग्रेस छग और बसपा गठबंधन से भोजराज गौरखड़े और आम आदमी पार्टी से उत्तम जायसवाल चुनावी मैदान में हैं। जनकपुरी महाराज ने कहा कि वे समाज से भ्रष्टाचार मिटाने और लोगों की भलाई के लिए राजनीति में कदम रख रहे हैं। नागा साधु का नामांकन दाखिल करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है।



Leave a Reply