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आने वाले नए साल में नई सरकार के सामने होंगी किए गए वादों को पूरा करने की नई चुनौतियां

रायपुर (एजेंसी) | नए मंत्रियों के विभाग बांटे जाने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व उनके मंत्रियों के सामने जनता से किए गए वादों के अनुसार अलग-अलग कामों को पूरा करने चुनौतियां हैं। किस मंत्री के पास किस प्रकार की चुनौतियां है और कौन से काम उसे प्राथमिकता के साथ पूरा करने हैं। इसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए  सरकार ने जन घोषणा पत्र के वादों को जल्द से जल्द पूरा करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही प्राथमिकता से लागू किए जाने वाले अहम कामों की जिम्मेदारी मंत्रियों को दे दी है।




1. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (सामान्य प्रशासन, ऊर्जा, खनिज व जनसंपर्क सूचना विभाग)

बिजली बिल हाफ और पूर्ण शराबबंदी का फैसला करना, राजीव मित्र योजना के तहत 10 लाख बेरोजगार युवाओं को रोजगार, सरकारी कर्मचारियों को क्रमोन्नति पदोन्नति व चार स्तरीय वेतनमान और अनियमित संविदा व दैनिक वेतन भोगी का नियमितीकरण करना।

2. रविंद्र चौबे (संसदीय कार्य, विधि, कृषि, पशुपालन, मछली पालन, जल संसाधन)

 

विपक्ष के आरोपों के जवाब की अहम भूमिका, किसानों की कर्ज माफी, धान खरीदी समर्थन मूल्य के सिस्टम को लागू करना, जल संसाधन विभाग के घोटालों और आर्थिक कमी को दूर करना, किसानों तक खाद-बीज की उपलब्धता को सुनिश्चित करना।

3. टीएस सिंहदेव (पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जीएसटी, आर्थिक एवं सांख्यिकी)

अस्पतालों को दुरुस्त करना, हेल्थ केयर स्कीम, मेडिकल कॉलेज व डॉक्टर, नर्स समेत अन्य पदों पर भर्ती, पेसा कानून को लागू करना, भूमिहीन ग्रामीण परिवार को घर, बाड़ी और हर गांव में पेयजल, निस्तार व सिंचाई की सुविधा देना।

4. ताम्रध्वज साहू (गृह विभाग, जेल, लोक निर्माण, धर्मस्व और पर्यटन)

नक्सल समस्या के समाधान की रूपरेखा बनाना, 3 साल में पर्यटन को उद्योग का रूप देना, चिटफंड कंपनियों से निवेशकों को पैसा वापस दिलाना, साइबर व आर्थिक अपराध समेत ला एंड आर्डर को ठीक करना, पुराने भ्रष्टाचार व घोटालों की जांच करना।

5. मोहम्मद अकबर (परिवहन, आवास एवं पर्यावरण, वन विभाग, खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग)

 

हर परिवार को एक रुपए की दर से 35 लोग चावल बांटना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार, परिवहन विभाग के जरिए होने वाली वसूली पर रोक, चेक पोस्ट बॉर्डर की समस्या सुलझाना, शहरों को प्रदूषण मुक्त करना, शहरी परिवारों को आवास एवं भत्ता देना।

6. उमेश पटेल (उच्च शिक्षा, तकनीकी, कौशल, विज्ञान, खेल व युवा कल्याण)




सभी जिलों में कन्या पॉलिटेक्निक व आईटीआई की स्थापना, खेलकूद को बढ़ावा देना, खेल मैदान व उपकरण उपलब्ध कराना, हर ब्लॉक में खेल परिसर व 100 बेड छात्रावास, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज सहित दूसरे शिक्षण संस्थानों के खाली पदों को भरना।

7. जय सिंह अग्रवाल, (राजस्व, आपदा, प्रबंधन, पुनर्वास और पंजीयन-स्टाम्प)

किसानों की कर्ज माफी, शराबबंदी, संपत्ति कर आधा करने के लिए राजस्व की अतिरिक्त व्यवस्था, छत्तीसगढ़ सरकार के कर्ज को देखते हुए कर्ज से उबारने के लिए राजस्व के नए उपाय तलाशना, खनिज व दूसरे क्षेत्र में हो रही राजस्व की चोरी को रोकना।

8. अनिल भेंडिया (महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण)

 

पूर्ण शराबबंदी व महिलाओं से किए वादे को पूरा करना, हर जिला मुख्यालय में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास भवन, महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और महिलाओं को सुरक्षा, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने शहरों में रात को तिरंगा ऑटो का संचालन।

9. शिव कुमार डहरिया (नगरी प्रशासन और श्रम विभाग)

संपत्ति कर को आधा करना, कचरा मुक्त शहर बनाना, नगरीय निकायों में 2020 तक परिवारों को शुद्ध पेयजल, प्रमुख शहरों में यातायात को दुरुस्त करना, 60 साल से अधिक आयु के व्यक्ति को एक हजार व 75 साल से अधिक वालों को 1500 पेंशन देना।

10. गुरु रुद्र कुमार (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं ग्रामोद्योग विभाग)

 

15 फीसदी से कम सिंचाई वाले ब्लॉक में बोरवेल पंपों की व्यवस्था, प्रदेश में 95 फीसदी सूखा प्रभावित तहसीलों में ड्रिप सिंचाई, मौजूदा सिंचाई परियोजना को गर्मी से पहले चालू करना, छोटे नदी, नालों, तालाबों व स्टॉप डैम को चालू करवाना।

11. प्रेमसाय सिंह  (स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण)

 

सरकारी स्कूलों में खाली शिक्षकों के 50 हजार पदों को भरना, निजी स्कूलों और कॉलेजों में फीस निर्धारण, शिक्षा का मॉडल, छात्राओं को नर्सरी से पीजी तक नि:शुल्क शिक्षा, तकनीकी व प्रोफेशनल कोर्स के लिए शिक्षा लोन पर अनुदान देना।

12. कवासी लखमा ( उद्योग, आबकारी और वाणिज्य)

पूर्ण शराबबंदी के लिए पॉलिसी बनाना, लघु वनोपज के सही कीमत और वनोपज पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना, प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित करने के लिए नीति बनाना,  हाथी प्रभावित क्षेत्रों को बचाना, उद्योगों सुरक्षित और उद्योग फ्रेंडली माहौल बनाना।



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