chhattisgarh news media & rojgar logo

सोशल मीडिया में वायरल लेटर को लेकर डॉ. राजू का बड़ा बयान, कहा- फर्जी है यह लेटर, विरोधियों की है साजिश

रायगढ़ (एजेंसी) | सोशल मीडिया में कल एक पत्र वायरल हुआ। जिसमें कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार डॉ. राजू अग्रवाल के नाम मंत्री अमर अग्रवाल ने पंडित दीनदयाल मेडिकल विश्वविद्यालय रायपुर को उनकी सदस्यता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री रमन सिंह को पत्र लिखा था। जिसमें लिखा था कि वह भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं। इसलिए उनका कार्यकाल बढ़ाया जाए।




क्योंकि अभी चुनाव का माहौल है और कांग्रेस प्रत्याशियों में डॉक्टर राजू का नाम भी चर्चा में है तो स्वाभाविक रूप से माहौल तो बनना ही था। कुछ लोग इस लेटर की आड़ में डॉ राजू पर भाजपा के प्रति आस्था होने के कह रहे थे। उन पर फूल छाप कांग्रेसी होने तक का आरोप लगाया गया। इस पत्र के पक्ष में कहने वाले लोगों का मत था कि जब वह मई 2017 में कांग्रेस ज्वाइन कर चुके थे तो नवंबर 2017 में भी मंत्री अमर अग्रवाल द्वारा उन्हें भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता बताना.. डॉक्टर राजू की उनकी दोहरी नीति बताता है।

कुछ ऑनलाइन मीडिया ने भी ये खबरें चलाई थी। सोशल मीडिया में भी इस बात को खूब हवा मिली। देखते ही देखते कांग्रेस में ही दो फाड़ हो गया। कुछ उनके समर्थन में इस पत्र को फर्जी ठहरा रहे थे। तो कुछ उनके विपक्ष में आरोप लगा रहे थे। इस पत्र के बाहर होते बाद ही सोशल मीडिया में दूसरा पत्र वायरल होने लगा। जिसमें इस पत्र को फर्जी बताकर इसकी कई खामियां गिनाई गई। जैसे कि इस पर पत्र क्रमांक ना होना। यूनिवर्सिटी का नाम गलत होना और उसके साथ ही मंत्री अमर अग्रवाल का सिग्नेचर सही ना होना। इसमें उनका तर्क किया था कि किसी भी मंत्री के कार्यालय से जारी होने वाले पत्र पर इन सब चीजों का होना जरूरी है और साथ ही इसमें कुछ शाब्दिक त्रुटियां भी है।


इस बारे में हमने डॉ राजू अग्रवाल से इस पत्र के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ स्पष्ट रूप से कहा कि यह पत्र पूरी तरह से फाल्स लेटर है। सबसे अच्छा रहेगा कि इस बारे में माननीय मंत्री अमर अग्रवाल जी से पूछा जाए, क्या उनके कार्यालय से यह पत्र जारी हुआ था या नहीं। दूसरी बात कि इस पत्र में कई गंभीर त्रुटिया है, जो किसी भी मंत्री महोदय के कार्यालय निकले पत्र में नहीं हो सकती।

इसके बाद उन्होंने मंत्री कार्यालय पर भी लेटर निकलने पर चिंता व्यक्त की और कहा आखिर या लेटर किसने उनके कार्यालय से प्राप्त किया। यह जांच का विषय उनके लिए है कि उनके ऑफिस में ऐसी क्या कमियां है कि उनके ऑफिस से उनका लेटर पैड निकल गए। यह एक गंभीर प्रशासनिक कमी है।

इसके बाद उन्होंने विरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस लेटर के माध्यम से हरबराहट में मेरा चरित्रहनन.. चरित्रहनन तो नहीं.! मेरी टिकट की दावेदारी को खत्म करने के लिए किया गया है।



Leave a Reply