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मुख्यमंत्री और 11 मंत्रियों के बीच 54 विभागों का हुआ बंटवारा, सीएम बघेल ने रमन की तरह वित्त, ऊर्जा जैसे अहम विभाग अपने पास रखा

रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा गुरुवार को कर दिया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पास उन पांच विभागों को रखा है जिनको पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह संभाल रहे थे। सीएम बघेल ने सामान्य प्रशासन, वित्त, ऊर्जा, खनन, जनसंपर्क, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग अपने पास रखा।

टीएस सिंहदेव ने गृह विभाग लेने से इनकार किया तो उन्हें पंचायत और ग्रामीण विकास के साथ स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा योजना आर्थिक और सांख्यिकी, बीस सूत्रीय कार्यक्रम और वाणिज्यिक कर (जीएसटी) सौंपा गया है। वहीं ताम्रध्वज साहू को गृह और पीडब्ल्यूडी मंत्री बनाया गया है।




मंत्रिमंडल के लिए पिछले तीन दिनों से चर्चा चल रही थी। मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और मंत्रियों के बीच चर्चा के बाद विभागों की सूची कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पास भेजी गई। दिल्ली में नाम तय होने के बाद सूची राज्यपाल को भेज दी गई। मंत्रिमंडल में अभी एक पद खाली है। इसलिए कुछ मंत्रियों के पास विभागों की संख्या अधिक हो गई है। 13वां मंत्री बनने के बाद विभागों में एक बार फिर बदलाव होगा।

छग मंत्रिमंडल में बघेल समेत 12 मंत्री

17 दिसंबर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू ने शपथ ली थी। इसके बाद 25 दिसंबर को 9 विधायकों को शपथ दिलाई गई थी। इनमें से 6 नए चेहरों को मौका दिया गया था। कवासी लखमा, शिव डहरिया, उमेश पटेल, जयसिंह अग्रवाल, गुरु रुद्र कुमार और अनिला भेड़िया को पहली बार मंत्री बनाया गया। इनके अलावा मो. अकबर, प्रेमसाय सिंह टेकाम और रविंद्र चौबे ने भी शपथ ली थी।

1. भूपेश बघेल

5 विभाग: सामान्य प्रशासन, वित्त, ऊर्जा, खनिकर्म, जनसंपर्क, इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और अन्य विभाग जो किसी मंत्री को आवंटित ना हों।

क्यों: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जीएडी के सहारे पूरा प्रशासन अपने हाथ में रखा है साथ ही खनिज और ऊर्जा प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। जनसंपर्क के माध्यम से सरकार के काम-काज पर भी सीधी नजर रख सकेंगे।

2. टीएस सिहंदेव

6 विभाग: पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी, बीस सूत्रीय, वाणिज्यक कर (जीएसटी)




क्यों: सीएम की दौड़ में थे लेकिन सीएम नहीं बन पाने के कारण महत्वपूर्ण विभाग सिंहदेव को दिए गए हैं। इसके साथ ही उनकी संजीदगी के कारण उन्हें गांवों के विकास आैर लोगों के स्वास्थ्य की भी जिम्मेदारी दी गई है। अच्छे प्लानर भी हैं।

3. ताम्रध्वज साहू

5 विभाग: गृह विभाग एवं जेल, लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) तथा धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग।

क्यों: सीएम की रेस में आगे थे। लेकिन सीएम नहीं बन पाए इसलिए इन्हें भी बड़ा विभाग देकर संतुष्ट करने की कोशिश की गई है। प्रशासनिक अनुभव उन्हें गृह जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपा गया है। उन्हें पर्यटन और संस्कृति दिया गया है।

4. रविंद्र चौबे 

 

8 विभाग: संसदीय कार्य, विधि एवं विधायी कार्य, कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी, पशुपालन, मछली पालन, जल संसाधन एवं आयाकट विभाग।

क्यों: वरिष्ठ विधायक खेती-किसानी से जुड़े नेता होने के कारण उन्हें कृषि जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है। वहीं वरिष्ठ विधायक होेने के नाते उनका संसदीय ज्ञान बहुत अच्छा है इसलिए उन्हें संसदीय कार्य विभाग का दायित्व सौंपा गया है।

5. मोहम्मद अकबर

परिवहन विभाग, आवास एवं पर्यावरण, वन विभाग, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण विभाग

6. उमेश पटेल

4 विभाग: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास जनशक्ति नियोजन, विज्ञान प्रौद्योगिकी, खेल।

क्यों: इंजीनियर होने के कारण उन्हें उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग सौंपा गया है। युवा होने के कारण वे कौशल विकास और जनशक्ति नियोजन में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्हें प्रदेश की प्रतिभा निखारने का अवसर दिया गया है।

7. जयसिंह अग्रवाल

3 विभाग: राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, पंजीयन एवं स्टाम्प

क्यों: काेरबा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व और राजस्व नियमों की जानकारी रखते हैं। व्यापार जगत से आते हैं और बारीकियों को समझते हैं, इसलिए पंजीयन और स्टाम्प जैसे विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।




8. अनिला भेड़िया

 

2 विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग

क्यों: एक मात्र वरिष्ठ महिला विधायक होने के कारण मंत्रिमंडल में जगह मिली। महिलाओं के उत्थान के लिए काम करने की वजह से महिला एवं बाल विकास की जिम्मेदारी दी गई। आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व भी मिला।

9. शिव डहरिया

 

2 विभाग: नगरीय प्रशासन विकास एवं श्रम विभाग का मंत्री बनाए गए।

क्यों: तीन बार के विधायक। एससी वर्ग से होने के कारण उन्हें लिया गया है। शहरी क्षेत्र में काम करने और श्रमिक वर्ग के बीच सक्रिय होने के कारण ये विभाग मिले। मंत्रिमंडल में सामाजिक समीकरण भी संतुलित होगा।

10. गुरु रुद्र कुमार

 

2 विभाग: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं ग्रामोद्योग विभाग

क्यों: ग्रामीण इलाकों में काम के अनुभव को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सतनामी समाज के गुरू होने के कारण बड़े वर्ग को साधने की जिम्मेदारी इन पर होगी।

11. प्रेमसाय सिंह टेकाम

 

5 विभाग: स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति- जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, सहकारिता विभाग।

क्यों: अजीत जोगी शासनकाल में भी मंत्री रह चुके हैं। आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व और सरगुजा से होने के कारण उन्हें स्कूल शिक्षा और अनुसूचित जाति तथा जनजाति विभाग जैसा महत्वपूर्ण विभाग सौंपा गया है।

12. कवासी लखमा

 

2 विभाग: वाणिज्यिक कर (आबकारी), उद्योग विभाग मंत्री बने।

क्यों: बस्तर के कोंटा से लगातार चौथी बार जीत कर आने के कारण मंत्रिमंडल में जगह मिली। सिर्फ साक्षर हैं फिर भी वाकपटु हैं। आंकड़ों को याद करके उन पर तर्क करने की क्षमता है। आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व।



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