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विधानसभा में उठा एनीकट के निर्माण में हुई गड़बड़ियों की जाँच की मांग

रायपुर (एजेंसी) | राज्य में एनीटक निर्माण में हुई गड़बड़ी का मुद्दा दूसरे दिन भी गुरुवार को विधानसभा सदन में छाया रहा। बजट सत्र के दौरान चर्चा में कांग्रेस विधायक संतराम नेताम के एक बार फिर से मामला उठाए जाने के बाद जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने अब इसकी जांच का ऐलान कर दिया है।

एनीकट कैसे बनते थे, कैसे टूटे, ठेके कैसे दिए, सब जांच का विषय

दरअसल कांग्रेस विधायक संतराम नेताम ने बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में केशकाल विधानसभा क्षेत्र में एनीकट, स्टॉपडेम और चेकडेम के निर्माण में गड़बड़ी का मामला उठाया था।जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा- पिछली सरकार में एनीकट कैसे बनते थे? टूट-फूट कैसे होते थे? ठेके कैसे दिया जाते थे? यह तो सब जांच का विषय है।




जिसके बाद संतराम नेताम ने सवाल किया कि क्या गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी? जिसके जवाब में मंत्री रवींद्र चौबे ने कहा- यह गंभीर मामला है. करोड़ों रुपए का एनीकट बना और ध्वस्त हो गया।  जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई लंबित है। जहां-जहां गड़बड़ी हुई है, वहां-वहां जांच कराएंगे, कार्रवाई भी करेंगे।

एक दिन पहले ही चार अफसर हुए थे सस्पेंड

इससे ठीक एक दिन पहले बुधवार को भी एनीकट में गड़बड़ी का मामला उठा था, जिसके बाद सदन में ही चार अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया था। अपने निर्माण के छह साल में ही टूटकर बह गए जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी पर बने सोंठी एनीकट में अनियमितता की बात सामने आई थी।

इस पर जलसंसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने जांच रिपोर्ट के आधार पर एलएल यादव, वीएस कश्यप, जेपी तिवारी और एसएन अग्रवाल को निलंबित करने की सदन में घोषणा की। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही करने की बात कही थी

जोगी डोंगी जलाशयों में टूट-फूट की भी होगी जांच

छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस सुप्रीमो और मरवाही विधायक अजीत जोगी ने कहा कि पेंड्रारोड के जोगी डोंगरी जलाशय की नहरों के टूट-फूट हो गई है। इसके जवाब में जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा- सिल्टिंग और अधिक जलभराव की वजह से टूट फूट हुई है।

जिसके बाद अजीत जोगी ने कहा,  नहर से कोई लाभ नहीं हुआ। नहर सिस्टम पूरा बनाया ही नहीं गया। उन्होंने सवाल किया कि इसमें गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ क्या कोई कार्रवाई होगी? इस पर मंत्री चौबे ने जांच का ऐलान करते हुए चीफ इंजीनियर को भेजकर तत्काल जांच की बात कही।



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