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भूपेश की कैबिनेट में पुराने नेताओं को मिलेगा महत्व, पहली बार जीतने वाला कोई विधायक नहीं बनेगा मंत्री

रायपुर (एजेंसी) | भूपेश बघेल के कैबिनेट मंत्री 25 या 26 दिसंबर को शपथ ले सकते हैं। पहली बार जीतने वालों को मंत्री पद नहीं मिलेगा। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तय किए जा चुके हैं। सीएम बघेल और 2 कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव व ताम्रध्वज साहू के अलावा अब 10 और मंत्री बनाए जाने हैं। मन जा रहा है कि जांजगीर लोकसभा क्षेत्र से डाॅ. चरणदास महंत ही बड़ा नाम हैं, उनका विधानसभा अध्यक्ष बनना तय है।

शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की हरी झंडी के बाद लिस्ट फाइनल कर दी गई है। नाम तय करने के लिए बघेल समेत अन्य नेता दो दिन से दिल्ली में डटे थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में पहली बार जीतकर आए विधायक मंत्री नहीं बनाए जाएंगे। दिल्ली में हुई रायशुमारी के बाद पार्टी ने यह फैसला लिया है कि पुराने और अनुभवी नेताओं को महत्व दिया जाए।




बैठक में बघेल ने पहली बार जीतने वाले किसी भी विधायक का नाम मंत्रिंडल की सूची में नहीं रखा, क्योंकि दो से सात बार तक विधानसभा चुनाव जीतने वाले विधायक मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए तैयार बैठे हैं। सूत्रों का कहना है कि जिन्हें मंत्री बनाया जाना है उन्हें सूचना दे दी गई है। लेकिन किसी को अन्य नामों की जानकारी नहीं दी जा रही है। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया 25 दिसंबर को रायपुर आएंगे। इसलिए शपथ ग्रहण के दिन ही नाम घोषित किए जा सकते हैं।

मंत्री पद के लिए संभागों के अलावा जातीय समीकरण को ध्यान में रखा गया है। साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव को भी ध्यान में रखकर नाम तय किए गए हैं। मंत्रिमंडल में एससी, एसटी, ओबीसी, सामान्य के अलावा एक अल्पसंख्यक और एक महिला को कैबिनेट में जगह दी गई है।

अनिला भेड़िया, अकबर, उमेश और धनेंद्र बन सकते हैं मंत्री

राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र से मोहम्मद अकबर, रायगढ़ से उमेश पटेल, रायपुर से शिव डहरिया का मंत्री बनना तय है। रायपुर से धनेन्द्र साहू भी मंत्री बन सकते हैं। दुर्ग लोकसभा से बघेल और साहू पहले ही लिए जा चुके, इसलिए अब अरुण वोरा, रविन्द्र चौबे के नाम फाइनल हो सकते हैं। सरगुजा से सिंहदेव की पसंद पर प्रेमसाय सिंह का नाम तय हो सकता है। शपथ से पहले कुछ फेरबदल हो सकता है।

वही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्रिमंडल तय कर लिया है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नाम भी फाइनल हो गए हैं। अब राज्यपाल से शपथ ग्रहण के लिए समय मांगेंगे। इसके बाद शपथ की तारीख तय करेंगे।



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