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लोकसभा चुनाव 2018 में परेशानी पैदा न करें इसलिए विभीषणों पर कार्रवाई करेगी भाजपा-कांग्रेस

रायपुर (एजेंसी) | भाजपा विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों को 7 या 8 दिसंबर को तलब कर सकती है। संगठन उनसे एक-एक कर सीट की जानकारी लेगा। उनसे भितरघातियों की रिपोर्ट भी ली जाएगी। हाल ही में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में  यदि परिणाम अनुकूल नहीं रहे तो आगामी लोकसभा चुनाव है, इसे ध्यान में रखते हुए अवश्य ही कुछ लोगों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। पार्टीजनों से ही धोखा खाने की ज्यादातर शिकायतें व चर्चाएं रायपुर, धमतरी, रायगढ़, महासमुंद, राजनांदगांव, बस्तर सरगुजा जिलों की सीटों पर हो रही हैं।

कई उम्मीदवारों को भितरघातियों को लेकर दिलचस्पी इसलिए नहीं है कि 2008 व 2013 में की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि इस चुनाव में भाजपा ने तीन दर्जन पार्टी विरोधियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। यह प्रदेश का पहला ऐसा चुनाव था जिसमें भाजपा को बड़ी बगावत या विरोध का सामना करना पड़ा। कई उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, संगठन महामंत्री पवन साय व अनुशासन समिति के अध्यक्ष अशोक शर्मा से मिलकर चुनाव की रिपोर्ट दी है। बताया गया है कि 11 दिसंबर को नतीजों की घोषणा के बाद पार्टी के खिलाफ काम करने वालों पर गाज गिरेगी।

धोखेबाजों पर रहेगी नजर

इधर, कई भाजपा नेताओं का यह भी मानना है कि पार्टी में भितरघात जैसे मामलों को लेकर उम्मीदवारों से अलग से रिपोर्ट मांगने की कोई परंपरा नहीं है। अगर नतीजे पार्टी के पक्ष रहे तो संगठन सबकुछ भूल जाता है। यदि परिणाम अनुकूल नहीं रहे तो सामने लोकसभा चुनाव है। इसे ध्यान में रखते हुए अवश्य ही कुछ लोगों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। पार्टीजनों से ही धोखा खाने की ज्यादातर शिकायतें व चर्चाएं रायपुर, धमतरी, रायगढ़, महासमुंद, राजनांदगांव, बस्तर सरगुजा जिलों की सीटों पर हो रही हैं।




कांग्रेस नोटिस के बाद करेंगी कार्रवाई

विधानसभा चुनाव के दौरान भितरघात करने वाले कांग्रेस नेताआें पर जल्द कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं। प्रत्याशियों आैर स्थानीय नेताआें द्वारा की गई शिकायत के बाद पीसीसी ऐसे विभीषणों की सूची तैयार कर रही है। पीसीसी के मुताबिक कार्रवाई इसलिए जरूरी है क्योंकि यदि अभी ऐसा नहीं किया गया तो ऐसे लोग लोकसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी करेंगे।

राजीव भवन में सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को बुलाया गया था। इस दौरान 25 से ज्यादा सीटों पर भितरघातियों की जानकारी पीसीसी को दी गई थी। शिकायत करने वालों ने पार्टी के खिलाफ काम करने वाले एेसे लोगों के खिलाफ चुनाव परिणाम आने के पहले ही कार्रवाई की मांग की है। ऐसा इसलिए क्योंकि परिणाम आने के बाद ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। पीसीसी नेताआें का कहना है कि उनके पास आई शिकायतों पर वे गंभीरता से काम कर रहे हैं आैर ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है।

भितरघातियों को मैसेज देना जरूरी

पीसीसी के मुताबिक जिन नेताआें के खिलाफ शिकायत आई है ऐसे नेताआें को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। यदि उनके जवाब से पीसीसी संतुष्ट नहीं होता या फिर शिकायत की जांच सही पाई गई तो किसी भी स्तर का नेता हो उसके खिलाफ कार्रवाई होना तय है। ताकि 2019 के लोकसभा चुनाव में ऐसे लाेगों को एक सबक मिल सके। यदि अभी कार्रवाई नहीं की जाएगी तो जाहिर है विधानसभा में भितरघात करने वाले नेता लोकसभा चुनाव के दौरान भी अपनी हरकत दोहरा सकते हैं।



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