chhattisgarh news media & rojgar logo

वक्त है बदलाव का: गौरीशंकर की जगह महंत, रमन की जगह भूपेश, कई पुराने चेहरे अब नई जगह पर

रायपुर (एजेंसी) | पांचवीं विधानसभा का समूचा सदन और परिसर का माहौल व नजारा बदला हुआ था। तीन राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस, भाजपा, बसपा के अलावा एक क्षेत्रीय दल जनता कांग्रेस इस विधानसभा का हिस्सा बन चुका है। चौथी विधानसभा में विपक्ष में बैठकर दहाड़ने वाले सत्ता पक्ष की ओर बैठे थे। कइयों की जिम्मेदारी और कर्तव्य भी बदल गए थे।

जिस आसंदी पर अब तक गौरीशंकर अग्रवाल बैठते थे उस पर नए स्पीकर डॉ. चरणदास महंत थे। गौरीशंकर आज उस अध्यक्षीय दीर्घा में बैठे थे जहां बैठने के लिए लोग उनसे पास मांगा करते थे।अब तक जहां टीएस सिंहदेव बैठते थे और उनके बाजू में खेल साय सिंह वहां आज डॉ. रमन सिंह और बृजमोहन अग्रवाल बैठे थे।




धनेंद्र साहू व भूपेश बघेल की सीट पर आज डॉ. रेणु जोगी व धरमजीत सिंह थे। बतौर सीएम डॉ. सिंह जहां बैठते थे उस सीट पर अब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बनकर बैठे हैं। 15 साल बाद सदन का दृश्य बदला है। सीएस अजय सिंह की जगह सुनील कुमार कुजूर बतौर सीएस मौजूद थे।

सदन के बाहर व अंदर शपथ ग्रहण के दौरान भी कई नजारे दिखे। सीएम बघेल ने ठीक 11.09 बजे शपथ ली। अलग दलों के होने के बावजूद कई विधायकों ने शिष्टाचार निभाया। उन्होंने वरिष्ठों के चरण स्पर्श किए। अमितेष शुक्ल और  अरूण वोरा शपथ लेने के बाद कांग्रेस-बीजेपी के सीनियर लीडरों से सीट पर जाकर मिले फिर वे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी से मिलने उनकी सीट तक गए।

विकास उपाध्याय, शंकुतला साहू समेत कई युवा विधायकों ने सदन के सभी वरिष्ठों का आशीर्वाद लिया। विकास तो विस के मुख्य द्वार को प्रणाम कर भीतर गए।  जोगी और पुन्नूलाल मोहिले व्हीलचेयर पर थे। इसलिए उन्हें सीट पर ही शपथ दिलाई गई। सदस्यों को प्रोटेम स्पीकर रामपुकार सिंह ने विकास और जनकल्याण का दायित्व निभाने और सुख समृद्धि के सतत प्रयास करने की सीख दी।

शपथ लेने के बाद ज्यादातर विधायकों ने आसंदी तक पहुंचकर उनसे आशीर्वाद लिया। महंत और जोगी के भाषण भी सबको साथ लेकर चलने वाले थे तो डॉ. रमन व अन्य नेताओं ने भी उम्मीद जताई कि सबको अपना दायित्व निभाने का मौका मिलेगा। इंदू बंजारे ने पहले ही दिन अपनी बातें रखकर जता दिया कि वे आगे महिलाओं के मुद्दों पर काफी कुछ बोलने वाली हैं। रामकुमार यादव ने भी कबीर के दोहे बोले।




महंत को आसन तक ले गए बघेल, चौबे

महंत करीब साढ़े दस बजे विधानसभा पहुंचे तो सचिव चंद्रशेखर गंगराडे व सचिवालय के वरिष्ठ अफसरों ने फूल देकर उनकी अगवानी की। विधायकों की शपथ हो जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव हुआ। कांग्रेस बल्कि भाजपा व जनता कांग्रेस ने भी पहले ही डॉ. महंत को समर्थन दे दिया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे, डॉ. चरणदास महंत को स्पीकर की आसंदी तक लेकर गए। जहां प्रोटेम स्पीकर रामपुकार सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी डॉ. चरणदास महंत को सौंपी।

बीजेपी की सीटें खाली, सत्तापक्ष ने लीं चुटकियां

इधर, भाजपा में नेता प्रतिपक्ष चुनने द्वंद्व मचा था, उधर पंचम विधानसभा के पहले सत्र के प्रथम दिन सदन में भाजपा विधायकों की सीटें खाली थीं। 11 बजे सदन शुरू हुआ। प्रोटेम स्पीकर रामपुकार सिंह विधायकों को शपथ दिला रहे थे। कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा ने टोका कि विपक्ष का सफाया हो गया है। एक भी विधायक सदन में नहीं है। नेता प्रतिपक्ष चुनने उनके यहां गृह युद्ध चल रहा है। 11.30 बजे तक भाजपा का एक भी विधायक सदन में नहीं था। कांग्रेस के  सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि करीब साढ़े ग्यारह बजे पुन्नूलाल मोहिले हाउस में पहुंचे। लगभग साढ़े बारह बजे बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर और नारायण चंदेल सदन में पहुंचे। बृजमोहन ने जोगी-मोहिले के पास जाकर उनका हाल पूछा। करीब 12.50 बजे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कौशिक व अन्य विधायकों के साथ हाउस में पहुंचे। तब तक कांग्रेस और जोगी कांग्रेस व बसपा के विधायक शपथ ले चुके थे।



Leave a Reply