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कांग्रेस भवन से बघेल और सिंहदेव रैली निकाल कर मोदी को काले झंडे दिखाने जायेंगे जांजगीर

जाजंगीर (एजेन्सी) | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री है जो जांजगीर आ रहे हैं लेकिन मंगलवार को हुए लाठी चार्ज के बावजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर नहीं होने से नाराज कांग्रेसियों ने उन्हें काले झंडे दिखाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए शुक्रवार को जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस दौरान सभी पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई। काले झंडे ही नहीं काले कपड़े पहनकर विरोध करने की रणनीति बनाई। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ता जांजगीर के लिए रवाना होंगे।

भूपेश बघेल ने ट्वीट  पर ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक स्वागत के लिए रायपुर से रवाना हो चुका हूं। लोकतंत्र के इन हत्यारों, गोडसे के वंशजों और हिटलर के भक्तों को ऐतिहासिक सबक सिखाने का वक़्त आ चुका है। कांग्रेस का एक एक सिपाही इस बार वो लड़ाई लड़ेगा कि रमन सिंह से लेकर अमित शाह और मोदी तक याद रखेंगे।”


वे काले कपड़े और और काले झंडे के साथ मोदी की सभा का विरोध करने जा रहे थे लेकिन  जांजगीर पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया।




दरअसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने गुरुवार को सिविल लाइन थाने के बाहर धरना स्थल मांग रखी थी कि कांग्रेस भवन में लाठी चार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियो को निलंबित कर अगर जुर्म दर्ज नहीं किया गया तो प्रधानमंत्री मोदी को जांजगीर में काला झंडा कांग्रेस दिखाएगी। शुक्रवार को काले झंडे दिखाने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस भवन में दो-तीन बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि शनिवार को प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर कांग्रेसी सुबह 9 बजे कांग्रेस भवन में उपस्थित होंगे। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को काला झंडा दिखाने जांजगीर जाएंगे। कांग्रेस भवन से एक साथ निकलकर कार्यकर्ता गांधी चौक पर गांधी जी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रदर्शन के लिए जाएंगे। जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष नरेंद्र बोलर ने कहा कि हम छिपकर झंडे दिखाना नहीं जाना चाहते हैं, हम न डरे हैं न डरेंगे। इसमें बिलासपुर जिले के साथ मुंगेली, कवर्धा, बेमेतरा के कार्यकर्ता भी यहीं से काले झंडे दिखाने के लिए जाएंगे।

कांग्रसियों को रोकने के लिए पुलिस ने भी गोपनीय तरीके से योजना बनाई

कांग्रेसियों के काले झंडे दिखाने की घोषणा के बाद पुलिस सतर्क है। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने गोपनीय योजना बनाई है। पुलिस बड़े नेताओं को बीच रास्ते से कब और किस समय रोकेगी इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं दे रही है। पीएम की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर पहले से बिलासपुर से जांजगीर चांपा जाने वाली सड़कों पर बल तैनात कर दिया गया है। ताकि कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल तक न पहुंच पाए। पुलिस अधीक्षक आरिफ एच शेख ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में काले झंडे दिखाने वालों काे रोका जाएगा। इसके लिए गोपनीय तरीके से योजना बनाई गई है।

घटना के लिए मंत्री जिम्मेदार- शैलेष

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शैलेष पांडेय ने कहा कि शहर में पिछले कुछ साल से अशांति फैली है। कांग्रेस नेताओं को भाजपा कार्यकर्ता धमकियां देने के साथ मारपीट कर चुके हैं। कांग्रेस के लोगों पर जबरन एफआईआर दर्ज की गई हैं। तालापारा में इफ्तार पार्टी में मुख्य अतिथि बनने के लिए भाजपा के लोगों ने अशांति फैलाई। घटना के लिए मंत्री जिम्मेदार हैं।

कांग्रेसियों का दावा पुलिस घर पहुंचकर धमका रही

देर रात कांग्रेसियों ने दावा किया कि पुलिस ने उनके घरों पर जाकर धमकाया। बेलतरा ब्लॉक अध्यक्ष झगराम सूर्यवंशी, अप्पू साहू सीपत, जीतेंद्र पांडेय तखतपुर और प्रशांत श्रीवास पेण्ड्रा के घर पर पुलिस गई।

बता दें की 18 सितंबर को कांग्रेसियों ने नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के राजेंद्र नगर स्थित बंगले पर कचरा फेंक दिया। अाधे घंटे बाद एएसपी नीरज चंद्राकर के साथ पुलिस कर्मी कांग्रेस भवन पहुंचे और वहां बैठक कर रहे कांग्रेसियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। एएसपी चंद्राकर ने सबसे पहले एक जोरदार लाठी प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव के सिर पर मारी जिससे वे जमीन पर गिर गए। इसके बाद उनके साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों ने उन पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाई। उनके साथ ही अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को लाठियों से पीटा। इतना ही नहीं कांग्रेस भवन के भीतर घुसकर पुलिसकर्मियों ने दरवाजे को लात मारकर खोला और वहां छिपे कांग्रेसियों को पीटते हुए बाहर निकाला और बस पर बिठाया। इस घटना में महिला कांग्रेस नेत्रियां भी घायल हुई। प्रदेश महामंत्री सहित 15 कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए जिन्हें सिम्स ले जाया गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश अध्यक्ष बघेल रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना हो गए और रात साढ़े नौ बजे सीधे सिम्स पहुंचे और वहां घायलों का हाल जाना। इसके बाद वे कोनी थाना गए थे वहां पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। बघेल के आह्वान पर घटना के दूसरे दिन कांग्रेसियों ने सिविल लाइन थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। धरना खत्म करने की घोषणा करने से पहले प्रदेश अध्यक्ष बघेल ने जांजगीर में प्रधानमंत्री को काले झंडे दिखाने का ऐलान किया था।



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