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आज दिल्ली जाएंगे बघेल संभावित मंत्रियों की सूची लेकर, 13 सदस्यों वाले छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री मंडल के लिए कई दिग्गज कतार में

रायपुर (एजेंसी) | कांग्रेस प्रदेश की सत्ता पर काबिज हो गई है। सीएम भूपेश बघेल के साथ बतौर कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू का शपथ ग्रहण भी हो गया। पर, अब बचे 10 मंत्रियों के चयन ने कांग्रेस की मशक्कत बढ़ा दी है।भूपेश कैबिनेट फाइनल करने गुरुवार को दिल्ली जा रहे हैं। 24 दिसंबर के पहले मंत्रियों के नाम तय होंगे। 13 सदस्यों वाले छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री मंडल के लिए कई दिग्गज कतार में हैं।

इनमें ऐसे नेता भी शामिल हैं, जो 5 से ज्यादा बार के विधायक हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि सभी को महत्व मिले- यह संभव नहीं, इसलिए मंत्री पद के लिए संभागों के साथ जातीय समीकरणों पर फोकस है ताकि हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके।




ये नेता अभी विधायक, पूर्व में केंद्र या प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके

डाॅ. चरणदास महंत : केंद्र समेत मप्र में मंत्री रहे।
रामपुकार सिंह : सबसे वरिष्ठ पार्टी विधायक, प्रदेश में मंत्री रहे।
सत्यनारायण शर्मा : मप्र फिर छत्तीसगढ़ में मंत्री रहे।
देवेन्द्र बहादुर : मंत्री रहे।
रविंद्र चौबे : मप्र फिर छत्तीसगढ़ में मंत्री रहे।
खेलसाय सिंह : पूर्व सरगुजा सांसद, मप्र में मंत्री रहे।
अमितेष शुक्ल : प्रदेश में मंत्री रहे, शुक्ल परिवार के प्रतिनिधि।
धनेन्द्र साहू : मंत्री रहे।
मोहम्मद अकबर : सबसे ज्यादा वोटों से जीते, अल्पसंख्यक चेहरा, पूर्व में मंत्री रहे।
प्रेमसाय टेकाम : 6वीं बार विधायक, प्रदेश में मंत्री रहे।
मनोज मंडावी : आदिवासी विधायक, पूर्व मंत्री।

ये संभाल रहे विरासत

उमेश पटेल : दूसरी बार विधायक पूर्व आईएएस ओ पी चौधरी को हराया। नंदकुमार के बेटे।
अरुण वोरा : दूसरी बार विधायक, मोतीलाल वोरा के बेटे।

एससी-एसटी वर्ग की दावेदारी

शिव डहरिया : पीसीसी कार्यकारी अध्यक्ष व एससी वर्ग के प्रतिनिधि।
अनिला भेड़िया : एसटी वर्ग की प्रतिनिधि।
कवासी लखमा : चौथी बार विधायक, एसटी व नक्सल क्षेत्र के प्रतिनिधि।
अमरजीत भगत : एसटी वर्ग से, तीसरी बार विधायक।

उलझन

दुर्ग संभाग से भूपेश सीएम और ताम्रध्वज साहू मंत्री हैं। सभी संभागों को महत्व देने का फार्मूला अपनाया गया है, इसलिए दुर्ग से कई दिग्गजों के मंत्री बनने पर पेंच फंस गया है।



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