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मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू और अमितेष शुक्ल ने किया शपथ ग्रहण का बहिष्कार

रायपुर (एजेंसी) | मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज वरिष्ठ नेताओं के स्वर सुनाई देने लगे हैं। इसके साथ ही मान-मनौव्वल का भी दौर शुरू हो गया है। मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू और विधायक अमितेष शुक्ल ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर दिया। दोनों ही नेता समारोह में नहीं पहुंचे।

अनदेखी से नाराज वरिष्ठ नेताओं ने जताई नाराजगी

दरअसल, इस बाद का शुरू से अंदेशा जताया जा रहा था कि छोटे मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी हो सकती है। इसके चलते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शपथ ग्रहण से एक दिन पहले ही इस बात के निर्देश जारी कर दिए थे कि कसी भी तरह का विरोध नहीं होना चाहिए। विरोधियों से सख्ती से निपटा जाएगा।




यही वजह रही कि मंत्रिमंडल में शामिल नेताओं के नाम अंतिम समय तक छिपाए रखे गए। नाम सामने आते ही विरोध भी शुरू हो गया। इसी के चलते पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू और अमितेष शुक्ल शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंचे। अब उन्हें मनाने की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद छाया वर्मा को दी गई है। छाया वर्मा उन्हें मनाने उनके बंगले पहुंच गई हैं।

धनेंद्र साहू के समर्थकों में भी उनकी उपेक्षा से बेहद नाराजगी है। मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज समर्थकों द्वारा जमकर नारेबाजी की। समर्थकों ने धनेंद्र साहू को मंत्री बनाए जाने की मांग की है और कहा है कि अगर उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया तो पार्टी को लोकसभा चुनाव में उसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। हालांकि साहू ने आलाकमान के निर्णय से सहमति जताई है।

जो मंत्री नहीं बने, उन वरिष्ठ नेताओं काे संगठन में मिलेगी जगह

मंत्रीमंडल के गठन के कई बड़े नेताओं को उभरकर आ रही नाराजगी के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि संगठन के सभी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने के बाद ही मंत्रीमंडल का गठन किया गया है। इसमें क्षेत्रीयता के साथ-साथ सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। हर वर्ग को समायोजित करते हुए सरकार में प्रतिनिधित्व देने का प्रयास हुआ है। जिन भी वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है, उन्हें सगठन में स्थान दिया जाएगा।

अध्यक्ष पद किसी अन्य नेता को सौंपा जाए

भूपेश बघेल ने कहा कि मैंने कांग्रेस आलाकमान से आग्रह किया है कि अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी और को सौंप दी जाए। बघेल ने कहा है कि चूंकि सत्ता चलाने की बड़ी जिम्मेदारी मुझे सौंप दी गई है, ऐसे में संगठन की जिम्मेदारी किसी दूसरे साथी को दी जानी चाहिए, जिससे संगठन का काम भी बदस्तूर चलता रहे।



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