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‘अजीत जोगी की अनकही कहानियां’ का विमोचन के दौरान रेणु जोगी ने कहा, ‘अब तो ‘ज’ अक्षर से ही डर लगता है’

रायपुर (एजेंसी) | आज मंगलवार को कांग्रेस की नेता और पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष रेणु जोगी ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी पर लिखी पुस्तक ‘अजीत जोगी की अनकही कहानियां‘ का विमोचन सागौन बंगले में किया। उन्होंने ‘ज’ अक्षर का जिक्र करते हुए कहा कि, “अब मुझे ‘ज’ अक्षर से ही डर लगने लगा है। मेरे जीवन में यह शब्द इस तरह से आ गया है कि ‘ज’ शब्द बोलने तक से घबराती हूं।




रेणु जोगी ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए अविस्मरणीय है। ये किताब मैने बतौर दर्शक की भूमिका में लिखी है। मेरे पति श्री अजित जोगी के साथ व्यतीत किए 40 सालो के अनुभव पर आधारित है। इसमें जोगी के सभी तरह के अनुभव और उनसे जुड़े रोचक प्रसंगो का वर्णन हैं। जोगी के साथ ‘ज’ अक्षर हमेशा से जुड़ा रहा है। जैसे जाति प्रकरण, जूदेव टेपकांड, जग्गी हत्याकांड, जर्सी गाय मामला, झीरम घाटी हमला और अब जनता कांग्रेस भी जुड़ गया। मैं ‘ज’ अक्षर से घबराने लगी हूं।

किताब में जाति विवाद से लेकर झीरम घाटी हत्याकांड घटना का जिक्र है 

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी पर लिखी पुस्तक ‘अजीत जोगी की अनकही कहानियां’ का विमोचन सागौन बंगले में किया गया। इस किताब में जोगी के संपूर्ण जीवन का जिक्र है। जिसमें उनकी जाति को लेकर दशकों से चल रहा विवाद, झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर उन पर लगाए गए आरोप और दिलीप सिंह जूदेव, व जग्गी हत्याकांड का जिक्र भी शामिल हैं।

रेणु जोगी ने कहा कि वह इस पुस्तक को लिखते समय शोले फिल्म की अमिताभ बच्चन हो गई थी। जब अमिताभ मौसी के पास जाते हैं और वीरू की बात करते हैं। वैसे ही मैंने भी एक पत्नी होने के नाते एक वकील की भूमिका निभाई है और अजीत जोगी का पक्ष मजबूती से रखा है। धर्मेद्र की सब बुराइयों को ढांकने की कोशिश की है।



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