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पहले गोली मारकर घायल किया फिर अगवा कर 9 घंटे तड़पाकर दो गोली और मारी, पाक के लिए ये भी एक खेल है

जम्मू (एजेंसी) | जम्मू और कश्मीर के साम्बा जिले के रामगढ सेक्टर में तैनात शहीद नरेंद्र सिंह (51 वर्ष) का शव मंगलवार को बेहद ख़राब हालत में मिली है। पाकिस्तानी सैनिको ने उन्हें मौत देने के पहले 9 घंटे तक तड़पाया, उनका गला रेता, एक टांग काट दी और एक आँख निकलकर रख लिया और शव को भारत सौप दिया। इतना ही नहीं शहीद जवान के शरीर में करंट से झुलसने के निशान है। इतनी बुरी तरह से शहीद के शरीर से खेलने के बाद दो गोली मारकर जवान को मौत की नींद सुला दिया।

उधर दुबई में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच खेला जा रहा है। पाकिस्तान के लिए ये भी एक खेल है।आतंकवादियों के लिए हमारे देश के तथाकथित मानव अधिकार वाले पैरवी करते है। लेकिन जब हमारे जवान शहीद होते है, उन्हें यातना दी जाती है, उनके शरीर के साथ बर्बरता किया जाता है। उनके अंगो को काटकर पार्थिव शरीर भारत भेज दिया जाता है। तब उस शहीद के लिए और उसके परिवार के लिए कोई मानव अधिकार वाले खड़े नहीं होते।

शहीद के शरीर में तीन गोलियाँ लगी थी एक गोली शुरुवाती हमले में लगी थी और बाकि की दो गोलियाँ यातनाएं देने के बाद मारी गयी। जवान नरेंद्र सिंह का शव लता होने के 9 घंटे बाद मिला था। मंगलवार शाम करीब 6 बजे शहीद का पार्थिव शरीर मिलने के बाद भी बीएसएफ ने शव को अस्पताल नहीं भिजवाया। बुधवार को गुपचुप तरीके से पोस्टमार्डर करवा कर शव घर भिजवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बीएसएफ का कोई भी अधिकारी इस घटना पर सामने आकर कुछ नहीं बोल रहा है। कुछ अधिकारियो ने बताया कि  पर शहीद के शरीर के साथ बर्बरता की ये पहली घटना है। इसके बाद 192 किमी लम्बे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर और 740 किमी लम्बी नियंत्रण रेखा पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियो ने कहा कि इस बर्बरता के पीछे पाकिस्तानी सैनिको का हाथ है। बुधवार को बीएसएफ के आईजी भी सीमा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। जवान नरेंद्र सिंह का हथियार भी गुम है।




पहले सिर्फ एलओसी में होती थी बर्बरता की ऐसी घटनाये

शहीदों के शरीर के साथ बर्बरता की घटनाये पहले एलओसी बॉर्डर में  आती थी। खासकर कश्मीर क्षेत्र के माछिल और जम्मू क्षेत्र के नौशहरा और कृष्णा घाटी इलाके में ऐसी कई वारदाते हो चुकी है। पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम ने मई 2017 में पूंछ के केजी सेक्टर में पेट्रोलिंग टीम पर हमला कर दो जवानो के सर काट दिए थे। जून 2017 में भी पूंछ के बैट के हमले में दो जवान शहीद हुए थे।

सरकार बताये मेरे पिता शहीद कैसे हुए ? – मोहित, शहीद के बेटे 

शहीद के बेटे मोहित ने कहा, “बुधवार सुबह पिता की शहादत का पता चला। सरकार बताये उनके साथ क्या हुआ था? कोई अफसर कुछ नहीं बता रहा। हम सीजीओ काम्प्लेक्स भी गए वहाँ भी कुछ पता नहीं चला।”

केंद्रीय मंत्री राव बोले- यह नया नहीं है, पाकिस्तान पहले भी ऐसा करता रहा है 

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने बहुत ही विवादास्पद बयान दिया है। उन्होने कहा कि पाक के लिए बर्बरता कोई नहीं बात नहीं है। वह पहले भी ऐसा करता रहा है। पाकिस्तान सीधी जंग में भारत को हरा नहीं सकता। इसीलिए हमारे जवानो को मारकर हमें कमजोर करने के प्रयास उसकी नीति है।



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