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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद में सुरक्षा के समुचित उपायों और यातायात जागरूकता पर हुई चर्चा

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नई दिल्ली। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी द्वारा 16 जनवरी को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद तथा यातायात विकास परिषद की बैठक ली गई। बैठक में सड़क सुरक्षा के समुचित उपायों और यातायात जागरूकता के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री श्री व्ही.के. सिंह तथा छह राज्यों के परिवहन मंत्रियों सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य से अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क-सुरक्षा) के अध्यक्ष संजय शर्मा सम्मिलित हुए।

बैठक में राष्ट्रीय रोड एक्सीडेंट डाटा 2018, संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट, गुड सेमेरिटन्स के दिशा-निर्देश, परिवहन विभागों के अभिलेखों का डिजिटलाइजेशन, वाहन पंजीयन तथा ड्रायविंग लायसेंस का अंतर्राज्यीकरण तथा वाहनों का बीमा आदि विषयों में प्रस्तुतिकरण सहित विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान अवगत कराया गया कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ए.डी.बी. के सहयोग से देश भर के दुर्घटनाजन्य सड़क खण्डों (ब्लैक स्पॉट) में सुधार की कार्रवाई जल्द से जल्द प्रारंभ की जाएगी।

बैठक में चर्चा करते हुए यह भी अवगत कराया गया कि सड़क दुर्घटना के प्रमुख कारणों में यातायात नियमों का उल्लंघन और अत्यधिक गति से वाहन चलाना है। इसी तरह नशे की हालत में वाहन चलाना, बिना वैध लायसेंस तथा बीमा सुरक्षा उपकरणों के उपयोग के वाहन चलाना भी इसके प्रमुख कारण हैं। सड़क दुर्घटना के अन्य कारणों में सड़कों की स्थिति, चौराहों तथा यातायात नियंत्रण की स्थिति और वाहनों में ओव्हर लोडिंग तथा वाहनों की आयु व स्थिति भी है। इस दौरान बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिनिधि श्री शर्मा द्वारा राजमार्गों के लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने और राजमार्गों के बंद अथवा लंबित पड़े कार्य स्थलों में सड़क सुरक्षा के समुचित इंतजाम के लिए आग्रह किया गया। साथ ही उन्होंने संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में दण्ड के प्रावधानों पर पुनर्विचार सहित सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभिन्न उपायों के बारे में बताया।

बैठक में जानकारी दी गई कि सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं तथा मृत्यु के प्रकरणों में 35.69 प्रतिशत राष्ट्रीय राजमार्गों में तथा 26.80 प्रतिशत राज्य के राजकीय राज्यमार्गों में हुई है। सबसे अधिक दुर्घटना मोटर सायकल चालकों की हुई है। इसमें सबसे अधिक दुर्घटना तथा मृत्यु के प्रकरणों में 18-35 वर्ष की उम्र के व्यक्तियों की हुई है। देश में वर्ष 2018 में कुल चार लाख 67 हजार 44 दुर्घटनाओं में एक लाख 51 हजार 417 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा चार लाख 69 हजार 418 व्यक्ति घायल हुए। सर्वाधिक मृत्यु उत्तरप्रदेश में हुई है तथा मृत्यु दर में सर्वाधिक कमी तमिलनाडु में पाई गई है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2019 में सड़क दुर्घटनाओं में कुल चार हजार 959 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है।

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