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दशहरे की खुशियाँ बदली मातम में, अमृतसर में ट्रेन हादसे ने ले ली सैकड़ो जाने

अमृतसर (एजेंसी) | पंजाब के अमृतसर शहर के जोड़ा बाजार में रावण दहन देख रहे लोग शुक्रवार को दो ट्रेनों की चपेट में आ गए। जोड़ा रेलवे फाटक के पास हुए हादसे ने दशहरे की खुशी मातम में बदल दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पटाखों के शोर में किसी को ट्रेन का हॉर्न सुनाई नहीं दिया और दो ट्रेनें पटरियों पर खड़े लोगों को रौंदते हुए गुजर गईं। मंजर ऐसा था कि किसी का पैर कहीं पड़ा था, तो किसी का सिर कहीं पड़ा था। चश्मदीदों ने कहा कि हादसे के बाद रेल पटरियों के 150 मीटर के दायरे में लाशें बिखरी नजर आ रही थीं। इसे देखकर 1947 के बंटवारे का मंजर याद आ गया।

वहाँ मौजूद लोगों के मुताबिक रावण दहन का कार्यक्रम शाम 6 बजे था। जिसमे मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू जो कि चीफ गेस्ट थी देरी से पहुंचीं। इस कारण से कार्यक्रम 7 बजे के बाद शुरू हुआ, तब तक अंधेरा हो चुका था। तक़रीबन 7:12 PM बजे के आसपास जालंधर एक्सप्रेस करीब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वहाँ मौजूद लोगों को रौंदते हुए गुजर गई। जिसके बाद रेल पटरियों के 150 मीटर के दायरे में लाशें बिखरी नजर आ रही थीं।

पटरियों से महज 200 फीट की दूरी पर पुतला जलाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार्यक्रम बिना इजाजत हो रहा था। उधर, लोको पायलट का कहना है कि रावण का पुतला दहन होने की वजह से आसपास इतना धुआं था कि उसे ट्रैक पर खड़ी भीड़ नजर ही नहीं आई।

वीडियो देखे

फोन से मिली हादसे की जानकारी

हादसे के बाद घटनास्थल से चले जाने के आरोप पर नवजोत कौर सिद्धू ने कहा – रावण दहन के बाद मैं वहां से निकल गई थी। 15 मिनट बाद मेरे पास हादसा होने का फोन आया, तब मुझे जानकारी हुई।

लोगों ने कहा- मदद को नहीं आया प्रशासन

चश्मदीदों ने कहा कि मृतक संख्या 200 तक भी जा सकती है। हादसे के बाद प्रशासन तुरंत मदद को नहीं अाया। जिन मांओं ने अपने बच्चे खोए हैं, उनका क्या होगा? एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि हादसे में कई बच्चे और महिलाएं मारे गए।

नवजोत कौर से लोग नाराज

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि यहां कार्यक्रम बिना इजाजत के करवाया जा रहा था। इसमें कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर भी बतौर चीफ गेस्ट मौजूद थीं। लेकिन, वे हादसा होते ही यहां से चली गईं। हालांकि, नवजोत कौर का कहना है कि वे हादसे से 15 मिनट पहले ही वहां से चली गई थीं।

चश्मदीदों का कहना है कि 

एक अन्य चश्मदीद ने कहा कि दशहरे के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन को रेलवे क्रॉसिंग के पास अलार्म की व्यवस्था करनी चाहिए थी। इसके अलावा ट्रेन को रोकने या गति धीमी रखने के इंतजाम होने चाहिए थे। एक और चश्मदीद ने कहा कि हर तरफ से लोगों के रोने-बिलखने की आवाज आ रही थी। इस हादसे के बाद लोग अपने परिजनों को तलाश रहे थे। एक चश्मदीद ने कहा- 7 बजकर 10 मिनट पर पुतलों का दहन किया गया। अगर समय रहते यह सब हुआ होता तो हादसा बच सकता था। एक तो रोशनी होती और दूसरा उस वक्त ट्रेन का टाइम भी नहीं था। एक ने कहा- बेटा दशहरा देखने आया था। ढूंढते हुए यहां पहुंचा तो ट्रैक पर उसकी लाश पड़ी थी।

मृतकों को 5 लाख देने की घोषणा और एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया

पंजाब सरकार ने मृतकों को 5 लाख रुपए और घायलों को चिकत्सकीय सुविधा देने की घोषणा की है। साथ ही आज एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया। वही मुख्यमंत्री कैप्टन अरमिंदर दिल्ली में है। सुचना है की आज वे पंजाब लौटेंगे। उसके बाद घायलों और मृतकों के परिवार वालो से मिलेंगे।

हमारे पास हादसे की तस्वीरें है लेकिन मंज़र इतना भयावह है कि रूह कांप जाए। इसलिए हम उसे प्रकाशित नहीं कर रहे है। गोंडवाना एक्सप्रेस न्यूज़ मृतकों के लिए शोक व्यक्त करता है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। और उनके परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना करते है। परमात्मा सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।



RO No - 11069/ 14
CM Bhupesh Bhagel Mandi ko Maar

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