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यात्रियों से भेदभाव: रेलवे देगा 68 पैसे में 10 लाख का बीमा, लेकिन सिर्फ ई-टिकट पर

नई दिल्ली (एजेंसी) | ट्रेनों में सफर करने के लिए यात्रियों के साथ भारतीय रेलवे लंबे समय से भेदभाव कर रहा है। रेलवे ऑनलाइन रिजर्व टिकट लेने पर यात्रियों को मात्र 68 पैसे में 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा दिया जा रहा है, लेकिन काउंटर से बुकिंग कराने पर यह सुविधा नहीं मिल रही। जबकि अभी भी करीब 40 फीसदी यात्री काउंटर से टिकट लेकर सफर करते हैं।

भारतीय रेलवे ने 1 सितंबर से ऑनलाइन टिकटिंग में बदलाव किया गया है। अब फ्लाइट की तरह ट्रैन की टिकट बुक करते समय यात्रियों को अब बीमा के लिए विकल्प दिया जा रहा है। यात्री चाहे तो बीमा का विकल्प लेने से मना भी कर सकता है यह ऑप्शनल है, लेकिन मात्र 68 पैसे में दस लाख रुपए का दुर्घटना बीमा लेने से शायद ही कोई इंकार करेगा।इस सुविधा को काउंटर टिकट बुकिंग में भी लागू किया जा सकता है, लेकिन एक साल के बाद भी रेलवे प्रशासन ने इस पर फैसला नहीं कर सका है। ऐसे में रेलवे अपने ही यात्रियों को सुविधा देने में लगातार भेदभाव कर रहा है।




यह अंतर प्राइवेट और सरकारी को लेकर है 

बता दें कि ऑनलाइन ट्रेन टिकटिंग का पूरा सिस्टम आईआरसीटीसी के जिम्मे है। यह रेलवे की सहयोगी प्राइवेट कंपनी है। और पीआरएस काउंटर पर मिलने वाले टिकटों की पूरी जिम्मेदारी रेलवे की है। याने कि काउंटर टिकटिंग की जिम्मेदारी  सरकारी सिस्टम के हाथ में है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते कई महीनो से रेलवे विभाग बीमा कंपनी खोजने में लगी है और अभी तक इसे फाइनल नहीं किया जा सका है। इधर, आईआरसीटीसी ने पहले एक साल तक बीमा कंपनी को अपनी ओर से प्रति पैसेंजर 98 पैसे दिए और अब 68 पैसे यात्रियों को देना होगा। बताया गया है कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए आईआरसीटीसी ने दिसंबर 2017 से यात्रियों को मुफ्त बीमा देना शुरू किया था।

मौत होने पर 10 लाख का प्रावधान

आईआरसीटीसी बीमा के तहत यात्रा के दौरान दुर्घटना में किसी यात्री की मौत होने पर 10 लाख रुपए देने का प्रावधान है। वहीं, दुर्घटना में अपाहिज होने पर 7.5 लाख, घायल होने पर दो लाख और शव के परिवहन के लिए 10 हजार रुपए दिए जाते हैं। ऐसी किसी तरह की सुविधा पीआरएस काउंटर पर से टिकट बुकिंग पर नहीं दिया जाता। अब यात्री इस पर रेलवे से शिकायत कर रहे है।



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