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पिछले 3 चुनाव में नक्सल प्रभावित इलाकों में 33 मौतें, इस बार सुरक्षा के चलते हिंसा शून्य

रायपुर (एजेंसी) | नया राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ में यह पहला मौका था जब नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव से जुड़ी कोई भी हिंसक वारदात नहीं हुई। यही नहीं, दुर्गम इलाकों में गए मतदान कर्मी बुधवार देर शाम तक सभी जगहों से सुरक्षित लौट आए। 2003 से लेकर 2013 के बीच हुए तीन विधानसभा चुनाव में 33 लोगों की मौत हुई थी।

ये पहला चुनाव है जब आयोग की ओर से माइक्रो लेवल पर हर पोलिंग बूथ से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए बूथ मैनेजमेंट प्लान बनाया गया था। सुरक्षा के लिए 623 कंपनियां तैनात की गई थी। मतदान के दौरान किसी तरह की कोई अप्रिय वारदात नहीं हुई।




घोर नक्सल पीड़ित इलाकों में से एक सुकमा जिले के पालमपुड़ा मतदान केंद्र में पंद्रह साल में पहली बार वोटिंग हुई। तो दंतेवाड़ा के मूलर और निलवाया में भी पहली बार वोटरों ने मताधिकार का प्रयोग किया। 2013 की तरह इस बार भी पहले चरण में रीपोलिंग की संभावनाएं न के बराबर है।

नया राज्य बनने के बाद 2003 में प्रदेश में पहली बार चुनाव हुए थे। इसमें चुनाव के दौरान नक्सली हिंसा में 11 लोग मृत हुए थे। जबकि 2 लोग घायल हुए थे। 2008 के चुनाव में 17 लोग मारे गए थे। जबकि 7 घायल हुए। 2013 के पिछले विधानसभा चुनाव में 5 लोग मारे गए और 6 घायल हुए।

इस बार वोटिंग के दिन हुई बड़ी घटनाएं

सोमवार को वोटिंग के दौरान 6 घटनाएं हुई। इसमें दंतेवाड़ा के कटेकल्याण में मतदान केंद्र से 700 मीटर की दूरी पर आईईडी ब्लास्ट हुआ। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। बीजापुर के भैरमगढ़ में आईईडी बरामद हुआ। बीजापुर के पामेड़ में स्पाईक बरामद हुए। पामेड़ में नक्सलियों के साथ सुरक्षा बलों की मुठभेड़ हुई। जिसमें 5 जवान घायल हुए। कांकेर के कोडेकुर्से और सुकमा के कोंटा से आईईडी की बरामदगी हुई।

2013 में चुनाव के दौरान बड़ी हिंसा

  • दर्जन भर जगहों पर आईडी मिले।
  • कांकेर के सीताराम में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई।
  • बलिंगा मतदान केंद्र में एक चुनावकर्मी की दिल का दौरा पड़ने से मौत भी हुई थी।

इस बार ऐसे रहे सुरक्षा के इंतजाम

  • 201 बूथ शिफ्ट किए गए।
  • करीब हजार मतदान कर्मी हेलीकॉप्टर से लाए ले जाए गए।
  • सुरक्षा बलों की 623 कंपनियां करीब 1 लाख 20 हजार से ज्यादा बल तैनात किया गया था।
  • जिला और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा के लिए हर बूथ का  मैनेजमेंट प्लान मांगा गया।

पिछले चुनाव में रीपोलिंग

चुनाव    बूथ संख्या  
2008 39
2009 25
2013 0

पिछले चुनाव और नक्सली हिंसा

साल    मृत   घायल 
2003 11 02
2008 17 07
2013 05  06




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