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Republic Day 2020

डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में रावण दहन पर लन्दन ब्रिज देखने मिला, शहर में 100 से ज्यादा जगहों पर जलाया गया रावण

रायपुर (एजेंसी) | असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजयादशमी शुक्रवार को मनाया गया। इस मौके पर राजधानी में 100 से ज्यादा जगहों पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले का दहन किया गया। शहर में रावण दहन का सबसे बड़ा शो खमतराई इलाके के डब्ल्यूआरएस मैदान में हुआ। इसे देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग जुटे शाम 7 बजे रावण का दहन होना था लेकिन पौने सात बजे आतिशबाजी की वजह से रावण के पुतले में आग लग गई और वह जलने लगा। इस बीच मेघनाद और कुंभकरण के पुतले का दहन किया गया।

डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में रावण दहन 

डब्ल्यूआरएस मैदान में शाम 6.30 बजे आतिशबाजी शुरू हुई जो करीब आधे घंटे तक होती रही। इसके बाद कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। रावण दहन से पहले डब्ल्यूआरएस मैदान में मोहक आतिशबाजी की गई। इस बीच लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद भी लेते रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए बाहर से कलाकार बुलाए गए थे। करीब डेढ़ घंटे तक चली आतिशबाजी को लोग एक टक देखते रहे। दशहरा उत्सव में शामिल होने और अपनी पसंद की जगह तय करने के लिए लोग दोपहर से ही डब्ल्यूआरएस मैदान पहुंचने लगे थे। शहर और प्रदेश के गणमान्य नागरिकों के साथ ही तमाम जनप्रतिनिधि इस मौके पर मौजूद रहे।

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चौबे कालोनी में आतिशबाजी

चौबे कालोनी के दशहरा मैदान में शाम साढ़े 6 बजे रावण का दहन किया गया। इससे पहले रामलीला का भी आयोजन हुआ। लगभग 20 मिनट की आतिशबाजी यहां पर की गई। चौबे कालोनी में महापौर प्रमोद दुबे की अध्यक्षता में यह आयोजन किया गया। यहां रावण दहन और आतिशबाजी का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में कॉलोनी और आसपास के इलाके के लोग जुटे।




बूढ़ापारा में पतंगबाजी, फिर दहन

बूढ़ापारा सप्रे शाला मैदान में दशहरा उत्सव समिति ने पतंगबाजी का आयोजन किया। पतंगबाजी के बाद शाम 6 बजे के करीब 55 फीट के रावण और 40-40 फीट के मेघनाद व कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। 30 मिनट तक बूढ़ातालाब के बैकग्राउंड पर आतिशबाजी की गई । लगभग पूरे पुराने शहर में यह आतिशबाजी दिखाई दी। उत्सव समिति के पदाधिकारी मनीष वोरा ने बताया कि पतंगबाजी में बड़ी संख्या में युवाओं और बच्चों ने हिस्सा लिया। यहां कई आकार और कलाकृतियों वाली पतंग उड़ाई गई।

साई वाटिका में रावण जलाया फिर एक-दूसरे को गले लगाया

साईं वाटिका में भी शुक्रवार को रावण दहन किया गया। सुपर्ण ने श्रीराम बनकर रावण के पुतले को जलाया। इसके बाद लोगों ने गले लगाकर एक-दूसरे को विजयादशमी की बधाई दी।

रावण भाठा मैदान में बृजमोहन ने किया रावण दहन

धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ऐतिहासिक रावण भाठा मैदान और शहर के विभिन्न स्थानों पर रावण दहन कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस मौके पर अग्रवाल ने कहा कि अभी 9 दिनों तक शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की हमने आराधना की पश्चात शक्ति ग्रहण कर हम रावण का अंत करने निकले हैं। प्रभु राम ने एक रावण को मार कर समाज को संदेश दिया था कि बुराई का अंत निश्चित रूप से होता है। कार्यक्रम में महापौर प्रमोद दुबे, कर्मकार मंडल अध्यक्ष मोहन एंटी, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष सुनील सोनी, श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष सुभाष तिवारी, रामकृष्ण धीवर, शिवसेना प्रमुख धनंजय परिहार आदि शामिल हुए। इन स्थानों पर रामलीला मंचन के साथ-साथ शानदार आतिशाबाजी का आयोजन किया गया था।

बीटीआई मैदान में भी दहन

शंकर नगर के बीटीआई ग्राउंड में भी दशहरा उत्सव पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के बड़े पुतले दहन किए गए। शंकर नगर के बीटीआई ग्राउंड में इस बार 50 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद थी आयोजकों ने दावा किया कि इससे ज्यादा लोगों ने रावण दहन और आतिशबाजी के नजारे का आनंद लिया।



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