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अब तक नहीं मिल पाया विराट का कोई सुराग, डीजी की स्पेशल टीम ने किया दिनभर सर्च ऑपरेशन फिर भी खाली हाथ

रायगढ़ (एजेंसी) | भाजपा कार्यालय के सामने शनिवार की रात घर के बाहर से किडनैप किए गए बर्तन व्यवसायी के 6 वर्षीय बेटे विराट का चाैथे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया। रायपुर से डीजी की बनाई स्पेशल टीम ने जांच शुरू की। परिजनों से पूछताछ की। अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि विराट का अपहरण फिरौती के लिए किया गया है या कोई दुश्मनी थी। पुलिस दोनों एंगल पर जांच कर रही है।

साइबर सेल एक्सपर्ट को इस काम में लगाया गया है। रायपुर से भी आई है। इसके बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है। जैसे जैसे दिन बढ़ रहा है परिजनों की चिंताएं बढ़ रही हैं। सुरक्षित वापसी के लिए घर में पूजा पाठ चल रहा है। ज्योतिषियों की भी मदद ली जा रही है। शनिवार की रात 8.20 बजे भाजपा कार्यालय के ठीक सामने की गली में बर्तन व्यवसायी विवेक सराफ के 6 वर्षीय बेटे विराट का घर के करीब से कार सवारों ने अपहरण कर लिया है।

अपहरण फिरौती के लिए  या कोई दुश्मनी

परिजन व पुलिस को फिरौती के लिए अपहरण की आशंका थी पर तीन दिन बीत गए अपहर्ताओं काल नहीं आया। अब आशंका गहराती चली जा रही है कि अपहरण फिरौती के लिए किया गया है या कोई दुश्मनी थी। इससे सभी की चिंता बढ़ती जा रही है। डीजी ने इस केस की जांच के लिए रायपुर से धमतरी एसपी एमएल कोटवानी के नेतृत्व में स्पेशल टीम को शहर भेजा है।

इसमें धमतरी के अलावा, कोंडागांव, रायगढ़ के अधिकारी शामिल हैं। सभी दिन भर साइबर सेल में बैठकर माथापच्ची करते रहे। तकनीकी विशेषज्ञों को भी साथ लाया गया है। मंगलवार को टीम विराट के पिता व परिजनों से पूछताछ की। दुश्मनी के संबंध में भी उनसे पूछा गया।

पुलिस कुछ नहीं कर पा रही,पूरा शहर गुस्से में 

विराट को ढूंढने में पुलिस असहाय नजर आ रही है। इसे लेकर पूरे सभी में आक्रोश है। पुलिस की नाकामी को लेकर सभी ओर चर्चाएं चल रही हैं। चुनाव के ठीक पहले कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। शहर के साथ साथ जिले का हर व्यक्ति खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है। हर किसी के मन में सवाल है कि विराट कब घर पहुंचेगा।

परिजनों के सब्र का बांध टूटने लगा

पुलिस विराट का सुराग नहीं लगा पा रही है। परिजन परेशान हैं। उनके सब्र का बांध टूट रहा है। इधर पुलिस के हाथ अभी भी खाली है। पुलिस उनसे एक ही बात बार पूछती है जिससे परेशान हो चुके हैं। पुलिस को यह भी अंदेशा है कि परिजनों के पास कहीं से फिरौती के लिए काल आया होगा पर वह पुलिस को बता नहीं रही है।

मीडिया से बात करने से परहेज

पुलिस खुद तो कुछ नहीं कर पा रही है। लोगों के सवाल के जवाब भी उसके पास नहीं है। मीडिया उनसे किसी तरह की सवाल पूछती है तो वे जवाब नहीं देते और अब उनपर गुस्सा उतारना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि एक बड़े अफसर ने थानेदारों से मीडिया के लोगों का फोन नहीं उठाने के निर्देश दे रखे हैं।

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