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मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना: तीर्थ दर्शन का 19 दिन पहले बनाया था प्लान, ट्रेन छूटने से 12 घंटे पहले यात्रा रद्द

रायगढ़ (एजेंसी) | समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने वित्तीय स्वीकृति के बिना रायगढ़ और जशपुर के एक हजार लोगों को हरिद्वार, ऋषिकेश और भारत माता घुमाने के लिए कार्यक्रम तय कर दिया। बुधवार को सुबह 10 बजे ट्रेन छूटनी थी। रायगढ़ और जशपुर के डिप्टी डायरेक्टरों को सिर्फ इतना बताया गया कि विषम परिस्थितियों के कारण तीर्थ यात्रा रद्द की गई है।

जिस समय यात्रा रद्द होने का संदेश मिला तब जशपुर के 370 लोग पत्थलगांव के एक ढाबे में रुके थे। उन्हें वहां से ही वापस जाना पड़ा। रायगढ़ के भी लोग सुबह रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए पूरी तैयारी कर चुके थे। उन्हें आनन-फानन में संदेश देकर रोकना पड़ा। समाज कल्याण विभाग की ओर से यात्रा की सूचना मिलने के बाद आईआरसीटीसी ने पूरी तैयारी कर ली थी।

ऐसे में सवाल कि आखिर बिना स्वीकृति के कार्यक्रम कैसे तय कर दिया था

तीर्थ यात्रियों को ले जाने वाली ट्रेन तैयार थी। साथ ही, जहां-जहां ठहरने की व्यवस्था थी, वहां भी सूचित कर दिया गया था। अब आईआरसीटीसी करीब एक करोड़ वसूलने की तैयारी में है। बता दें कि 19 दिन पहले ही कार्यक्रम तय कर लिया गया था। जशपुर से 370 और रायगढ़ से 630 लोग तीर्थयात्रा के लिए जाने वाले थे। विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पंकज वर्मा का कहना है कि वित्तीय स्वीकृति नहीं होने के कारण यात्रा रद्द की गई है।

15000 लोगों को यात्रा कराने की तैयारी

31 मई को विभाग से जो सूचना जारी की गई थी, उसमें 15 हजार वृद्ध व दिव्यांगों को तीर्थयात्रा कराने की तैयारी है। इसमें बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के बुजुर्गों को 4 जून को रायपुर से गंगासागर, बिरला मंदिर, कालीघाट और बिलासपुर व कोरबा के लोगों को 10 जून से 15 जून तक कामाख्या मंदिर, नवग्रह मंदिर, वशिष्ट मुनि आश्रम, उमानंद मंदिर, शिवजी मंदिर, शंकरकला क्षेत्र गुवाहाटी घुमाया गया। इसी कड़ी में 19 जून को रायगढ़ व जशपुर के लोग हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए रवाना होते।

बजट था, इसलिए बंद नहीं की योजना

राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कई योजनाओं को सरकार ने बंद कर दिया या आगे की कार्यवाही रोक दी। इसके विपरीत समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना में पुराना बजट शेष होने के कारण तिरिथ बरथ नाम से घुमाने का निर्णय लिया गया था। विभाग के पास अभी भी 7-8 करोड़ इस मद में हैं। इस वजह से ही 15 हजार लोगों के लिए कार्यक्रम जारी किया गया। अधिकारियों ने समाज कल्याण मंत्री अनिला भेड़िया से स्वीकृति भी ले ली, लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं ली थी।

यात्रा रद्द होने के बाद चंदा कर वाहन बुक किए और अपने घर पहुंचे बुजुर्ग

यात्रा केंसिल होने पर यात्रियों को रात में ब्लॉक मुख्यालय में छोड़ दिया गया। जिसके बाद बुजुर्ग यात्री रात में फंस गए। कई बुजुर्गों ने मिलकर चंदा किया और रात में ही चारपहिया वाहन बुक किया। जिससे वे देर रात को अपने घर पहुंच सके। क्योंकि सभी बुजुर्गों को यात्रा के लिए अपने-अपने घरों से ब्लॉक मुख्यालय बुलाया गया था।

यात्रा हुई निरस्त, सूचना पर यात्रियों को वापस बुलाया 

समाज कल्याण विभाग के उप संचालक फुलसाय देवांगन ने बताया शासन स्तर से विषम परिस्थतियों के कारण यात्रा निरस्त कर दी गई। जैसे ही हमें इसकी सूचना प्राप्त हुई यात्रियों को वापस बुला लिया। विषम परिस्थिति में कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है।

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