chhattisgarh news media & rojgar logo

शिव शक्ति प्लांट सील: दो करोड़ की कोयला चोरी का आरोप, खनिज विभाग व रेवेन्यू टीम ने मारा छापा

रायगढ़ (एजेंसी) | खनिज विभाग व रेवेन्यू की टीम ने मिलकर मंगलवार को रायगढ़ जिले के संबलपुरी क्षेत्र स्थित शिव शक्ति प्लांट (फिलहाल बंद) में दबिश देकर 5600 टन कोयला जब्त किया। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। गारे गांव में नदी के नजदीक अवैध खनन कर कोयला चोरी कर यहां डंप किया गया था। जब्त कोयले की कीमत करीब दो करोड़ रुपए है। अफसरों की टीम ने चार ट्रेलर भी जब्त किए हैं।

अवैध उत्खनन और परिवहन के मास्टरमाइंड तमनार के दीपक गुप्ता और बबूल पटनायक बताए गए हैं। दरअसल टीम ने नदी से प्लांट तक गाड़ियों का पीछा किया जिसके बाद पूरे रैकेट का पता चला। पीछा किया तो देखा कि करीब 2 बजे गाड़ियां माल लेकर बंगुरसिया के पास स्थित शिव शक्ति प्लांट में पहुंची और वहां कोयला डंप करते टीम ने धर दबोचा।

कोयले का उत्खनन होने दिया, फिर पीछा कर अवैध डंपिंग करते रंगे हाथ पकड़ा

गारे गांव के पास कुछ लोगों के नदी किनारे कोयले का अवैध उत्खनन करने की रविवार को सूचना मिली थी। इस पर टीम मौके पर पहुंची तो वहां कुछ ग्रामीण कोयला खोदकर निकालते हुए मिले। पूछताछ की गई तो पता चला कि उन्हें तमनार निवासी बबलू, दीपक और राजेश बेहरा ने दिहाड़ी पर कोयला निकालने के काम पर रखा है। सोमवार देर रात टीम को सूचना मिली कि गारे गांव से अवैध कोयले का उठाव कर चार गाड़ियां निकल रही हैं। टीम मौके पर पहुंची और गाड़ियों को कोयला उठाने दिया। उनका पीछा किया तो देखा कि करीब 2 बजे गाड़ियां माल लेकर बंगुरसिया के पास स्थित शिव शक्ति प्लांट में पहुंची और वहां कोयला डंप करते टीम ने धर दबोचा।

500 मीटर में 50 गड्‌ढे, जहां से कोयला निकाल रहे थे

गारे-पेलमा खदान के अलावा भी उसके समीप के क्षेत्रों में कोयले का भंडार है। पर्यावरण की दृष्टि से पानी को दूषित होने से बचाने और पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए नदी किनारे कोयले के उत्खनन की अनुमति शासन नहीं देती है। नदी किनारे 100 मीटर का हिस्सा सुरक्षित रखा जाता है। आरोपी बीते कुछ सालों से लगातार नदी किनारे कोयला का अवैध उत्खनन कर रहे थे। कंपनी के अंदर डंप हुआ माल भी नदी किनारे का कोयला है। इसकी पुष्टि करने के लिए पकड़े माल के 25-25 किलो सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।

कंप्यूटर साइंस के छात्र निकाल रहे थे दिहाड़ी पर कोयला

एसडीएम की जांच में कोयला खोदते लड़कों को पकड़ा गया तो इनमें कॉलेज स्टूडेंट्स थे। कंप्यूटर साइंस और बीए करने वाले स्टूडेंट्स को दिहाड़ी देकर कोयले की खुदाई कराई जाती थी। जब ये पकड़े गए तो अफसरों को लगा कर मजदूरी के चक्कर में लगे इन लोगों को पकड़ने से अच्छा है पूरा रैकेट पकड़ा जाए और लड़कों को पूछताछ कर छोड़ दिया गया। मिली जानकारी के आधार पर खनिज विभाग शिव शक्ति प्लांट तक पहुंच गया।

इन जगहों पर कोयले की तस्करी सबसे ज्यादा 

घरघोड़ा, लैलूंगा, धरमजयगढ़, तमनार सहित आसपास के क्षेत्रों में कोयले का भंडार है। आरोपी जंगल के अंदर पुराने नालों को खोदते है। इसके अलावा जहां खदानें पहले से हैं, उन जगहों के आसपास के क्षेत्र को सबसे ज्यादा टारगेट किया जाता है। कुछ दिनों पहले ही लैलूंगा और घरघोड़ा में भारी मात्रा में कोयले की खेप पकड़ाई थी। जिले में कोयले तस्करों को पूरा गिरोह काम कर रहा है, जो ग्रामीणों से जंगल के अंदर कोयले का अवैध उत्खनन करा रहे है।

पूरा गिरोह काम कर रहा है 

रायगढ़ के जिला खनिज अधिकारी, एसएस नाग ने बताया कि हमने मुखबिर की सूचना पर जाकर गाड़ियों को पकड़ा है। इसमें पूरा गिरोह काम कर रहा है। प्लांट मालिक, ट्रांसपोर्टस और तस्कर सब आपस में तालमेल बिठाकर अवैध कारोबार को कर रहे थे। जांच में कुछ और नाम सामने आएंगे।

डंप माल भी जब्त किया गया

वही घरघोड़ा एसडीएम, मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि तीन दिन पहले ही हमने रेड किया था। मगर हमें मेन पार्टी तक पहुंचना था। इसलिए हम इंतजार कर रहे थे। चार डंपरों के साथ मौके पर डंप माल को भी जब्त किया गया है। क्योंकि वे उसी क्षेत्र से लाए गए है जहां कोयले का अवैध उत्खनन चल रहा है।

Leave a Reply