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पुलवामा हमला की बरसी पर प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शहीदों को नमन किया, शहीद स्‍मारक का उद्घाटन होगा

नई दिल्ली | पुलवामा हमले की पहली बरसी पर पीएम मोदी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, पिछले साल पुलवामा के भीषण हमले में जान गंवाने वाले बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साथही  ही पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों की याद में बनाए गए स्मारक का लेथपुरा कैंप में शुक्रवार को उद्घाटन किया जाएगा। सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने गुरुवार को स्मारक स्थल का दौरा किया। इस स्मारक में उन शहीद जवानों के नामों के साथ ही उनकी तस्वीरें भी होंगी। साथ ही सीआरपीएफ का ध्येय वाक्य ‘‘सेवा और निष्ठा’’भी होगा।

दरअसल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शुक्रवार को पिछले साल जम्मू एवं कश्मीर बम धमाके में यहां शहीद हुए अपने जवानों को श्रद्धांजलि देगी। पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए जैश-ए-मुहम्मद (जैश) के आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। इस आतंकी हमले में 40 जवान मारे गए थे।

पुलवामा हमले की पहली बरसी पर पीएम मोदी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, पिछले साल पुलवामा के भीषण हमले में जान गंवाने वाले बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि। वे असाधारण व्यक्ति थे, जिन्होंने हमारे राष्ट्र की सेवा और रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। भारत उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शहीदों को याद करते हुए ट्वीट किया कि, ‘आज ही के दिन गत वर्ष पुलवामा में शहीद हुए वीर जवानों की शहादत को कोटि-कोटि नमन करता हूँ। साथ ही लोकतंत्र का सिपाही होने के नाते पुनः सवालों को दोहराता हूँ-

1. 300 किलो RDX कहाँ से आया?

2. हमले की जाँच कहाँ तक पहुँची?

3. शहीदों के परिवारों को न्याय मिल गया?’

सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक जुल्फिकार हसन, महानिरीक्षक कश्मीर क्षेत्र राजेश कुमार और वरिष्ठ अधिकारी व अन्य बल के जवान लेथपुरा स्थित सीआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र में पुलवामा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। हसन ने कहा, ‘निश्चित रूप से यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और हमने इससे सीख ली है। हम अपनी आवाजाही के दौरान हमेशा सतर्क रहते थे, लेकिन अब सतर्कता और बढ़ गई है।’ उन्होंने कहा कि 40 जवानों के सर्वोच्च बलिदान ने देश के दुश्मनों को खत्म करने का हमारा संकल्प मजबूत बना दिया है।

जुल्फिकार हसन ने कहा, “यह एक सम्मान समारोह होगा। एक शहीद स्तंभ का अनावरण पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के नाम के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर एक रक्तदान शिविर भी लेटपोरा में आयोजित किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि इस मौके पर शहीदों के परिजनों को आमंत्रित नहीं किया गया है। हसन ने कहा, “उनके घरों में भी निजी समारोह (बरसी) का कार्यक्रम होगा. इसके चलते यह निर्णय लिया गया।”

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