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नान घोटाला: मुकेश गुप्ता-रजनेश को नोटिस; धरमलाल की हाईकोर्ट में याचिका- एसआईटी जांच रोकी जाए


रायपुर (एजेंसी) | नान घोटाले से जुड़े मामलों में बुधवार को 2 बड़े घटनाक्रम हुए। पहला- फोन टेपिंग के आरोपी डीजी मुकेश गुप्ता और एसपी रजनेश को ईओडब्लू ने नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया। दूसरा- एसआईटी जांच के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौिशक ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगा जांच रोकने की मांग की है। डीजी गुप्ता और रजनेश अपने-अपने घर पर नहीं थे, इसलिए नोटिस तामील नहीं हो सका।

ईओडब्लू अफसरों के अनुसार दो बार नोटिस और दिया जाएगा, फिर भी दोनों उपस्थित नहीं हुए तो फरार घोषित कर दिए जाएंगे। गुप्ता और रजनेश को जब से फोन टेपिंग सहित आधा दर्जन धाराओं में आरोपी बनाया गया है, दोनों तभी से गायब हैं। दोनों को सस्पेंड कर पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है, पर न तो दोनों ने आमद नहीं दी है और न छुट्टी का आवेदन। डीजी गुप्ता और एसपी रजनेश 9 फरवरी को सस्पेंड किए गए थे।




दोनों पर नान घोटाले की जांच के दौरान की गई गड़बड़ी के एवज में 7 फरवरी को पहला केस दर्ज किया गया। वहीं, बिलासपुर के ईई के खिलाफ की गई जांच में भी फोन टेपिंग करने और बाद में केस बनाने के लिए फर्जी दस्तावेज कोर्ट में पेश करने पर 11 फरवरी को दूसरा कस दर्ज किया गया।

डीएसपी दुबे ने लगाई छुट्टी की अर्जी

ईओडब्लू में पदस्थ डीएसपी आरके दुबे ने छुट्टी का आवेदन भेजा है। डीएसपी दुबे 7 फरवरी से गायब हैं। 7 फरवरी को दुबे ने अफसरों को बताया था कि डीजी गुप्ता और रजनेश के दबाव में आकर उन्होंने फोन टेपिंग मामले में गड़बड़ी की। बयान देने के कुछ घंटों के बाद दुबे ने कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि ईओडब्लू आईजी एसआरपी कल्लूरी और एसपी कल्याण ऐलेसेला ने बंधक बनाकर जबरन उनसे बयान लिखवाए।



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