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आज सुबह से बस्तर में वोटिंग जारी, नक्सली हमले के बाद भी लोग निकले मतदान करने, सुबह 9 बजे तक 10.2% मतदान

दंतेवाड़ा (एजेंसी) | पहले चरण में गुरुवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। बस्तर लोकसभा सीट के लिए 8 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता पोलिंग बूथ पर पहुंचने लगे हैं। चुनाव से दाे दिन पहले हुए नक्सली हमले और इसमें भाजपा विधायक भीमा मंडावी की मौत व 4 जवानों की शहादत भी लोगों के हौसले को पस्त नहीं कर सकी। इसी का नतीजा है कि सुबह 9 बजे तक 10.2 फीसदी मतदान हो गया था।

मतदाताओं में उत्साह, नक्सलियों से न डरेंगे, न डिगेंगे

दंतेवाड़ा का वही श्यामगिरी इलाका जो दो दिन पहले नक्सली हमलों से गूंज उठा था। मतदान कर महिलाओं ने ही नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। यहां महिलाएं, वृद्ध, युवा मतदाता 4 किमी दूर से पैदल चलकर सुबह 6.30 बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। वहीं दंतेवाड़ा के ही संगवारी मतदान केंद्र पर मतदाता सुबह 6.45 बजे से ही लाइन में लग गए।

लाइव अपडेट 

  • दंतेवाड़ा के किरंदुल – बचेली मार्ग पर बम होने की खबर निकली अफवाह। बीडीएस टीम ने सड़क खोदकर किया चेक, नहीं मिला बम, एसडीओपी धीरेंद्र पटेल ने की पुष्टि।
  • सुकमा में आबकारी व उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने अपने गृह ग्राम नागारास के मतदान केंद्र क्रमांक 34 में सपरिवार किया मतदान।
  • एक ओर जहां नक्सली चुनाव का विरोध और बहिष्कार कर रहे हैं। वहीं दूसरे ओर कभी उनके साथी रहे और अब सरेंडर कर चुके वेट्‌टी रामा व अर्जुन कोंटा के बूथ क्रमांक 210 पर मतदान करने आए लोगों को सुरक्षा दे रहे हैं।
  • दंतेवाड़ा के किरंदुल के गजराज कैम्प की ईवीएम हुई खराब। अधिकारी पहुंचे मतदान केंद्र बस्तर लोकसभा क्षेत्र में सुबह 7:00 से 9:00 के बीच 10.2 प्रतिशत का मतदान हो गया है।
  • बीजापुर में मतदान से पहले आईईडी विस्फोट करने जा रहे चार नक्सली गिरफ्तार। एरिया डोमिनेशन पर निकले जवानों ने पकड़ा, तीन देशों में बनी बंदूकें भी बरामद। पकड़े गए सभी माओवादी माड़ डिवीजन के सदस्य, बेंद्रे इलाके में विस्फोट का था षड्यंत्र।
  • मतदान के दौरान नारायणपुर में नक्सलियों ने किया आईईडी ब्लास्ट, फरसगांव और दण्डवन के बीच घटना। कोई हताहत नहीं। एसपी मोहित गर्ग ने घटना की पुष्टि की है।
  • दंतेवाड़ा के कुआकोंडा के हल्बारास पोलिंग बूथ में नक्सलियों ने टांगे पोस्टर। मतदान न करने की धमकी। जवानों ने बैनर-पोस्टर हटाए। मतदान चालू है। बूथ से लगे पहाड़ियों में भारी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की खबर।
  • सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा क्षेत्र में सुबह सुबह मतदान के लिए उमड़े मतदाता।
  • कोंटा में साप्ताहिक बाजार सुबह से ही सूना। मतदान के चलते अंदरूनी क्षेत्रो से ग्रामीण और व्यापारी नहीं पहुंचे।

चार विधानसभा में 3 बजे तक ही होगी वोटिंग

बस्तर लोकसभा के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं। इनमें से सात अनूसूचित जनजाति और एक सामान्य के लिए आरक्षित है। इनमें जगदलपुर, कोंडागांव (एसटी), नारायणपुर (एसटी), बस्तर(एसटी), चित्रकूट (एसटी), दंतेवाड़ा (एसटी), बीजापुर (एसटी) और कोंटा (एसटी) शामिल है। इनमें 7 कांग्रेस के पास हैं और केवल एक दंतेवाड़ा सीट पर भाजपा का कब्जा है। दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर और कोंटा विधानसभा क्षेत्र सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित हैं। ऐसे में यहां पर मतदान सुबह 7 बजे से 3 बजे तक ही होगा। शेष क्षेत्रों में शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे।

बस्तर लोकसभा सीट से जुड़ी कुछ खास बातें

  • बस्तर सीट पर 7 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
  • प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 5 जिलों की 8 विधानसभा क्षेत्रों के 13 लाख 77 हजार 946 मतदाता करेंगे।
  • कुल मतदाताओं में 7 लाख 15 हजार 550 महिलाएं, 6 लाख 62 हजार 355  पुरुष और 41 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।
  • मतदान के लिए1880 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 2 सहायक मतदान केंद्र शामिल हैं।  इस लोकसभा क्षेत्र में 224 अति संवेदनशील मतदान केंद्र हैं। वहीं 512 संवेदनशील मतदान केंद्र हैं।
  • नक्सलियों के चुनाव बहिष्कार को देखते हुए 294 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का स्थान बदला गया है।
  • इन बूथों के करीब 1 लाख से अधिक मतदाताओं को वोट करने के लिए अपने गांव से 15 से 35 किलोमीटर दूर तक जाना होगा। इनमें
  • बीजापुर जिले के भोपलपटनम, दंतेवाड़ा जिले के नीलावाया, सुकमा के पूवर्ती जैसे बूथ शामिल हैं।
  • मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए इस बार 350 कंपनियां आई हैं, जबकि विधानसभा चुनाव में 500 कंपनियों की तैनाती बस्तर में की गई थी। 50 हजार जवान बस्तर में पहले से तैनात हैं।
  • बस्तर लोकसभा सीट पर भाजपा ने जहां नए चेहरे पर दांव लगाते हुए बैदूराम कश्यप को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस ने अपने वर्तमान विधायक दीपक बैज को प्रत्याशी बनाया है।
  • वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के बाद यह दूसरा मौका होगा, जब एक बार फिर बैदूराम कश्यप और दीपक बैज आमने-सामने होंगे।
  • इससे पहले चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे बैदूराम को दीपक बैज के सामने हार का सामना करना पड़ा था।
  • आजादी के बाद से लोकसभा चुनावों के दौरान यहां निर्दलियों का झंडा लहराता था। कांग्रेस ने उनके वर्चस्व को तोड़ा और अपना गढ़ बना लिया।
  • बावजूद इसके 20 साल से इस सीट से लगातार कमल ही खिलता आ रहा है। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद हुए तीनों लोकसभा चुनाव में भाजपा ही यहां से जीती है।

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