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पत्नी को मंत्रालय में बड़ा अधिकारी बताकर चपरासी की नौकरी दिलाने का झांसा, 17 बेरोजगारों से ठगे 24 लाख

कवर्धा (एजेंसी) | कवर्धा जिले के बेरोजगार युवक ने खुद को सब इंस्पेक्टर ओर पत्नी को मंत्रालय में बड़ा अधिकारी बताकर बेरोजगारों से 23 लाख की ठगी कर ली। उसने अपने पिता को सिंचाई विभाग में एसडीओ भी बताया। उसने बेजारोजगारों को चपरासी की पक्की नौकरी दिलाने का वादा किया और किसी से एक दो किसी से डेढ़ लाख ले लिए। 17 बेरोजगारों से 24 लाख लेने के बाद उसने फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। सच सामने आने के बाद बेरोजगारों ने पैसे मांगे। उसने उनके पैसे भी नहीं लौटाए। उसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार मूलत: कवर्धा का रहने वाला शेख असलम रजा (27) बेरोजगार है। वह रायपुर में किराए पर रहता है। उसने कवर्धा में सभी को ये बताया है कि वह सब इंस्पेक्टर है। उसने वहां के लोगों को झांसा देने के लिए वर्दी भी बनवा रखी है। वह अपनी पत्नी को मंत्रालय का बड़ा अधिकारी बताया था। उसी की पहचान बताकर लोगों को नौकरी लगाने का झांसा देता था। खल्लारी का पोखेंद्र पटेल भी उसके लिए काम करता था।




वह बेरोजगारों को फंसाकर उसके पास लाता और असलम उनसे पैसे वसूलता था। पोखेंद्र ने अपने साले से भी ठगी की है। अपने साले भरत पटेल को मंत्रालय में प्यून की नौकरी लगाने का झांसा दिया। उसे लेकर वह असलम के पास गया। असलम ने उसे बातों में फंसाया। उससे एक लाख ले लिए। आरोपी उन्हें लेकर मंत्रालय भी ले गया था। वहीं पर पैसे लिए। उसके बाद नौकरी जल्दी दिलाने का वादा कर लौटा दिया, लेकिन एक साल बाद भी नौकरी नहीं लगायी।

ठगी में कलेक्टोरेट का कर्मचारी गिरफ्तार

कलेक्टोरेट में नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी करने वाले आदिम जाति कल्याण के एक कर्मचारी को पुलिस ने सोमवार रात गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 17 से ज्यादा युवक-युवतियों को नौकरी लगाने का झांसा दिया और 21 लाख ले लिए। उनकी नौकरी तक नहीं लगाई। पुलिस के मुताबिक महासमुंद का बच्चू खान आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ है।

नौकरी के दौरान कई अफसरों से उसकी पहचान हो गई। उनके माध्यम से कुछ लोगों की नौकरी लगाई थी। उसी के आधार पर लोगों का झांसा देने लगे। अपने रिश्तेदारों को सबसे पहले शिकार बनाए। एक से डेढ़ लाख रुपए ले लिए। इसी तरह लोग उनके पास नौकरी के लिए आने लगे। रायपुर के राजू चौधरी ने भी डेढ़ लाख कलेक्टोरेट में प्यून की नौकरी लगाने के नाम पर दिया था। आरोपी एक साल तक घुमाता रहा। फिर पैसे लौटाने की बात कही, लेकिन पैसे भी नहीं लौटाए। इसी तरह से उसने 17 लाेगों से पैसे लिए है। आरोपी की पोस्टिंग रायपुर कलेक्टोरेट स्थिति आदिम जाति विभाग में है। आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया है।

छोटी-छोटी रकम लेता था, ताकि लोग न करें परेशान 

असलम बहुत शातिर है। उसे पता था कि मोटी रकम लेने से लोगों उसे परेशान करेंगे, इसलिए वह छोटी-छोटी रकम लेता था। वह लोगों से 70 हजार से एक और 1.50 लाख ही लेता था। ताकि लोग उसे परेशान न करें। उसने मंत्रालय में प्यून, डाटा ऑपरेटर से लेकर बाबू की नौकरी लगाने का झांसा दिया था। उसने रायपुर के सुभाष बघेल से 70 हजार, खिलेंद्र साहू से 1.50 लाख, नोहर निर्मलकर से 1.50 लाख, टिकेश पटेल से 1.30 लाख , बलराम ध्रुव से 1.40 लाख समेत अन्य लोगों से पैसे लिए है। सभी ने टिकरापारा थाने में लिखित शिकायत की है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। आरोपी के पकड़े जाने के बाद टिकरापारा में केस दर्ज किया गया।

ठगी के पैसे खरीदा कार-बाइक

असलम ने ठगी के पैसे से कार और बाइक खरीदा है। जबकि वह बेरोजगार है। उसने 23 लाख अपने शौक पूरा करने में खर्च कर दिए। वह ठगी के पैसे बाहर घूमने भी गया था। वह पोखेंद्र को कमीशन के तौर पर डेढ़ लाख में 40-50 हजार देता था। आरोपियों ने ज्यादातर अपने रिश्तेदार और ग्रामीण लोगों को अपना शिकार बनाया है।



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