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राज्य के सरकारी होटल मैनेजमेंट संस्थान में खर्च किए 24 करोड़, 3 लोगों की नियुक्ति ही गलत इसलिए नहीं मिली मान्यता, रिजल्ट शून्य

रायपुर (एजेंसी) | राज्य के पहले सरकारी होटल मैनेजमेंट संस्थान (आईएचएम) में तीन फैकल्टी की गलत नियुक्ति के कारण पिछले पांच साल से मान्यता नहीं मिली है। इस बीच 18 फैकल्टी की नियुक्ति की जा चुकी है, जिनके वेतन पर हर साल एक करोड़ से ज्यादा का खर्च किया जा रहा है।

छह महीने पहले विभाग ने दो असिस्टेंट लेक्चरर और एक सुपरिंटेंडेंट को हटाने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक उन्हें हटाया भी नहीं गया है। संस्थान के प्राचार्य और पर्यटन मंडल के एमडी का कहना है कि हटाने के लिए नोटिस दिया गया है और नए सिरे से मान्यता के लिए कोशिश की जा रही है।




छह माह पहले स्टाफ को हटाने के हुए थे आदेश, पर अभी तक कर रहे काम

इस पूरे मामले में सभी नियुक्तियों पर ही सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बता दें कि 13 साल पहले केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने राज्य में होटल मैनेजमेंट संस्थान खोलने की मंजूरी दी थी। 2008 में सरकार ने पहली बार बजट मंजूर किया था। 2013 में नया रायपुर स्थित संस्थान में फैकल्टी की नियुक्तियां की गईं।

सीएजी ने भी की थी नियुक्ति पर आपत्ति

तीन साल पहले नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में भी संस्थान में खर्च की गई राशि को लेकर आपत्ति जताई गई थी। सीएजी ने राशि के अनुपयोगी रहने और यहां की गई नियुक्तियों को गलत माना था।

संस्थान में सभी नियुक्तियां गलत 

आरटीआई एक्टिविस्ट उचित शर्मा के मुताबिक होटल मैनेजमेंट संस्थान में जितनी नियुक्तियां की गई हैं, वे सभी गलत हैं। पर्यटन विभाग तीन को हटाकर अन्य को बचाने की कोशिश कर रहा है। जब तीनों नियुक्तियां गलत साबित हुई हैं तो उन्हें अब तक हटाया क्यों नहीं गया?




हटाने में इतनी देर क्यों लगा दी? 

पर्यटन मंडल के एमडी व होटल मैनेजमेंट संस्थान के प्राचार्य एमटी नंदी के मुताबिक तीन लोगों की नियुक्तियां गलत थीं। इस वजह से नेशनल कौंसिल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी से मान्यता नहीं मिली। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर तीनों को हटाया क्यों नहीं गया?

पिछले साल मई महीने में पर्यटन विभाग ने तीनों को हटाने का आदेश दिया था। अब तक तीनों काम कर रहे हैं।राष्ट्रीय स्तर के होटल मैनेजमेंट के संस्थान के लिए करोड़ों रुपए की बिल्डिंग तो तैयार हो गई लेकिन मान्यता नहीं मिलने के कारण यहां हुनर से रोजगार कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

नोटिस भेजा गया है

एमटी नंदी, एमडी व प्राचार्य ने कहा, “सरकार की तरफ से दो असिस्टेंट लेक्चरर और एक सुपरिंटेंडेंट को हटाने का आदेश मिला है। इनकी नियुक्ति गलत थी। होटल मैनेजमेंट से संबंधित नहीं होने के बावजूद इनकी नियुक्ति की गई थी। इनको हटाने के लिए नोटिस भेजा गया है। इनको हटाने के बाद नए सिरे से मान्यता के लिए प्रयास किया जाएगा।”



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