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राज्यपाल पहुंची सूपेबेड़ा, रो पड़ा ग्रामीण कहा- अगर सरकार चाहती तो 71 मौतें न होतीं

गरियाबंद (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके मंगलवार को गरियांबद जिले के सूपेबेड़ा पहुंचीं। इस गांव में लगभग हर परिवार के लोग किडनी की बीमारी से परेशान हैं। राज्यपाल ने लोगों से बात-चीत भी की। गांव के ही त्रिलोचन साहू ने माइक लेकर राज्यपाल से बात की। साहू ने कहा कि सरकार और प्रशासन के लोग तो आ रहे हैं, लेकिन पहले ही सरकार कुछ करती तो अब तक 71 मौतें न होती।

इस दर्द को बयां करते वक्त साहू का गला भर आया। त्रिलोचन के पिता समेत, परिवार के 17 लोगों की मौत किडनी की बीमारी से हो चुकी है। इस दौरे में राज्यपाल मौजूदा सरकार के कामों से संतुष्ट नजर आईं। उन्होंने लोगों से शासन की तरफ से दी जा रही स्वास्थ सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की।

खदानों में ब्लास्ट की वजह से दूषित हुआ पानी

राज्यपाल के दौरे के चलते इस दौरान यहां स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने लोगों से कहा कि सरकार चिंतित है यहां की पीड़ा से, मैं भी जानने आई हूं. 10 साल से चली आ रही परेशानी अब तक ठीक क्यों नहीं हुई? क्या कारण है कि बीमारी का अंत नहीं हो रहा है? यहां के पानी में हैवी मैटल है, हीरे के खदान को लेकर ब्लास्टिंग हुई थी।

जिसके कारण पानी दूषित हुआ, और भी कारण है जिसका पता लगाना जरूरी है। दिल्ली के एक्सपर्ट को बुलाएं मंत्री जी से मैंने कहा है, मुझे खुशी हुई है कि तेल नदी के सेनमूड़ा घाट पर पुल के लिए 10 करोड़ की मंजूरी दी गई, दो साल के अंदर काम पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही राज्यपाल ने ग्रामीणों से कहा कि अब कोई भी समस्या हो तो मुझे भी बताएं, मेरी भी जिम्मेदारी बन गई है. मैं व्यक्तिगत तौर पर भी जितनी मदद कर सकती हूं वो मैं करूंगी।

किडनी की बीमारी की वजह से शिक्षाकर्मी प्रदीप छेत्रपाल की मौत हो गई थी। उनकी पत्नी वैदेही छेत्रपाल ने राज्यपाल से कहा कि अनुकंपा नियुक्ति देरी हो रही है। इसपर राज्यपाल ने नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने तक उसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रुप में 8 हजार रुपये प्रति महीने के वेतन पर नौकरी देने का ऐलान किया। मंत्री सिंहदेव ने लोगों से कहा कि किडनी पीड़ितों को अपने उपचार के लिए एक पैसे भी खर्च नहीं करना पड़ेगा, अगर कहीं पैसा लगा तो उसका भुगतान मैं करुंगा।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं

सरकारी रिकॉर्ड में मौत की संख्या 2005 से 71 है,जबकि ग्रामीणों के मुताबिक अब तक 113 लोगो की मौत यहां किडनी की बीमारी से हो चुकी है। जांच व इलाज के लिए सरकार ने एम्स को जिम्मा दिया है। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के अलावा विशेषज्ञ डॉ जयप्रकाश पटेल कि पदस्थापना आदेश जारी किया गया। पर सच्चाई यह है कि पटेल साहब यहां पहुंचते ही नहीं।

हाल ही में जांच के लिए आई एम्स की टीम के साथ जरुर दिखे थे। तेल नदी के पानी को लाने की वृहद परियोजना, सुपेबेड़ा पहूंच मार्ग पर तेलनदी के सेनमूड़ा घाट पर अधूरी पड़ी योजना के लिए दोबारा मंजूरी दी गई। सुपेबेड़ा के अलावा पास के 9 गांव जल प्रदाय की वृहद योजना के लिए 8 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव भेजा गया है,जो अब तक विचाराधीन है।

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