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गोंदेरास के जंगल में तड़के हुई सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में महिला नक्सली सहित दो वर्दीधारी ढेर, हथियार सहित तमाम सामान बरामद

दंतेवाड़ा (एजेंसी) | जिला पुलिस और डीआरजी की संयुक्त टीम ने गोंडेरास क्षेत्र के घने जंगलो में बुधवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के कैंप पर धावा बोल दिया। दोनों ओर से चली फायरिंग के दौरान सुरक्षाबलों ने महिला नक्सली सहित दो वर्दीधारी नक्सलियों को मार गिराया। हालांकि बाकी नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकलने में कामयाब हुए। मारे गए नक्सलियों की अभी शिनाख्त नहीं हो सकी है।

करीब एक घंटे से ज्यादा चली इस मुठभेड़ में जवानों ने महिला नक्सली सहित दो वर्दीधारी को ढेर कर दिया। पुलिस ने मौके पर हथियार सहित भारी मात्रा में सामान बरामद किया है। खास बात यह है कि पहली बार नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में महिला कमांडों को भी शामिल किया गया। जवानों को मौके से इंसास राइफल, 12 बोर बंदूक के साथ सामानों का जखीरा बरामद हुआ है।

दंतेवाड़ा-सुकमा बॉर्डर के जंगलों में 30 से ज्यादा कैंप लगा रखे थे नक्सलियों ने

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को दंतेवाड़ा-सुकमा बॉर्डर पर गोंदेरास के जंगलों में मंगलवार को बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। साथ ही यह भी पता चला था कि वहां पर नक्सलियों के कई बड़े नेताओं की भी मौजूदगी है। इस पर अरनपुर थाने से एसटीएफ और डीआरजी की एक टीम बनाकर देर शाम उन्हें रवाना किया गया। इसके बाद टीम वहां पहुंची तो पता चला कि नक्सलियों ने 30 से ज्यादा कैंप लगा रखे थे। जवानों ने घेराबंदी की और तड़के 5 बजे मुठभेड़ शुरू हो गई।

करीब एक घंटे से ज्यादा चली इस मुठभेड़ में जवानों ने महिला नक्सली सहित दो वर्दीधारी को ढेर कर दिया। बाकी नक्सली जंगल का फायदा उठाते हुए भाग निकले। जवानों के मुताबिक, मौके से भागे नक्सलियों में से कई को गोली भी लगी है। जवानों को मौके से इंसास राइफल, 12 बोर बंदूक के साथ सामानों का जखीरा बरामद हुआ है। हालांकि इसमें क्या-क्या और है, ये जवानों के लौटने के बाद ही पता चल सकेगा। दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।

पहली बार मुठभेड़ में शामिल हुई महिला कमांडो

नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में पहली बार महिला कमांडो को भी शामिल किया गया। टीम के साथ 10 महिला कमांडो भेजी गई थीं। यह महिला कमांडो जिला पुलिस बल का हिस्सा हैं। इनमें सरेंडर कर चुकी महिला नक्सली भी शामिल हैं। जिस टीम ने नक्सलियों के साथ मुठभेड़ की, उसमें 2-3 सरेंडर महिला नक्सली भी शामिल थीं।

बंद कराए गए मोबाइल टावर

इस मुठभेड़ से पहले उस क्षेत्र के सभी मोबाइल टावर पुलिस ने बंद करा दिए थे। इसका बड़ा कारण कि नक्सलियों के संतरी जवानों के पहुंचने की सूचना न दें सकें।

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