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छत्तीसगढ़ संवाद में पारित बजट का दुगुना खर्च कर दिया; घोटाले की आशंका, जाँच शुरू

रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ सरकार की जनसंपर्क विभाग की सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा भाजपा शासन में पारित बजट का दुगुना करोडो रुपए खर्च कर दिया गया। बघेल की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने लगभग 21 आउटसोर्स एजेंसियों को दिए गए करोड़ों रूपए के काम और भुगतान पर गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जांच बिठा दी गई है। इस बात का खुलासा अभी दो दिन पहले ही हुआ है।

बता दे जनसम्पर्क विभाग की ओर से 250 करोड़ का बजट पारित हुआ था लेकिन 400 करोड़ रूपए खर्च कर दिए गए। इस पर गड़बड़ी की आशंका है। आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा ने अनियमितता की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी टेंडर प्रक्रिया से लेकर एजेंसियों को दिए गए काम की बारीकी से जांच करेगी। संवाद के संचालक उमेश मिश्र के नेतृत्व में इस कमेटी का गठन किया गया है।




इसका खुलासा दो दिन पहले जब नए आयुक्त सिन्हा ने विभागीय बैठक ली उसमें बजट की चर्चा के दौरान हुआ। इस खुलासे से सिन्हा भी सकते में आए। यह बात सामने आई कि साल भर के लिए बजट 240-25- करोड़ का बजट दिया गया था। पर पिछले तीन महीने में उससे अधिक खर्च कर डाले। ऐसे-ऐसे भुगतान किए गए हैं जिनके एवज में काम नजर नहीं आते।

आचार संहिता लगने के ठीक पहले तक करीब चार सौ करोड़ रूपए के टेंडर जारी

जनसंपर्क विभाग की सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ संवाद की वित्तीय वर्ष 2018-19 देनदारियों के परीक्षण के दौरान इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ था। दरअसल पिछली सरकार ने चुनावी साल में प्रचार-प्रसार सहित अन्य मदों में खर्च होने वाली राशि के लिए करीब ढाई सौ करोड़ रूपए का बजट का प्रावधान किया था, लेकिन आचार संहिता लगने के ठीक पहले तक करीब चार सौ करोड़ रूपए के टेंडर जारी कर दिए गए। यानी यह रकम विभाग के लिए अलाटेड ढाई सौ करोड़ रूपए के बजट से डेढ़ सौ करोड़ रूपए ज्यादा है।

21 आउटसोर्स एजेंसियों को करेंगे टर्मिनेट

विभागीय सूत्र बताते हैं कि कुल 21 बाहरी एजेसियों को करोड़ों रूपए का काम दे दिया गया। कई एजेंसी ऐसी भी हैं, जो टेंडर शर्तों की पात्रता भी पूरी नहीं करती थी, लेकिन उन्हें भी काम दिया गया, लिहाजा विभाग अब इन एजेंसियों को टर्मिनेट करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। जल्द ही इन एजेंसियों को टर्मिनेट कर दिया जाएगा।

जांच कमेटी में ये होंगे सदस्य

जांच कमेटी में स्वराज दास, जमुना सांडिया, पंकज गुप्ता, आर के क्षत्रे और शरतचंद्र पात्र शामिल किए गए हैं। जांच के दौरान कमेटी को यह अधिकार दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों से सहयोग भी ले सके।



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