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छत्तीसगढ़ में सीबीआई बैन; आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार ने वापस ली सहमति

रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने सीबीआई को बैन कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर गृह विभाग ने गुरुवार को केंद्रीय कार्मिक, जनशिकायत एवं पेंशन मामले तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर कहा है कि प्रदेश का गृह विभाग सीबीआई के संबंध में वर्ष 2001 में केंद्र को दी गई सहमति वापस लेता है, जिसके तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सीबीआई को छत्तीसगढ़ में प्रकरणों की जांच के लिए अधिकृत करने की अधिसूचना जारी की गई थी। इससे पहले आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने-अपने राज्य में सीबीआई की एंट्री बैन कर दी थी।

सीबीआई ने राज्य गठन के बाद से 18 साल में की आधा दर्जन मामलों की जांच सभी मामलों में पेश हो चुकी है रिपोर्ट

राज्य में बीते 18 वर्षों के दौरान सीबीआई की ओर से आधा दर्जन मामलों की जांच की जा चुकी है। इनमें रामावतार जग्गी हत्याकांड, बिलासपुर के पत्रकार सुशील पाठक और छुरा के उमेश राजपूत की हत्या, एसईसीएल कोल घोटाला, आईएएस बीएल अग्रवाल रिश्वत कांड, भिलाई का मैगनीज कांड और पूर्व मंत्री राजेश मूणत की कथित अश्लील सीडी कांड।




फैसले की वजह

लोकसभा चुनाव से ऐन पहले बड़ा कदम। प्रदेश की जांच एजेंसियों को जांच का जिम्मा दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सरकार विशेष जांच दल गठित कर देगी, जो अफसरों के साथ न्यायिक अधिकारियों के नेतृत्व में बनाए जा सकते हैं।

क्या कहता है कानून

सीबीआई गठन के कानून में ही राज्यों से सहमति लेने का प्रावधान सीबीआई दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम-1946 के जरिए बनी संस्था है। अधिनियम की धारा-5 में देश के सभी क्षेत्रों में सीबीआई को जांच की शक्तियां दी गई हैं। पर धारा-6 में कहा गया है कि राज्य सरकार की सहमति के बिना सीबीआई उस राज्य के अधिकार क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकती है। आंध्र और प. बंगाल सरकार ने धारा-6 का ही इस्तेमाल करते हुए सहमति वापस ले ली है।

राज्य के अधिकार का हनन हो रहा था

एनडीए सरकार ने सीबीआई की विश्वसनीयता संकट में डाल दी है। सीबीआई को जिस तरह से राज्य में आकर काम करने की छूट दी गई थी, उससे कानून व्यवस्था पर राज्य के अधिकारों का हनन हो रहा था। नए आदेश से सीबीआई का प्रदेश में आना प्रतिबंधित नहीं हुआ है। लेकिन अब कार्रवाई से पहले राज्य से अनुमति लेनी होगी। भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री

राज्य हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट के आदेश मानने को मजबूर

सीबीआई खुद मामले की जांच शुरू नहीं कर सकती। राज्य और केंद्र सरकार के कहने या हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही जांच कर सकती है।



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