chhattisgarh rojgar logo
telegram group   Chhattisgarh Rojgar Facebook Page  Chhattisgarh Rojgar twitter  Chhattisgarh Rojgar Youtube Channel

244 एकड़ में लगाई सागौन की नर्सरी देखरेख नहीं होने पर काटे जा रहे पेड़

रायपुर (एजेंसी) | बिलासपुर से मुलमुला के बीच कुटीघाट और आरसमेटा रोड में वन विभाग द्वारा करीब दस साल पहले सागौन की नर्सरी लगाई गई थी। उस नर्सरी के पौधे अब बड़े हो गए हैं। हालांकि अभी पौधे इतने मजबूत नहीं हो पाए हैं कि सागौन लकड़ी का उपयोग घरों में खिड़की, दरवाजा या अन्य कार्यों के लिए किया जा सके। फिर भी इसमें से जलाऊ लकड़ी के लिए पेड़ों की कटाई हो रही है।

मुलमुला बिलासपुर मुख मार्ग के दोनों तरफ सागौन का पौधा तीन अलग अलग रकबा में करीब 244 एकड़ एरिया में लगाया गया था। ये पौधे अब बढ़ कर छोटे जंगल की तरह हो गए हैं। शुरूआत में इस क्षेत्र को फेंसिंग तार के घेरे से सुरक्षित किया गया था परन्तु घेरे में उपयोग किए गए सीमेंट के खंभे टूट चुके हैं। इस वजह से सागौन के इस छोटे जंगल में लोग आसानी से प्रवेश कर जाते हैं तथा लकड़ी काटकर ले जा रहे हैं।

देखरेख से बनाया जा सकता है अच्छा

बिलासपुर-शिवरीनारायण मुख्यमार्ग में सड़क के दोनों ओर सागौन के बड़े बड़े पेड़ हैं। यदि वन विभाग द्वारा इसकी अच्छी देखरेख कर दी जाए। इसे फिर से फेंसिंग तारों से घेरा कर दिया जाए तो इसे पिकनिक स्पॉट की तरह विकसित किया जा सकता है।

जहां पगडंडी नहीं थी वहां अब बड़ी गाड़ियां चलती है

शाम के समय यह असमाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है, जिसके कारण कभी भी अनहोनी होने की संभावना है। जंगल के बीच से पहले पैदल चलना कठिन था, लेकिन पेड़ों की कटाई के कारण न केवल बाइक बल्कि अब बड़ी गाड़ियांं भी इसी के बीच से हाेकर गुजरती है। इससे भी पेड़ को नुकसान हो रहा है।

Leave a Reply