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‘गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही’ जिला का नाम बदलकर ‘नर्मदांचल’ करने की मांग

बिलासपुर (एजेंसी) | पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही’ जिला का नाम बदलकर ‘नर्मदांचल’ कर दिया जाये क्योकि यहाँ के लोग नर्मदा नदी के प्रति गहरी आस्था रखता है, इसलिए जिले का नाम गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से बदलकर नर्मदांचल करने की मांग कांग्रेस सरकार से करते हैं। जब उनसे नया जिला बनाने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि  जब वे मुख्यमंत्री बने तो खजाना खाली था।

जब मै सीएम बना तो खज़ाना खाली था -अजित जोगी

केवल 4 हजार करोड़ का बजट था और प्रदेश में 3 साल तक भीषण अकाल पड़ा। न कोई जिला बनाया न तहसील। बनाते तो लोगों को सड़क, बिजली और पानी कैसे देते? केवल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही इलाके के नेता तो नहीं हैं। पूरे प्रदेश के नेता हैं। इसलिए नया जिला बनाकर राजनीति को वहीं तक समेटने जैसी बात नहीं है। जोगी से पूछा गया था कि उन्होंने क्यों जिला नहीं बनाया? उन्होंने कहा कि पूरा इलाका नर्मदा नदी के प्रति गहरी आस्था रखता है, इसलिए जिले का नाम गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से बदलकर नर्मदांचल करने की मांग कांग्रेस सरकार से करते हैं।

उन्होंने बस्तर में नक्सलियों द्वारा अपहृत 6 आदिवासियों को छुड़ाने में सीएम के सलाहकार रुचिर गर्ग की मदद लेने, 1500 हाथियों के बेहतर पुनर्वास के लिए बड़ा पार्क बनाने, खदानें कैंसिल करने की बात कही।

निगम सीमा में शामिल न करें नगर पंचायतों को

जोगी ने कहा कि निगम सीमा में सिरगिट्‌टी, तिफरा व सकरी नगर पंचायत को शामिल नहीं करना चाहिए। ये निकाय अपने दम पर बेहतर तरीके से संचालित हैं। हां, कुछ ऐसे पंचायतों को जरूर शामिल करना चाहिए जो अब शहर के दायरे में आ चुके हैं। जोगी ने कहा कि निकाय चुनाव में पार्षद महापौर व अध्यक्ष चुनेंगे। अगर ऐसा हुआ तो पार्षदों को खरीदा जाएगा। उन्हें बैंकाक व सिंगापुर की सैर कराई जाएगी। इससे तो लगता कि भूपेश सरकार लो

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